मूल्यह्रास, प्रावधान और आरक्षित निधि — कक्षा 11 लेखाशास्त्र नोट्स
मूल्यह्रास, प्रावधान और आरक्षित निधि · कक्षा 11 लेखाशास्त्र · 10 टॉपिक.
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मूल्यह्रास, प्रावधान और आरक्षित निधि में शामिल टॉपिक
1.मूल्यह्रास, प्रावधान और आरक्षित निधियों का परिचय
संक्षिप्त उत्तर
घटाव (Depreciation) का मतलब है — किसी स्थायी संपत्ति की कीमत में समय के साथ कमी आना।
प्रावधान (Provision) वह राशि होती है जो भविष्य के निश्चित खर्च या हानि के लिए अलग रखी जाती है।
आरक्षित निधि (Reserve) लाभ का वह भाग होता है जो भविष्य की आवश्यकताओं या मजबूती के लिए बचाकर रखा जाता है।विस्तृत व्याख्या
किसी भी व्यवसाय में यह आवश्यक है कि हम संपत्तियों की घटती कीमत, संभावित भविष्य के खर्च और बचत की योजना को ठीक से दर्ज करें। ये तीनों बातें लेखांकन में बहुत महत्वपूर्ण हैं:
1. घटाव (Depreciation)
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जब किसी स्थायी संपत्ति जैसे मशीन, बिल्डिंग, फर्नीचर आदि की कीमत समय के साथ घटती है, तो उसे घटाव कहते हैं।
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यह उपयोग, समय, तकनीकी बदलाव या पुरानी हो जाने के कारण होता है।
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घटाव एक गैर-नकद खर्च होता है, लेकिन वास्तविक लाभ जानने के लिए इसे खाते में दिखाना जरूरी है।
महत्व:
अगर हम संपत्तियों का मूल्य हर साल कम नहीं करें, तो बैलेंस शीट में गलत (अधिक) मूल्य दिखेगा।2. प्रावधान (Provision)
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प्रावधान वह राशि होती है जो लाभ में से निकालकर किसी ज्ञात खर्च या हानि के लिए रखी जाती है, चाहे उसकी सटीक राशि ज्ञात न हो।
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इसे खर्च माना जाता है और यह लाभ को घटा देता है।
उदाहरण:
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शंकाास्पद ऋणों के लिए प्रावधान (Bad Debts Provision)
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कर के लिए प्रावधान (Provision for Tax)
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घटाव के लिए प्रावधान
3. आरक्षित निधि (Reserve)
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यह लाभ का वह हिस्सा होता है जो व्यवसाय की मजबूती या भविष्य की योजनाओं के लिए बचाकर रखा जाता है।
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इसे लाभ के बाद बनाया जाता है और यह लाभ को नहीं घटाता।
उदाहरण:
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सामान्य आरक्षित निधि (General Reserve)
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पूंजी आरक्षित निधि (Capital Reserve)
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लाभांश समतलीकरण निधि (Dividend Equalisation Reserve)
दैनिक जीवन से उदाहरण
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घटाव: आपने नया मोबाइल लिया। एक साल बाद उसकी कीमत कम हो गई — यही घटाव है।
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प्रावधान: आपने दोस्त को ₹500 उधार दिया, लेकिन आपको डर है कि वो वापस नहीं करेगा — तो आपने ₹500 अलग रख लिया।
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आरक्षित निधि: आपको ₹1,000 पॉकेट मनी मिली। आपने ₹200 भविष्य की जरूरत के लिए अलग रख दिया — यह आरक्षित निधि है।
करियर में उपयोगिता
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लेखाकार इन तीनों का सही लेखांकन करके सही लाभ दिखाते हैं।
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ऑडिटर यह जाँचते हैं कि लाभ को अधिक न दिखाने के लिए उचित प्रावधान बनाए गए हैं या नहीं।
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CA/CS/CMA छात्र को इनका अंतर और लेखांकन विधि अच्छे से आना चाहिए।
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व्यवसायी और प्रबंधक को वित्तीय योजना और टैक्स की योजना के लिए इनकी जानकारी जरूरी है।
अभ्यास गतिविधि (उत्तर सहित)
प्रश्न: नीचे दिए गए को घटाव, प्रावधान या आरक्षित निधि के रूप में वर्गीकृत कीजिए:
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₹5,000 शंकाास्पद ऋणों के लिए रखे गए
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मशीन की कीमत में ₹10,000 की कमी
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₹20,000 लाभ भविष्य के विस्तार के लिए अलग रखा
उत्तर:
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प्रावधान
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घटाव
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आरक्षित निधि
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2.घटाव का अर्थ और विशेषताएँ
संक्षिप्त उत्तर
घटाव का अर्थ है किसी स्थायी मूर्त संपत्ति (जैसे मशीन, भवन, वाहन आदि) की कीमत में समय, उपयोग, घिसावट या पुरानी हो जाने के कारण धीरे-धीरे और स्थायी रूप से कमी आना। यह एक लेखांकन व्यय के रूप में दर्ज किया जाता है ताकि सही लाभ और संपत्ति का मूल्य ज्ञात किया जा सके।
दीर्घ उत्तर
व्यवसाय में मशीन, फर्नीचर, वाहन, और भवन जैसी स्थायी संपत्तियाँ वर्षों तक उपयोग की जाती हैं। लेकिन समय के साथ इनकी उपयोगिता और मूल्य कम होते जाते हैं।
इस कमी के कारण हो सकते हैं:
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नियमित उपयोग से घिसावट
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समय बीतने से मूल्य में कमी
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नई तकनीक के आने से संपत्ति का पुराना पड़ जाना
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दुर्घटना या खराब रख-रखाव
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पर्यावरण या कानूनी बदलाव
इस मूल्य की कमी को घटाव कहा जाता है।
घटाव एक नकद हानि नहीं है, लेकिन यह लेखांकन खर्च के रूप में लाभ-हानि खाते में दर्ज किया जाता है और बैलेंस शीट में संपत्ति के मूल्य को हर वर्ष घटा दिया जाता है।
घटाव से हमें लाभ होता है:
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वास्तविक लाभ और हानि की गणना करने में
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बैलेंस शीट में संपत्ति का सही मूल्य दिखाने में
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आय और खर्च को एक साथ उसी वर्ष में मिलाने में (Matching Principle)
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भविष्य में संपत्ति बदलने की योजना बनाने में
घटाव की विशेषताएँ
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मूल्य में स्थायी और क्रमिक कमी – यह धीरे-धीरे संपत्ति के मूल्य को घटाता है।
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केवल मूर्त स्थायी संपत्तियों पर लागू होता है – जैसे मशीनरी, फर्नीचर, भवन।
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हर वर्ष नियमित रूप से लगाया जाता है – जब तक संपत्ति की उपयोगिता बनी रहती है।
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गैर-नकद खर्च – घटाव दर्ज करने में कोई नकद भुगतान नहीं होता।
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लाभ को घटाता है – यह लाभ-हानि खाते में खर्च के रूप में आता है।
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संपत्ति का वास्तविक मूल्य दिखाता है – संपत्ति की कीमत धीरे-धीरे कम होती है और बैलेंस शीट में यह दिखाई देता है।
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Matching Principle का पालन करता है – संपत्ति के उपयोग का खर्च उसी वर्ष में दिखाया जाता है जब उससे आय होती है।
उदाहरण
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एक मशीन ₹5,00,000 में खरीदी गई और हर साल ₹50,000 की दर से घटाव लगाया गया।
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एक वाहन ₹4,00,000 में खरीदा गया और 20% वार्षिक दर से उसका घटाव किया गया।
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₹60,000 की फर्नीचर को 5 वर्षों में ₹12,000 प्रतिवर्ष की दर से घटाया गया।
वास्तविक जीवन के उदाहरण
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आपने ₹1,00,000 की बाइक खरीदी। एक साल बाद उसका मूल्य ₹75,000 रह गया — ₹25,000 की कमी ही घटाव है।
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ऑफिस के कंप्यूटर कुछ साल बाद पुराने हो जाते हैं और उनका मूल्य घटता है।
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स्कूल की बेंचें बच्चों के उपयोग से कई सालों में पुरानी हो जाती हैं और उनकी कीमत घट जाती है।
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डिलीवरी वाले की स्कूटर रोज़ाना उपयोग से धीरे-धीरे पुरानी होती है — उसका घटाव होता है।
करियर में प्रासंगिकता
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लेखाकारों को हर वर्ष घटाव की सही गणना करनी होती है ताकि सही लाभ-हानि पता चल सके।
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ऑडिटर यह जांचते हैं कि घटाव सही दर और विधि से लगाया गया है या नहीं।
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CA, CS, CMA छात्रों को घटाव की परिभाषा, विधियाँ और प्रविष्टियाँ आनी चाहिए।
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व्यवसायी इसका उपयोग कर और संपत्ति की योजना बनाने में करते हैं।
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वित्तीय विश्लेषक इसका उपयोग लाभ और संपत्ति की कार्यक्षमता को समझने के लिए करते हैं।
घटाव पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न 1: सीधी रेखा विधि (Straight Line Method)
प्रश्न:
1 अप्रैल 2022 को एक मशीन ₹1,20,000 में खरीदी गई। इसका अनुमानित जीवन 5 वर्ष है और स्क्रैप मूल्य ₹20,000 है।
(क) वार्षिक घटाव ज्ञात करें
(ख) 3 वर्षों के बाद मशीन का पुस्तकीय मूल्य (Book Value) ज्ञात करें।हल:
(क) वार्षिक घटाव = (मूल्य – स्क्रैप मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन
= (1,20,000 – 20,000) ÷ 5 = ₹20,000 प्रतिवर्ष(ख) 3 वर्षों बाद पुस्तकीय मूल्य = मूल मूल्य – (3 × ₹20,000)
= ₹1,20,000 – ₹60,000 = ₹60,000उत्तर:
वार्षिक घटाव = ₹20,000
3 वर्षों के बाद पुस्तकीय मूल्य = ₹60,000प्रश्न 2: घटी हुई कीमत विधि (Written Down Value Method)
प्रश्न:
1 अप्रैल 2022 को एक मशीन ₹1,00,000 में खरीदी गई। उस पर 10% वार्षिक घटाव "घटी हुई कीमत विधि" से लगाया जाता है।
3 वर्षों बाद मशीन का मूल्य ज्ञात करें।हल:
पहला वर्ष:
प्रारंभिक मूल्य = ₹1,00,000
10% घटाव = ₹10,000
वर्ष के अंत में मूल्य = ₹90,000दूसरा वर्ष:
प्रारंभिक मूल्य = ₹90,000
10% घटाव = ₹9,000
वर्ष के अंत में मूल्य = ₹81,000तीसरा वर्ष:
प्रारंभिक मूल्य = ₹81,000
10% घटाव = ₹8,100
वर्ष के अंत में मूल्य = ₹72,900उत्तर:
3 वर्षों के बाद मशीन का मूल्य = ₹72,900-
3.घटाव और अन्य समान शब्द: डीप्लीशन और अमॉर्टाइज़ेशन
संक्षिप्त उत्तर
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घटाव (Depreciation): किसी मूर्त स्थायी संपत्ति के मूल्य में समय या उपयोग के कारण होने वाली कमी।
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डीप्लीशन (Depletion): प्राकृतिक संसाधनों की निकासी या उपयोग से उनके उपलब्ध भंडार में कमी।
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अमॉर्टाइज़ेशन (Amortisation): अमूर्त संपत्तियों के मूल्य को धीरे-धीरे खत्म करना या ऋण को किश्तों में चुकाना।
दीर्घ उत्तर
लेखांकन में अलग-अलग प्रकार की संपत्तियाँ होती हैं, जिनका मूल्य समय के साथ घटता है। लेकिन हर प्रकार की संपत्ति के लिए एक जैसा शब्द नहीं इस्तेमाल किया जाता। इसीलिए हम संपत्ति के प्रकार के अनुसार तीन अलग-अलग शब्दों का प्रयोग करते हैं:
a) घटाव (Depreciation)
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यह शब्द मूर्त स्थायी संपत्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है, जैसे – मशीनरी, वाहन, फर्नीचर, भवन आदि।
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इन संपत्तियों का मूल्य समय, उपयोग, और तकनीकी पुरातनता के कारण घटता है।
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इसे हर वर्ष एक गैर-नकद खर्च के रूप में लाभ-हानि खाते में दर्ज किया जाता है।
b) डीप्लीशन (Depletion)
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यह शब्द प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रयोग होता है, जैसे – खान, तेल कुएँ, जंगल, कोयला, प्राकृतिक गैस आदि।
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जब हम इन संसाधनों को उपयोग करते हैं या निकालते हैं, तो उनकी कुल मात्रा में कमी आती है — यही डीप्लीशन कहलाती है।
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इसे भी व्यय के रूप में लिखा जाता है।
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उदाहरण: एक कोयले की खान से हर साल कोयला निकालने पर उसका मूल्य धीरे-धीरे कम होता जाता है — यह डीप्लीशन है।
c) अमॉर्टाइज़ेशन (Amortisation)
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यह शब्द अमूर्त संपत्तियों के लिए प्रयोग होता है, जैसे – गुडविल, पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, सॉफ्टवेयर लाइसेंस आदि।
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इनका मूल्य समय के साथ खत्म हो जाता है, क्योंकि इनकी वैधता सीमित होती है या ये धीरे-धीरे अप्रभावी हो जाती हैं।
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इसका अर्थ है – अमूर्त संपत्तियों की कीमत को उनके उपयोगी जीवन के अनुसार धीरे-धीरे खर्च के रूप में लिखना।
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इसका प्रयोग ऋण चुकाने की प्रक्रिया के लिए भी किया जाता है (जैसे लोन की EMI)।
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उदाहरण: ₹50,000 का एक सॉफ्टवेयर लाइसेंस जो 5 वर्षों के लिए वैध है, हर वर्ष ₹10,000 अमॉर्टाइज़ किया जाएगा।
उदाहरण
शब्द किन संपत्तियों पर लागू होता है उदाहरण घटाव (Depreciation) मूर्त स्थायी संपत्तियाँ ₹5,00,000 की मशीन पर हर साल ₹50,000 का घटाव डीप्लीशन (Depletion) प्राकृतिक संसाधन तेल कुएँ से तेल निकालने पर मूल्य में कमी अमॉर्टाइज़ेशन (Amortisation) अमूर्त संपत्तियाँ या ऋण की अदायगी ₹1,00,000 की गुडविल को 10 वर्षों में ₹10,000 प्रतिवर्ष घटाना वास्तविक जीवन के उदाहरण
a) घटाव
आप ₹6,00,000 की डिलीवरी वैन खरीदते हैं। 3 वर्षों बाद उसकी पुनर्विक्रय (resale) कीमत ₹3,50,000 रह जाती है — यह ₹2,50,000 की कमी घटाव कहलाती है।
b) डीप्लीशन
किसी कंपनी के पास एक लाइमस्टोन की खान है। हर वर्ष हज़ारों टन पत्थर निकाले जाते हैं। इस तरह कुल भंडार में जो कमी आती है — वह डीप्लीशन है।
c) अमॉर्टाइज़ेशन
आप ₹50,000 में एक सॉफ्टवेयर लाइसेंस खरीदते हैं, जिसकी वैधता 5 वर्ष है। हर वर्ष आप ₹10,000 को अमॉर्टाइज़ करेंगे।
करियर में प्रासंगिकता
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लेखाकार (Accountants): उन्हें संपत्ति के प्रकार के अनुसार सही शब्द का प्रयोग करना होता है – जैसे मशीन पर घटाव, खान पर डीप्लीशन, सॉफ्टवेयर पर अमॉर्टाइज़ेशन।
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ऑडिटर: यह सुनिश्चित करते हैं कि इनका सही तरीके से उपयोग हुआ है या नहीं।
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CA, CS, CMA छात्र: इन तीनों में अंतर को स्पष्ट रूप से जानना और परीक्षा में उपयोग करना ज़रूरी है।
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व्यवसायी और प्रबंधक: इनका उपयोग वे टैक्स की योजना, लाभ की गणना और रिपोर्टिंग के लिए करते हैं।
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वित्तीय सलाहकार और ऋण अधिकारी: लोन के अमॉर्टाइज़ेशन शेड्यूल और संपत्तियों की वैल्यूएशन में इनका प्रयोग करते हैं।
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4.घटाव के कारण
संक्षिप्त उत्तर
घटाव के मुख्य कारण हैं – लगातार उपयोग, समय का बीतना, घिसावट, पुराने पड़ जाना, दुर्घटनाएँ, और प्राकृतिक कारण, जिनसे संपत्ति की कीमत और उपयोगिता समय के साथ कम होती जाती है।
दीर्घ उत्तर
घटाव का अर्थ है किसी स्थायी मूर्त संपत्ति जैसे मशीन, फर्नीचर, भवन आदि की कीमत में धीरे-धीरे और स्थायी रूप से कमी आना। यह कमी कई कारणों से होती है, जिनका लेखांकन में ध्यान रखना आवश्यक होता है।
घटाव के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
उपयोग के कारण घिसावट (Wear and Tear)
जब किसी संपत्ति का नियमित उपयोग होता है, तो उसके हिस्से घिसने लगते हैं और कार्यक्षमता कम हो जाती है।
उदाहरण: रोज़ाना उपयोग होने वाले वाहन की कीमत हर साल घटती है।समय का प्रभाव (Passage of Time)
कुछ संपत्तियाँ बिना उपयोग के भी समय के साथ पुरानी हो जाती हैं और उनकी कीमत घटती है।
उदाहरण: स्टोर में रखी मशीन भी समय और जंग के कारण मूल्य खोती है।तकनीकी पुरातनता (Obsolescence)
नई और बेहतर तकनीक आने से पुरानी संपत्तियाँ बेकार हो जाती हैं, भले ही वे काम कर रही हों।
उदाहरण: पुरानी टेलीविजन स्क्रीन की जगह नई LED स्क्रीन आ जाना।दुर्घटना (Accidents)
आग, टक्कर या गलत तरीके से संचालन से संपत्ति को नुकसान हो सकता है, जिससे उसका मूल्य घटता है।
उदाहरण: मशीन को ट्रांसपोर्ट करते समय टूट-फूट हो जाना।वैधानिक या आर्थिक अधिकारों की समाप्ति (Expiry of Rights)
कुछ संपत्तियाँ जैसे पेटेंट या लाइसेंस, सीमित समय तक वैध होती हैं और समय पूरा होने पर उनका मूल्य शून्य हो जाता है।
उदाहरण: 10 वर्षों के लिए मान्य पेटेंट का मूल्य उसकी अवधि समाप्त होने के बाद समाप्त हो जाता है।प्राकृतिक संसाधनों की निकासी (Depletion)
खनिज, तेल, कोयला जैसी प्राकृतिक संपत्तियाँ उपयोग के साथ खत्म होती जाती हैं, जिससे उनका मूल्य कम होता है।
ध्यान दें: इसे तकनीकी रूप से "डीप्लीशन" कहा जाता है, लेकिन यह भी मूल्य में कमी का कारण है।प्राकृतिक कारण (Natural Factors)
सूरज की रोशनी, बारिश, गर्मी और नमी जैसी चीजें संपत्ति को खराब कर सकती हैं।
उदाहरण: खुले में रखी मशीनों में जल्दी जंग लग जाती है।उदाहरण
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₹5,00,000 की मशीन हर वर्ष उपयोग के कारण मूल्य में कमी लाती है।
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3 वर्षों की सॉफ़्टवेयर लाइसेंस समाप्त होते ही पूरी तरह बेकार हो जाती है।
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स्टोर में रखे गए लकड़ी के टेबल की कीमत उपयोग न होने के बावजूद समय से घटती है।
वास्तविक जीवन के उदाहरण
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रोज़ाना उपयोग की गई बाइक हर साल मूल्य में घटती है।
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मोबाइल फोन हर साल अपनी पुनर्विक्रय कीमत खोता है, भले ही कम उपयोग हो।
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ऑफिस के कंप्यूटर नई तकनीक के कारण कुछ ही वर्षों में पुराने हो जाते हैं।
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5.घटाव की आवश्यकता
संक्षिप्त उत्तर
घटाव की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि सही लाभ या हानि की गणना, संपत्ति का सही मूल्य, मैचिंग सिद्धांत का पालन, और भविष्य में संपत्ति बदलने की योजना बनाई जा सके।
दीर्घ उत्तर
लेखांकन में घटाव एक गैर-नकद खर्च है जो स्थायी मूर्त संपत्तियों जैसे मशीन, फर्नीचर, भवन आदि के मूल्य में कमी को दर्शाता है। घटाव की प्रविष्टि भले ही नकद में न हो, लेकिन इसे दर्ज करना कई कारणों से आवश्यक है।
घटाव की आवश्यकता के मुख्य कारण
1. सही लाभ या हानि जानने के लिए
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यदि घटाव नहीं दिखाया गया, तो संपत्ति के उपयोग की पूरी लागत को नहीं जोड़ा जाएगा।
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इससे लाभ असली से ज़्यादा दिखेगा।
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घटाव से सही खर्च दिखता है और लाभ वास्तविक रूप से कम होता है।
2. संपत्ति का वास्तविक मूल्य दिखाने के लिए
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समय के साथ संपत्तियों का बाजार मूल्य घटता है।
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अगर घटाव नहीं दिखाया गया, तो बैलेंस शीट में गलत या अधिक मूल्य दिखेगा।
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घटाव से बैलेंस शीट में संपत्ति का वास्तविक मूल्य दिखता है।
3. मैचिंग सिद्धांत का पालन करने के लिए
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यह सिद्धांत कहता है कि जिस वर्ष में आय होती है, उसी वर्ष उस आय से जुड़ी लागत भी दिखनी चाहिए।
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घटाव संपत्ति की लागत को हर वर्ष की आय से जोड़ता है।
4. भविष्य में नई संपत्ति खरीदने के लिए फंड जमा करने के लिए
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हर स्थायी संपत्ति की सीमित आयु होती है।
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घटाव से हर साल थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाया जा सकता है ताकि भविष्य में नई संपत्ति खरीदी जा सके।
5. कानूनी और टैक्स नियमों का पालन करने के लिए
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कंपनी कानून और इनकम टैक्स कानून के अनुसार, घटाव लगाना अनिवार्य है।
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अगर घटाव नहीं लगाया गया, तो खातों को मान्यता नहीं मिलेगी।
6. वित्तीय स्थिति को सही दिखाने के लिए
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घटाव लगाकर हम लाभ और संपत्ति का सही चित्रण कर सकते हैं, जो निवेशकों और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए जरूरी है।
वास्तविक जीवन के उदाहरण
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एक कंपनी अगर घटाव नहीं लगाती है, तो उसका लाभ ज़्यादा दिखेगा, लेकिन हकीकत में उसकी मशीनें पुरानी और बेकार हो रही होंगी।
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अगर आप अपनी पुरानी स्कूटर का मूल्य नहीं घटाते, तो आपकी व्यक्तिगत बैलेंस शीट नकली रूप से बेहतर दिखेगी।
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एक डिलीवरी वैन 5 वर्षों में बदलनी है — यदि घटाव हर साल लगाया जाए तो 5 साल बाद नई वैन खरीदने के लिए पैसे इकट्ठा हो सकते हैं।
करियर में उपयोगिता
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लेखाकार घटाव लगाकर सही लाभ और संपत्ति का मूल्य दिखाते हैं।
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ऑडिटर यह जांचते हैं कि घटाव सही दर और विधि से लगाया गया है या नहीं।
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CA/CS/CMA छात्र को यह जानना आवश्यक है कि घटाव लाभ, टैक्स और बैलेंस शीट पर क्या असर डालता है।
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व्यवसायी घटाव का प्रयोग टैक्स बचाने और भविष्य की योजना बनाने में करते हैं।
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टैक्स सलाहकार घटाव का उपयोग कर योग्य लाभ को कम करते हैं और कर की गणना करते हैं।
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6.घटाव की राशि निकालने की विधियाँ
संक्षिप्त उत्तर
घटाव निकालने की दो प्रमुख विधियाँ हैं:
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सीधी रेखा विधि (Straight Line Method – SLM) – हर वर्ष समान राशि का घटाव।
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घटती शेष विधि (Written Down Value Method – WDV) – हर वर्ष बचे हुए मूल्य पर निश्चित प्रतिशत से घटाव।
दीर्घ उत्तर
लेखांकन में प्रत्येक वर्ष संपत्ति के मूल्य में कमी को दर्शाने के लिए घटाव लगाया जाता है। घटाव की गणना करने के दो सामान्य तरीके हैं:
1. सीधी रेखा विधि (SLM)
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इसे मूल्य लागत विधि भी कहा जाता है।
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हर वर्ष समान राशि का घटाव किया जाता है।
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यह मूल लागत पर आधारित होती है (मूल्य – स्क्रैप मूल्य)।
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संपत्ति का मूल्य अंत में शून्य या स्क्रैप मूल्य पर पहुंच जाता है।
सूत्र:
वार्षिक घटाव = (संपत्ति की लागत – स्क्रैप मूल्य) ÷ उपयोगी जीवनउदाहरण:
एक मशीन ₹1,00,000 की है, स्क्रैप मूल्य ₹10,000 है, और उपयोगी जीवन 5 वर्ष है:
घटाव = (1,00,000 – 10,000) ÷ 5 = ₹18,000 प्रति वर्षविशेषताएँ:
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सरल और सीधी गणना
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प्रत्येक वर्ष समान उपयोग वाली संपत्तियों के लिए उपयुक्त
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अंत में मूल्य शून्य या स्क्रैप हो जाता है
2. घटती शेष विधि (WDV)
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इसे घटती लागत विधि भी कहा जाता है।
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हर वर्ष घटाव शेष मूल्य (Book Value) पर लगाया जाता है।
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घटाव की राशि हर वर्ष कम होती जाती है।
सूत्र:
घटाव = दर (%) × वर्ष की शुरुआत में शेष मूल्यउदाहरण:
मशीन की कीमत = ₹1,00,000, दर = 10%वर्ष 1: ₹1,00,000 × 10% = ₹10,000 → शेष मूल्य = ₹90,000
वर्ष 2: ₹90,000 × 10% = ₹9,000 → शेष मूल्य = ₹81,000
आदि...विशेषताएँ:
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हर वर्ष घटाव की राशि कम होती है
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मशीनों और उपकरणों के लिए उपयुक्त
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शेष मूल्य कभी पूरी तरह शून्य नहीं होता
तुलनात्मक तालिका
आधार सीधी रेखा विधि (SLM) घटती शेष विधि (WDV) घटाव की राशि हर साल समान हर साल घटती है गणना का आधार मूल लागत प्रत्येक वर्ष की शेष लागत अंतिम मूल्य शून्य या स्क्रैप मूल्य कभी भी पूर्ण शून्य नहीं होता उपयुक्त संपत्ति फर्नीचर, भवन मशीन, उपकरण सरलता अत्यंत सरल कुछ जटिल वास्तविक जीवन के उदाहरण
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SLM वैसा है जैसे कोई लोन EMI हर साल एक समान राशि से चुकाना।
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WDV वैसा है जैसे गाड़ी की कीमत पहले साल बहुत गिरती है, बाद में कम गिरती है।
करियर में उपयोगिता
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लेखाकार संपत्ति के प्रकार के अनुसार सही विधि चुनते हैं।
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ऑडिटर जाँचते हैं कि घटाव विधि उचित और लगातार है या नहीं।
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CA, CS, CMA छात्र को इन दोनों विधियों से जुड़े सवालों को हल करना आना चाहिए।
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व्यवसायी सही वित्तीय रिपोर्टिंग और टैक्स योजना के लिए इन विधियों का प्रयोग करते हैं।
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टैक्स अधिकारी तय विधियों के अनुसार टैक्स छूट देते हैं।
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7.सीधी रेखा विधि के लाभ और सीमाएँ
संक्षिप्त उत्तर
सीधी रेखा विधि में हर वर्ष एक समान घटाव लगाया जाता है। इसके लाभ हैं – सरलता और आसान गणना। इसकी सीमाएँ हैं – संपत्ति के वास्तविक उपयोग को न मानना और बाद के वर्षों में बढ़ते मरम्मत खर्च को न जोड़ना।
दीर्घ उत्तर
सीधी रेखा विधि में घटाव हर साल एक समान राशि में लगाया जाता है। इसे मूल लागत विधि भी कहा जाता है।
घटाव = (संपत्ति की लागत – स्क्रैप मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन
सीधी रेखा विधि के लाभ
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सरल और समझने में आसान
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हर साल समान राशि का घटाव होता है। गणना आसान होती है।
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अंत में संपत्ति का मूल्य शून्य या स्क्रैप पर पहुंचता है
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उपयोगी जीवन के अंत में पुस्तक मूल्य शून्य या स्क्रैप मूल्य पर पहुंच जाता है।
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समान उपयोग वाली संपत्तियों के लिए उपयुक्त
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जैसे भवन, फर्नीचर आदि जो हर साल समान रूप से उपयोग होते हैं।
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लाभ में स्थिरता बनाए रखता है
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हर साल समान खर्च दिखने से लाभ में स्थिरता रहती है (अगर बाकी चीजें समान हों)।
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कानूनी रूप से स्वीकृत विधि
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कंपनी अधिनियम और आयकर कानून में मान्यता प्राप्त।
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सीधी रेखा विधि की सीमाएँ
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वास्तविक उपयोग को नहीं मानती
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चाहे संपत्ति का उपयोग कम हो या अधिक, घटाव राशि समान रहती है।
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प्रारंभिक वर्षों में ज्यादा घटने वाली संपत्तियों के लिए अनुपयुक्त
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हाई-टेक मशीनें जो पहले ही सालों में ज्यादा मूल्य खोती हैं, उनके लिए यह विधि उपयुक्त नहीं।
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पुस्तकीय मूल्य वास्तविक बाजार मूल्य से अलग हो सकता है
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घटाव बाजार मूल्य में कमी के अनुरूप नहीं होता।
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बढ़ते मरम्मत खर्च को नजरअंदाज करती है
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जैसे-जैसे संपत्ति पुरानी होती है, मरम्मत खर्च बढ़ता है, लेकिन घटाव वही रहता है।
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प्रारंभिक वर्षों में टैक्स बचत कम होती है
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क्योंकि पहले वर्षों में खर्च कम होता है, टैक्स बचाने का अवसर भी कम होता है।
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वास्तविक जीवन का उदाहरण
एक व्यवसाय ₹50,000 की फर्नीचर खरीदता है। स्क्रैप मूल्य ₹5,000 है और उपयोगी जीवन 5 वर्ष है।
SLM से हर साल घटाव = ₹9,000
चाहे अंतिम वर्ष में उपयोग कम हो, घटाव राशि वही रहेगी।यह विधि सरल है, लेकिन यह संपत्ति की स्थिति और उपयोग को ध्यान में नहीं रखती।
करियर में उपयोगिता
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लेखाकार इसे भवन और फर्नीचर जैसी संपत्तियों के लिए उपयोग करते हैं।
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ऑडिटर जांचते हैं कि घटाव की विधि सही ढंग से अपनाई गई है या नहीं।
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छात्र (CA/CS/CMA और कक्षा 11) को इसकी पूरी समझ होनी चाहिए।
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व्यवसायी इसे छोटे पैमाने पर व्यापारों में सरलता के कारण पसंद करते हैं।
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8.सीधी रेखा विधि बनाम घटती शेष विधि: विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण
1. घटाव लगाने का आधार
सीधी रेखा विधि (SLM):
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घटाव मूल लागत (Original Cost) पर लगाया जाता है।
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यह लागत पूरे उपयोगी जीवन के दौरान समान रहती है।
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हर साल एक निश्चित राशि कम की जाती है, स्क्रैप मूल्य तक।
घटती शेष विधि (WDV):
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घटाव हर वर्ष घटती हुई शेष कीमत (Book Value) पर लगाया जाता है।
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यह शेष राशि हर साल घटती जाती है, इसलिए घटाव भी कम होता जाता है।
2. वार्षिक घटाव राशि
SLM:
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हर वर्ष घटाव की एक जैसी राशि होती है।
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इससे लेखांकन करना आसान होता है।
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सूत्र: (मूल लागत – स्क्रैप मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन
WDV:
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घटाव हर वर्ष कम होता जाता है क्योंकि यह शेष मूल्य पर लगाया जाता है।
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प्रारंभ में घटाव अधिक होता है, फिर धीरे-धीरे घटता है।
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सूत्र: दर (%) × प्रारंभिक शेष मूल्य
3. लाभ-हानि खाते पर कुल प्रभाव (घटाव + मरम्मत खर्च)
SLM:
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हर वर्ष घटाव समान रहता है।
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लेकिन जैसे-जैसे संपत्ति पुरानी होती है, मरम्मत खर्च बढ़ता है।
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इसलिए कुल खर्च (घटाव + मरम्मत) हर साल बढ़ता जाता है।
WDV:
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घटाव हर साल कम होता है और मरम्मत खर्च बढ़ता है।
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इन दोनों का संयुक्त प्रभाव लगभग समान बना रहता है।
4. आयकर अधिनियम द्वारा मान्यता
SLM:
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यह विधि आयकर अधिनियम के तहत मान्य नहीं है।
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इसे केवल लेखांकन में उपयोग किया जा सकता है, लेकिन टैक्स लाभ के लिए नहीं।
WDV:
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यह विधि आयकर विभाग द्वारा मान्य और स्वीकृत है।
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व्यवसाय इस विधि से टैक्स में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
5. उपयुक्तता
SLM:
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उन संपत्तियों के लिए उपयुक्त जो हर साल समान उपयोग में आती हैं और जिनकी मरम्मत जरूरत कम होती है।
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जैसे – फर्नीचर, भवन, उपकरण आदि।
WDV:
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उन संपत्तियों के लिए उपयुक्त जो शुरू में तेज़ी से मूल्य खोती हैं या बाद के वर्षों में ज्यादा मरम्मत मांगती हैं।
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जैसे – मशीनरी, वाहन, कंप्यूटर।
अतिरिक्त तुलना तालिका
विशेषता सीधी रेखा विधि (SLM) घटती शेष विधि (WDV) घटाव का आधार मूल लागत हर वर्ष की शेष लागत (बुक वैल्यू) वार्षिक घटाव समान हर वर्ष कम अंत में मूल्य शून्य या स्क्रैप मूल्य कभी शून्य नहीं होता लाभ पर प्रभाव धीरे-धीरे घटता है शुरुआत में अधिक घटता है गणना की सरलता बहुत सरल थोड़ा जटिल आयकर लाभ स्वीकार नहीं किया जाता स्वीकार किया जाता है उपयुक्त संपत्तियाँ भवन, फर्नीचर (समान उपयोग वाली) मशीन, वाहन, कंप्यूटर (तेज़ घिसावट वाली) घटाव + मरम्मत खर्च का प्रभाव धीरे-धीरे कुल खर्च बढ़ता है कुल खर्च लगभग समान रहता है -
9.घटाव को रिकॉर्ड करने की विधियाँ
संक्षिप्त उत्तर
घटाव को रिकॉर्ड करने की दो मुख्य विधियाँ होती हैं:
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घटाव को सीधे संपत्ति खाते में चार्ज करना
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प्रावधान खाता (Provision for Depreciation) बनाकर रिकॉर्ड करना
दोनों विधियों में संपत्ति के मूल्य में कमी आती है, लेकिन दोनों का लेखांकन और प्रस्तुति अलग-अलग होती है।
दीर्घ उत्तर
घटाव एक लेखांकन खर्च है, जो किसी संपत्ति के मूल्य को हर वर्ष कम करता है। इसे रिकॉर्ड करने के दो तरीके होते हैं:
विधि 1: संपत्ति खाते में घटाव चार्ज करना
व्याख्या:
इस विधि में घटाव सीधे संपत्ति खाते में कम कर दिया जाता है। बैलेंस शीट में संपत्ति का शुद्ध मूल्य दिखाया जाता है।जर्नल प्रविष्टि:
घटाव खाता डेबिट
से संपत्ति खाताप्रभाव:
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लाभ-हानि खाता: खर्च के रूप में घटाव दिखाया जाता है
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बैलेंस शीट: संपत्ति घटाव के बाद के मूल्य पर दिखती है
उदाहरण:
मशीन की लागत Rs. 1,00,000 है। घटाव Rs. 10,000 लगाया गया। मशीन खाता अब Rs. 90,000 दिखाएगा।लाभ:
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सरल और सीधी विधि
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छोटे व्यवसायों के लिए उपयुक्त
सीमाएँ:
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मूल लागत अगले वर्षों में नहीं दिखती
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विवरण सीमित होता है
विधि 2: प्रावधान खाता बनाना (Provision for Depreciation)
व्याख्या:
इस विधि में घटाव को सीधे संपत्ति खाते में नहीं घटाया जाता, बल्कि एक अलग खाता बनाया जाता है – प्रावधान खाता।जर्नल प्रविष्टि:
घटाव खाता डेबिट
से प्रावधान खाताप्रभाव:
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लाभ-हानि खाता: घटाव खर्च के रूप में दिखाया जाता है
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बैलेंस शीट:
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मशीन की मूल लागत दिखाई जाती है
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प्रावधान घटाया जाता है
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शुद्ध मूल्य दिखाया जाता है
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उदाहरण:
मशीन Rs. 1,00,000 की है, घटाव Rs. 10,000।
बैलेंस शीट:-
मशीन: Rs. 1,00,000
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कम: प्रावधान Rs. 10,000
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शुद्ध मूल्य = Rs. 90,000
लाभ:
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मूल लागत और घटाव दोनों स्पष्ट दिखते हैं
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संपत्ति विक्रय पर लाभ/हानि की गणना आसान होती है
सीमाएँ:
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थोड़ी जटिल विधि
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एक अतिरिक्त खाता बनाना होता है
तुलना तालिका
विशेषता संपत्ति खाता विधि प्रावधान खाता विधि घटाव कहाँ दर्ज होता है सीधे संपत्ति खाते में अलग प्रावधान खाते में बैलेंस शीट में संपत्ति का मूल्य शुद्ध मूल्य (घटाव के बाद) मूल लागत दिखाई जाती है; घटाव अलग से घटाया जाता है सरलता सरल थोड़ा जटिल मूल लागत की जानकारी अगले वर्षों में नहीं दिखती हर साल स्पष्ट रूप से दिखाई देती है उपयुक्तता छोटे व्यवसाय मध्यम और बड़े व्यवसाय संपत्ति विक्रय पर उपयोगिता कम विवरण लाभ या हानि निकालने में सहायक -
10.संपत्ति का निपटान
संक्षिप्त उत्तर
जब कोई स्थायी संपत्ति (जैसे मशीन, फर्नीचर) बेच दी जाती है, फेंकी जाती है, दान दी जाती है या बेकार हो जाती है, तो उसे संपत्ति का निपटान (Disposal of Asset) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में संपत्ति को खातों से हटा दिया जाता है और यदि लाभ या हानि होती है तो उसे लाभ-हानि खाते में दर्ज किया जाता है।
दीर्घ उत्तर
किसी भी व्यवसाय में मशीन, फर्नीचर, वाहन जैसी स्थायी संपत्तियाँ कुछ वर्षों तक उपयोग होती हैं। जब वे बेकार हो जाती हैं, पुरानी हो जाती हैं, बेच दी जाती हैं या फेंक दी जाती हैं — तो यह निपटान (disposal) कहलाता है।
निपटान के तरीके:
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किसी को बेच देना
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पूरी तरह नष्ट कर देना या फेंक देना
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दान कर देना
जब संपत्ति का निपटान किया जाता है, तो उसका पुस्तकीय मूल्य हटाया जाता है और यदि बिक्री मूल्य और पुस्तकीय मूल्य में कोई अंतर है, तो लाभ या हानि के रूप में दर्ज किया जाता है।
निपटान की प्रक्रिया (Steps)
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विक्रय तिथि तक का घटाव निकालना
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अगर प्रावधान खाता बना हो, तो उसे ट्रांसफर करना
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संपत्ति को खाता पुस्तिका से हटाना
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बिक्री मूल्य (Cash/Bank) को दर्ज करना
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लाभ या हानि की गणना और प्रविष्टि
जर्नल प्रविष्टियाँ
(क) जब घटाव सीधे संपत्ति खाते में किया गया हो:
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विक्रय तिथि तक घटाव:
घटाव खाता डेबिट
से संपत्ति खाता -
बिक्री की प्रविष्टि:
नकद/बैंक खाता डेबिट
लाभ या हानि खाता डेबिट/क्रेडिट
से संपत्ति खाता
(ख) जब प्रावधान खाता बनाया गया हो:
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घटाव की प्रविष्टि:
घटाव खाता डेबिट
से प्रावधान खाता -
कुल घटाव को ट्रांसफर करना:
प्रावधान खाता डेबिट
से संपत्ति खाता -
बिक्री की राशि दर्ज करना:
नकद/बैंक खाता डेबिट
से संपत्ति निपटान खाता -
लाभ या हानि दर्ज करना:
यदि बिक्री मूल्य > पुस्तकीय मूल्य → लाभ
यदि बिक्री मूल्य < पुस्तकीय मूल्य → हानि
उदाहरण
एक मशीन ₹1,00,000 की थी। उस पर ₹70,000 का घटाव लगाया जा चुका था। अब वह ₹35,000 में बिकती है।
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पुस्तकीय मूल्य = ₹30,000
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बिक्री मूल्य = ₹35,000
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लाभ = ₹5,000
वास्तविक जीवन का उदाहरण
आपने ₹50,000 का लैपटॉप खरीदा। 3 वर्षों बाद आपने उसे ₹20,000 में बेच दिया। अगर उसकी पुस्तकीय कीमत ₹18,000 थी, तो आपको ₹2,000 का लाभ हुआ।
करियर में उपयोगिता
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लेखाकारों को निपटान की सही प्रविष्टि करनी होती है ताकि लाभ/हानि स्पष्ट हो।
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ऑडिटर देखते हैं कि संपत्ति को ठीक तरह से खातों से हटाया गया है या नहीं।
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CA/CS/CMA छात्र को संपत्ति के निपटान की प्रविष्टियाँ आनी चाहिए।
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व्यवसायी संपत्ति के निपटान से प्राप्त धन और हानि/लाभ का विश्लेषण करते हैं।
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