सभी महत्वपूर्ण सूत्रकक्षा 11 रसायन शास्त्र नोट्स

सभी महत्वपूर्ण सूत्र · कक्षा 11 रसायन शास्त्र · 3 टॉपिक.

ये नोट्स बिना खाते के मुफ़्त पढ़े जा सकते हैं। क्रम से पढ़ें, या परीक्षा से पहले चुनिंदा रिवीजन के लिए अध्याय सूची का उपयोग करें।

सभी महत्वपूर्ण सूत्र में शामिल टॉपिक

  1. 1.गैसों के गतिज सिद्धांत के सूत्र

    1. बॉयल का नियम (Boyle’s Law)

    सूत्र:

    PV=नियत (निश्चित तापमान पर)PV = \text{नियत (निश्चित तापमान पर)}

    व्याख्या:

    बॉयल के नियम के अनुसार, यदि तापमान स्थिर है, तो गैस का दाब (P) और आयतन (V) एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं। आयतन घटने पर दाब बढ़ता है।


    उदाहरण:

    यदि गैस का आयतन 2 लीटर है और दाब 3 atm है, तो यदि दाब 6 atm हो जाए, तो नया आयतन कितना होगा?

    P1V1=P2V2P_1V_1 = P_2V_2 3×2=6×V2 ⟹ V2=1 लीटर3 \times 2 = 6 \times V_2 \implies V_2 = 1 \text{ लीटर}


    2. चार्ल्स का नियम (Charles’ Law)

    सूत्र:

    VT=नियत (निश्चित दाब पर)\frac{V}{T} = \text{नियत (निश्चित दाब पर)}

    व्याख्या:

    चार्ल्स के नियम के अनुसार, यदि दाब स्थिर है, तो गैस का आयतन (V) और उसका तापमान (T) एक-दूसरे के समानुपाती होते हैं।


    उदाहरण:

    यदि 300 K तापमान पर गैस का आयतन 3 लीटर है, तो 600 K पर आयतन कितना होगा?

    V1T1=V2T2\frac{V_1}{T_1} = \frac{V_2}{T_2} 3300=V2600 ⟹ V2=6 लीटर\frac{3}{300} = \frac{V_2}{600} \implies V_2 = 6 \text{ लीटर}


    3. आदर्श गैस समीकरण (Ideal Gas Equation)

    सूत्र:

    PV=nRTPV = nRT

    व्याख्या:

    यह समीकरण गैस के दाब (P), आयतन (V), मोल की संख्या (n), गैस स्थिरांक (R), और तापमान (T) के बीच संबंध बताता है।


    उदाहरण:

    2 मोल गैस का दाब ज्ञात करें, जिसका तापमान 300 K और आयतन 10 लीटर है।
    (R = 0.0821 L·atm/mol·K)

    P=nRTVP = \frac{nRT}{V} P=2×0.0821×30010 ⟹ P=4.926 atmP = \frac{2 \times 0.0821 \times 300}{10} \implies P = 4.926 \text{ atm}


    4. औसत वर्ग वेग (Mean Square Velocity)

    सूत्र:

    C2=C12+C22+C32+…+Cn2nC^2 = \frac{C_1^2 + C_2^2 + C_3^2 + \ldots + C_n^2}{n}

    व्याख्या:

    गैस के अणुओं के वेगों के वर्ग का औसत, औसत वर्ग वेग कहलाता है।


    उदाहरण:

    तीन अणुओं के वेग 2 m/s, 3 m/s, और 4 m/s हैं:

    C2=22+32+423=4+9+163=293≈9.67 m2/s2C^2 = \frac{2^2 + 3^2 + 4^2}{3} = \frac{4 + 9 + 16}{3} = \frac{29}{3} \approx 9.67 \text{ m}^2/\text{s}^2


    5. गैस का दाब (Pressure of a Gas)

    सूत्र:

    P=13ρC2P = \frac{1}{3} \rho C^2

    व्याख्या:

    यह सूत्र गैस के दाब (P), उसकी घनत्व (ρ\rho), और औसत वर्ग वेग (C2C^2) के बीच संबंध बताता है।


    उदाहरण:

    यदि गैस की घनत्व 0.5 kg/m³ और औसत वर्ग वेग 300 m²/s है:

    P=13×0.5×300=50 PaP = \frac{1}{3} \times 0.5 \times 300 = 50 \text{ Pa}


    6. प्रति इकाई आयतन का गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy per Unit Volume)

    सूत्र:

    KE=32P\text{KE} = \frac{3}{2} P

    व्याख्या:

    गैस की प्रति इकाई आयतन गतिज ऊर्जा उसके दाब के समानुपाती होती है।


    उदाहरण:

    यदि दाब 100 Pa है:

    KE=32×100=150 J/m3\text{KE} = \frac{3}{2} \times 100 = 150 \text{ J/m}^3


    7. गैस समीकरण (Gas Equation)

    सूत्र:

    PV=13mNC2PV = \frac{1}{3} mNC^2

    व्याख्या:

    यह गैस के दाब (P), आयतन (V), अणुओं की संख्या (N), अणु का द्रव्यमान (m), और औसत वर्ग वेग (C2C^2) के बीच संबंध दर्शाता है।


    8. एक मोल गैस की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy of a Mole of Gas)

    सूत्र:

    KE=32RT\text{KE} = \frac{3}{2} RT

    व्याख्या:

    एक मोल गैस की गतिज ऊर्जा तापमान (T) और गैस स्थिरांक (R) पर निर्भर करती है।


    उदाहरण:

    300 K पर (R = 8.314 J/mol·K):

    KE=32×8.314×300=3741.3 J\text{KE} = \frac{3}{2} \times 8.314 \times 300 = 3741.3 \text{ J}


    9. एक अणु की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy of a Molecule)

    सूत्र:

    KE=32kT\text{KE} = \frac{3}{2} kT

    व्याख्या:

    यह एक अणु की गतिज ऊर्जा को दर्शाता है, जहाँ kk बोल्ट्ज़मैन स्थिरांक है।


    10. मेयर का सूत्र (Mayer’s Formula)

    सूत्र:

    Cp−Cv=RC_p - C_v = R

    व्याख्या:

    यह सूत्र नियत दाब पर विशिष्ट उष्मा (CpC_p) और नियत आयतन पर विशिष्ट उष्मा (CvC_v) के बीच संबंध बताता है।

  2. 2.परमाणु, अणु, और नाभिक के सूत्र

    1. रेडियोधर्मी अपक्षय (Radioactive Decay)

    सूत्र:

    N=N0e−λtN = N_0 e^{-\lambda t}

    व्याख्या:

    यह सूत्र समय tt पर शेष अप्रकटित नाभिकों (NN) की संख्या बताता है।

    • N0N_0 = प्रारंभिक नाभिकों की संख्या
    • λ\lambda = अपक्षय नियतांक (Decay Constant)
    • tt = समय

    उदाहरण:

    यदि N0=1000N_0 = 1000 और λ=0.001\lambda = 0.001 प्रति सेकंड है, तो 1000 सेकंड के बाद NN ज्ञात करें:

    N=1000×e−0.001×1000=1000×e−1≈368N = 1000 \times e^{-0.001 \times 1000} = 1000 \times e^{-1} \approx 368


    2. अर्धायु काल (Half-Life Period)

    सूत्र:

    T1/2=0.693λT_{1/2} = \frac{0.693}{\lambda}

    व्याख्या:

    यह सूत्र अर्धायु काल (T1/2T_{1/2}) बताता है, जो किसी रेडियोधर्मी पदार्थ की आधी मात्रा के अपक्षय में लगने वाला समय है।


    उदाहरण:

    यदि अपक्षय नियतांक λ=0.001\lambda = 0.001 प्रति सेकंड है:

    T1/2=0.6930.001=693 सेकंडT_{1/2} = \frac{0.693}{0.001} = 693 \text{ सेकंड}


    3. अपक्षय नियतांक (Decay Constant)

    सूत्र:

    λ=2.303tlog⁡N0N\lambda = \frac{2.303}{t} \log \frac{N_0}{N}

    व्याख्या:

    यह सूत्र अपक्षय नियतांक (λ\lambda) को प्रारंभिक (N0N_0) और शेष नाभिकों (NN) की संख्या तथा समय tt के आधार पर बताता है।


    उदाहरण:

    यदि N0=1000N_0 = 1000, N=500N = 500, और t=10t = 10 सेकंड है:

    λ=2.30310log⁡1000500≈0.0693 प्रति सेकंड\lambda = \frac{2.303}{10} \log \frac{1000}{500} \approx 0.0693 \text{ प्रति सेकंड}


    4. बोहर सिद्धांत का दूसरा अनुमोदन (Second Postulate of Bohr's Theory)

    सूत्र:

    mvr=nh2πmvr = \frac{nh}{2\pi}

    व्याख्या:

    यह सूत्र दर्शाता है कि किसी स्थिर कक्षा में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग निश्चित होता है।

    • mm = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
    • vv = वेग
    • rr = कक्षा का त्रिज्या
    • nn = प्रमुख क्वांटम संख्या
    • hh = प्लांक स्थिरांक

    5. बोहर का उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य का सूत्र (Bohr’s Formula for Wavelength of Emitted Light)

    सूत्र:

    1λ=R(1n12−1n22)\frac{1}{\lambda} = R \left(\frac{1}{n_1^2} - \frac{1}{n_2^2}\right)

    व्याख्या:

    यह सूत्र इलेक्ट्रॉन के दो ऊर्जा स्तरों (n1n_1 और n2n_2) के बीच संक्रमण के दौरान उत्सर्जित फोटॉन की तरंगदैर्ध्य (λ\lambda) बताता है।

    • RR = राइडबर्ग स्थिरांक

    उदाहरण:

    यदि n1=1n_1 = 1 और n2=2n_2 = 2 हो (लाइमैन शृंखला):

    1λ=R(112−122)=R(1−0.25)=0.75R\frac{1}{\lambda} = R \left(\frac{1}{1^2} - \frac{1}{2^2}\right) = R \left(1 - 0.25\right) = 0.75 R


    6. आइंस्टीन का ऊर्जा-द्रव्यमान समीकरण (Einstein's Energy-Mass Equation)

    सूत्र:

    E=mc2E = mc^2

    व्याख्या:

    यह सूत्र ऊर्जा (EE) और द्रव्यमान (mm) के बीच संबंध दर्शाता है, जहाँ cc प्रकाश की गति है।


    उदाहरण:

    यदि m=1m = 1 किग्रा है:

    E=1×(3×108)2=9×1016 जूलE = 1 \times (3 \times 10^8)^2 = 9 \times 10^{16} \text{ जूल}


    7. nthn^{th} बोहर कक्षा की त्रिज्या (Radius of nthn^{th} Bohr Orbit)

    सूत्र:

    rn=n2h24π2me2Zr_n = \frac{n^2 h^2}{4\pi^2 m e^2 Z}

    व्याख्या:

    यह सूत्र हाइड्रोजन जैसे परमाणु में nthn^{th} कक्षा की त्रिज्या बताता है।

    • ZZ = परमाणु क्रमांक

    8. डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य (De Broglie Wavelength)

    सूत्र:

    λ=hp=hmv=h2meV\lambda = \frac{h}{p} = \frac{h}{mv} = \frac{h}{\sqrt{2meV}}

    व्याख्या:

    यह सूत्र कण के संवेग (pp) से संबंधित तरंगदैर्ध्य (λ\lambda) बताता है।


    उदाहरण:

    यदि इलेक्ट्रॉन का वेग v=106v = 10^6 m/s है (h=6.63×10−34h = 6.63 \times 10^{-34} Js, m=9.1×10−31m = 9.1 \times 10^{-31} kg):

    λ=6.63×10−349.1×10−31×106≈7.3×10−10 मीटर\lambda = \frac{6.63 \times 10^{-34}}{9.1 \times 10^{-31} \times 10^6} \approx 7.3 \times 10^{-10} \text{ मीटर}


    9. फोटॉनों की संख्या (Number of Photons)

    सूत्र:

    n=Pλhcn = \frac{P \lambda}{hc}

    व्याख्या:

    यह सूत्र प्रकाश किरण में फोटॉनों की संख्या (nn) बताता है, जहाँ PP शक्ति और λ\lambda तरंगदैर्ध्य है।


    उदाहरण:

    यदि P=3P = 3 W और λ=500 nm=500×10−9\lambda = 500 \text{ nm} = 500 \times 10^{-9} मीटर:

    n=3×500×10−96.63×10−34×3×108≈7.5×1015

  3. 3.इलेक्ट्रॉनों और फोटॉनों के सूत्र

    1. इलेक्ट्रॉन का वेग (Velocity of Electron)

    सूत्र:

    V=EBV = \frac{E}{B}

    व्याख्या:

    यह सूत्र इलेक्ट्रॉन के वेग (VV) को विद्युत क्षेत्र (EE) और चुंबकीय क्षेत्र (BB) के आधार पर बताता है।


    2. फोटॉन की ऊर्जा (Energy of a Photon)

    सूत्र:

    E=hν=hcλE = h\nu = \frac{hc}{\lambda}

    व्याख्या:

    यह सूत्र फोटॉन की ऊर्जा (EE) को प्लांक स्थिरांक (hh), फोटॉन की आवृत्ति (ν\nu), प्रकाश की गति (cc), और तरंगदैर्ध्य (λ\lambda) के आधार पर बताता है।


    उदाहरण:

    यदि λ=500\lambda = 500 nm,
    h=6.63×10−34h = 6.63 \times 10^{-34} Js, c=3×108c = 3 \times 10^8 m/s:

    E=6.63×10−34×3×108500×10−9≈3.98×10−19 JE = \frac{6.63 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{500 \times 10^{-9}} \approx 3.98 \times 10^{-19} \text{ J}


    3. तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति का संबंध (Wavelength and Frequency Relationship)

    सूत्र:

    λ=cν\lambda = \frac{c}{\nu}

    व्याख्या:

    यह सूत्र फोटॉन के तरंगदैर्ध्य (λ\lambda) और उसकी आवृत्ति (ν\nu) तथा प्रकाश की गति (cc) के बीच संबंध दर्शाता है।


    4. आइंस्टीन का प्रकाश विद्युत समीकरण (Einstein’s Photoelectric Equation)

    सूत्र:

    EP=hν=12mv2+hν0E_P = h\nu = \frac{1}{2} mv^2 + h\nu_0

    व्याख्या:

    यह समीकरण फोटॉन की ऊर्जा (hνh\nu) को उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और कार्य फलन (hν0h\nu_0) के साथ जोड़ता है।


    उदाहरण:

    यदि hν=5 eVh\nu = 5 \, \text{eV} और hν0=2 eVh\nu_0 = 2 \, \text{eV}:

    12mv2=5−2=3 eV\frac{1}{2} mv^2 = 5 - 2 = 3 \, \text{eV}


    5. न्यूनतम आवृत्ति (Threshold Frequency)

    सूत्र:

    ν0=he\nu_0 = \frac{h}{e}

    व्याख्या:

    यह सूत्र न्यूनतम आवृत्ति (ν0\nu_0) को दर्शाता है, जो फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव में इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन के लिए आवश्यक होती है।


    6. इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा (Maximum Kinetic Energy of Electron)

    सूत्र:

    K.Emax=12mvmax2=h(ν−ν0)K.E_{\text{max}} = \frac{1}{2} mv^2_{\text{max}} = h \left(\nu - \nu_0\right)

    व्याख्या:

    यह सूत्र फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा बताता है।


    उदाहरण:

    यदि hν=4h\nu = 4 eV और hν0=2h\nu_0 = 2 eV:

    K.Emax=4−2=2 eVK.E_{\text{max}} = 4 - 2 = 2 \, \text{eV}


    7. गतिज ऊर्जा और आवृत्ति का संबंध (Kinetic Energy and Frequency Relationship)

    सूत्र:

    K.Emax2=hν2−hν02\frac{K.E_{\text{max}}}{2} = \frac{h\nu}{2} - \frac{h\nu_0}{2}

    व्याख्या:

    यह सूत्र गतिज ऊर्जा को फोटॉन की आवृत्ति (ν\nu) और न्यूनतम आवृत्ति (ν0\nu_0) के संदर्भ में दर्शाता है।


    8. इलेक्ट्रॉन का वेग (Electron Velocity Formula)

    सूत्र:

    12mv2=KEऔरv=2KEm\frac{1}{2} mv^2 = \text{KE} \quad \text{और} \quad v = \sqrt{\frac{2 \text{KE}}{m}}

    व्याख्या:

    यह सूत्र इलेक्ट्रॉन का वेग (vv) बताता है, जब उसकी गतिज ऊर्जा (KE\text{KE}) ज्ञात हो।


    उदाहरण:

    यदि KE=4×10−19\text{KE} = 4 \times 10^{-19} J और m=9.1×10−31m = 9.1 \times 10^{-31} kg:

    v=2×4×10−199.1×10−31≈9.4×105 m/sv = \sqrt{\frac{2 \times 4 \times 10^{-19}}{9.1 \times 10^{-31}}} \approx 9.4 \times 10^5 \text{ m/s}


    9. इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्ध्य (Wavelength of Electron)

    सूत्र:

    λ=h2meV\lambda = \frac{h}{\sqrt{2meV}}

    व्याख्या:

    यह सूत्र इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान (mm), आवेश (ee), और विभव (VV) के आधार पर उसका डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य (λ\lambda) बताता है।


    उदाहरण:

    यदि V=100V = 100 V, h=6.63×10−34h = 6.63 \times 10^{-34} Js, और m=9.1×10−31m = 9.1 \times 10^{-31} kg:

    λ=6.63×10−342×9.1×10−31×1.6×10−19×100≈1.23×10−10 मीटर

कक्षा 11 रसायन शास्त्र के अन्य अध्याय