सभी महत्वपूर्ण सूत्र — कक्षा 11 भौतिक विज्ञान नोट्स
सभी महत्वपूर्ण सूत्र · कक्षा 11 भौतिक विज्ञान · 4 टॉपिक.
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सभी महत्वपूर्ण सूत्र में शामिल टॉपिक
1.प्रकाशिकी
1. स्नेल के नियम से अपवर्तनांक (Refractive Index)
μ1μ2=sinisinr
उदाहरण:
यदि प्रकाश की किरण वायु (μ1=1) से पानी (μ2=1.33) में जाती है और आपतन कोण i 30∘ है, तो अपवर्तन कोण r ज्ञात करें।
समाधान:
11.33=sin30∘sinr
0.752=0.5sinr
sinr=0.50.752
=0.665r=sin−1(0.665)≈41.8∘2. ब्रूस्टर का नियम (Brewster's Law)
μ=tanp(p = ध्रुवण कोण)
उदाहरण:
यदि ध्रुवण कोण p 56∘ है, तो अपवर्तनांक μ ज्ञात करें।
समाधान:μ=tan56∘≈1.48
3. अपवर्तनांकों के बीच संबंध (Relation Between Refractive Indices)
n12×n21=1
n21=1n12उदाहरण:
यदि n12=1.5 है, तो n21 ज्ञात करें।
समाधान:n21=11.5=0.67
4. अपवर्तनांक फॉर्मूला (Refractive Index Formula)
μ=sinisinr
उदाहरण:
यदि एक प्रकाश किरण वायु से कांच में 45∘ के आपतन कोण और 28∘ के अपवर्तन कोण पर जाती है, तो कांच का अपवर्तनांक ज्ञात करें।
समाधान:μ=sin45∘sin28∘=0.7070.469≈1.51
5. दर्पण फॉर्मूला (Mirror Formula)
1f=1v+1u
उदाहरण:
यदि कोई वस्तु अवतल दर्पण के सामने 20 सेमी दूरी पर रखी हो और दर्पण की फोकस दूरी 10 सेमी हो, तो प्रतिबिंब दूरी v ज्ञात करें।
समाधान:1−10=1v+1−20
1v=1−10+120=−2+120=−120
v=−20 सेमी6. लेंस निर्माता फॉर्मूला (Lens Maker Formula)
माध्यम में:
1f=(μ−1)(1R1−1R2)वायु में:
1f=(μ−1)(1R1−1R2)
उदाहरण:
यदि μ=1.5, R1=20 सेमी और R2=−30 सेमी हैं, तो फोकस दूरी f ज्ञात करें।
समाधान:
1f=(1.5−1)(120−1−30)1f=0.5(120+130)1f=0.5(3+260)=0.5×560=5120
f=24 सेमी7. दो फोकस दूरी के लिए तुल्य फोकस दूरी (Equivalent Focal Length)
1F=1f1+1f2
उदाहरण:
यदि दो लेंस की फोकस दूरी f1=10 सेमी और f2=20 सेमी हैं, तो तुल्य फोकस दूरी F ज्ञात करें।
समाधान:
1F=110+120=2+120=320
F=203≈6.67 सेमी8. लेंस की पावर (Power of a Lens)
P=100f(सेमी में)
उदाहरण:
यदि लेंस की फोकस दूरी 25 सेमी है, तो उसकी पावर ज्ञात करें।
समाधान:
P=10025=4 डायोप्टर
9. प्रिज्म में अपवर्तन (Refraction Through Prism)
μ=sin(A+Dm2)sin(A2)
उदाहरण:
यदि प्रिज्म का अपवर्तन कोण A=60∘ और न्यूनतम विचलन कोण Dm=40∘ है, तो अपवर्तनांक μ ज्ञात करें।
समाधान:
μ=sin(60∘+40∘2)sin(60∘2)μ=sin50∘sin30∘μ=0.7660.5=1.532
2.दोलन सूत्र
1. सरल आवर्त गति (SHM) का अवकल समीकरण
d2xdt2+ω2x=0
व्याख्या:
यह सरल आवर्त गति (SHM) का समीकरण है।
उदाहरण:
यदि ω=3 rad/s हो, तो समीकरण इस प्रकार होगा:
d2xdt2+32x=0याd2xdt2+9x=0
2. वेग (Velocity)
V=±ωA2−x2
व्याख्या:
यह किसी बिंदु x पर कण के वेग को दर्शाता है।
उदाहरण:
यदि ω=4 rad/s, A=5 m, और x=3 m:
V=±452−32=±425−9=±416=±16 m/s
3. अधिकतम वेग (Vmax)
Vmax=ωA
व्याख्या:
कण द्वारा प्राप्त अधिकतम वेग।
उदाहरण:
यदि ω=6 rad/s और A=2 m:
Vmax=6×2=12 m/s
4. त्वरण (Acceleration)
a=−ω2x
व्याख्या:
यह दर्शाता है कि त्वरण विस्थापन के अनुपात में है, लेकिन विपरीत दिशा में।
उदाहरण:
यदि ω=5 rad/s और x=2 m:
a=−52×2=−25×2=−50 m/s2
5. विस्थापन (Displacement)
x=Asin(ωt±ϕ)
व्याख्या:
यह समय के साथ कण का स्थान दर्शाता है।
उदाहरण:
यदि A=3 m, ω=2 rad/s, और ϕ=0, t=1 s पर:
x=3sin(2×1)=3sin2≈3×0.909=2.727 m
6. आवर्त काल (Time Period)
T=2πω
व्याख्या:
एक आवर्त के लिए लिया गया समय।
उदाहरण:
यदि ω=2 rad/s:
T=2π2=π≈3.14 s
7. कोणीय आवृत्ति (ω)
ω=2πT
उदाहरण:
यदि T=4 s:
ω=2π4=π2≈1.57 rad/s
8. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
P.E.=12mω2x2=12kx2
उदाहरण:
यदि m=1 kg, ω=3 rad/s, और x=2 m:
P.E.=12×1×32×22=12×9×4=18 J
9. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
K.E.=12mω2(A2−x2)
उदाहरण:
यदि m=2 kg, ω=4 rad/s, A=3 m, और x=1 m:
K.E.=12×2×42×(32−12)=1×16×(9−1)=128 J
10. कुल ऊर्जा (Total Energy)
T.E.=12mω2A2=12kA2
उदाहरण:
यदि m=1 kg, ω=5 rad/s, और A=2 m:
T.E.=12×1×52×22=12×25×4=50 J
11. सरल लोलक का आवर्त काल (Time Period of a Simple Pendulum)
T=2πlg
उदाहरण:
यदि l=1 m और g=9.8 m/s2:
T=2π19.8≈2π×0.319=2.006 s
12. स्प्रिंग सिस्टम का आवर्त काल (Time Period for a Mass-Spring System)
T=2πmk
उदाहरण:
यदि m=2 kg और k=8 N/m:
T=2π28=2π0.25=2π×0.5≈3.14 s
3.गुरुत्वाकर्षण के सूत्र और भौतिक मात्राओं के स्थिरांक
गुरुत्वाकर्षण के सूत्र
1. न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
F=GMmr2
- व्याख्या:
दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल M और m के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, जो एक-दूसरे से r दूरी पर हैं।
उदाहरण:
यदि M=10 kg, m=5 kg, r=2 m, और G=6.67×10−11 Nm2/kg2 हो:
F=6.67×10−11×10×522=6.67×10−11×504=8.34×10−10 N
2. गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (Gravitational Constant)
G=6.67×10−11 Nm2/kg2
- व्याख्या:
गुरुत्वाकर्षण बल की गणना में प्रयोग किया जाने वाला सार्वत्रिक स्थिरांक।
3. गुरुत्वजनित त्वरण (g)
g=GMR2
- व्याख्या:
किसी ग्रह के सतह पर गुरुत्वजनित त्वरण, जहाँ M ग्रह का द्रव्यमान और R उसका त्रिज्या है।
उदाहरण:
यदि M=5.98×1024 kg और R=6.37×106 m हो:
g=6.67×10−11×5.98×1024(6.37×106)2≈9.8 m/s2
4. गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy)
U=−GMmr
- व्याख्या:
दो वस्तुओं के बीच की स्थितिज ऊर्जा, जिनका द्रव्यमान M और m हो और वे r दूरी पर स्थित हों।
उदाहरण:यदि M=10 kg, m=5 kg, r=2 m हो:
U=−6.67×10−11×10×52=−1.67×10−9 J
5. कक्षीय वेग (v0)
v0=GMr
- व्याख्या:
ग्रह के चारों ओर किसी उपग्रह को कक्षा में रखने के लिए आवश्यक वेग।
उदाहरण:
यदि M=5.98×1024 kg और r=6.37×106 m हो:
v0=6.67×10−11×5.98×10246.37×106≈7.9 km/s
6. पलायन वेग (Escape Velocity)
ve=2GMR
- व्याख्या:
किसी ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए आवश्यक न्यूनतम वेग।
उदाहरण:
पृथ्वी के लिए, M=5.98×1024 kg और R=6.37×106 m हो:
ve=2×6.67×10−11×5.98×10246.37×106≈11.2 km/s
7. उपग्रह का आवर्त काल (T)
T=2πr3GM
- व्याख्या:
किसी उपग्रह द्वारा ग्रह के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में लगा समय।
8. केपलर का तृतीय नियम (Kepler's Third Law)
T2∝r3
- व्याख्या:
ग्रह के आवर्त काल का वर्ग उसकी कक्षा के अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन के समानुपाती होता है।
9. वस्तु का वजन (W)
W=mg
- व्याख्या:
किसी वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल, जहाँ m वस्तु का द्रव्यमान और g गुरुत्वजनित त्वरण है।
भौतिक स्थिरांक (Constant Values of Physical Quantities)
प्रकाश का वेग (c)
3×108 m/sगुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (G)
6.67×10−11 Nm2/kg2पृथ्वी पर गुरुत्वजनित त्वरण (g)
9.8 m/s
2प्लांक स्थिरांक (h)
6.63×10−34 Jsएवोगैड्रो संख्या (NA)
6.022×1023 mol
−1बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (k)
1.38×10−23 J/Kसार्वत्रिक गैस स्थिरांक (R)
8.314 J/mol\Kइलेक्ट्रॉन का आवेश (e)
1.6×10−19 Cइलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
9.11×10−31 kgप्रोटॉन का द्रव्यमान
1.67×10−27 kgमुक्त स्थान का प्रतिरोध (ϵ0)
8.85×10−12 C2/Nm2मुक्त स्थान की पारगम्यता (μ0)
4π×10−7 Tm/Aस्टीफन-बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (σ)
5.67×10−8 W/m2K4वायु का घनत्व
1.29 kg/m3वायु में ध्वनि का वेग
343 m/s
- व्याख्या:
4.विद्युतचुंबकीय प्रेरण सूत्र
1. फैराडे का प्रेरण का नियम (Faraday's Law of Induction)
सूत्र:
ε=−dϕdt\varepsilon = -\frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
प्रेरित ईएमएफ (ε) चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ) में परिवर्तन की दर के समानुपाती होती है। नकारात्मक चिन्ह लेंज के नियम का पालन करता है।
उदाहरण:
यदि चुम्बकीय फ्लक्स 0.2 Wb में 0.1 s में परिवर्तन करता है, तो प्रेरित ईएमएफ:
ε=−0.20.1=−2 V\varepsilon = -\frac{0.2}{0.1} = -2 \, \text{V}2. चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux)
सूत्र:
ϕ=B⋅A⋅cosθ\phi = B \cdot A \cdot \cos\theta
व्याख्या:
चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ) चुम्बकीय क्षेत्र (B), क्षेत्रफल (A), और क्षेत्र की सतह के लंबवत कोण (θ) पर निर्भर करता है।
उदाहरण:
यदि B=5 T, A=0.1 m2, और θ=30∘:
ϕ=5×0.1×cos30∘=0.5×0.866=0.433 Wb\phi = 5 \times 0.1 \times \cos 30^\circ = 0.5 \times 0.866 = 0.433 \, \text{Wb}3. लूप में प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF in a Loop)
सूत्र:
ε=−Ndϕdt\varepsilon = -N \frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
N कुंडलियों वाले कॉइल में चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने पर उत्पन्न ईएमएफ।4. गतिमान चालक में प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF for a Moving Conductor)
सूत्र:
ε=Bℓvsinθ\varepsilon = B \ell v \sin\theta
व्याख्या:
B चुम्बकीय क्षेत्र में लंबाई ℓ का चालक, जो v वेग से गति कर रहा हो, उसमें उत्पन्न ईएमएफ।
उदाहरण:
यदि B=2 T, ℓ=0.5 m, v=3 m/s, और θ=90∘:
ε=2×0.5×3=3 V\varepsilon = 2 \times 0.5 \times 3 = 3 \, \text{V}5. लेंज का नियम (Lenz's Law)
सूत्र:
ε=−dϕdt\varepsilon = -\frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
प्रेरित ईएमएफ हमेशा उस परिवर्तन का विरोध करता है, जो उसे उत्पन्न करता है।6. स्व-प्रेरण (Self-Inductance)
सूत्र:
L=NϕIL = \frac{N\phi}{I}
व्याख्या:
स्व-प्रेरण (L) चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ) और धारा (I) के अनुपात को दर्शाता है।7. स्व-प्रेरण द्वारा प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF due to Self-Inductance)
सूत्र:
ε=−LdIdt\varepsilon = -L \frac{dI}{dt}
व्याख्या:
एक ही कुंडली में धारा के परिवर्तन के कारण उत्पन्न ईएमएफ।8. प्रेरक में संग्रहीत ऊर्जा (Energy Stored in an Inductor)
सूत्र:
U=12LI2U = \frac{1}{2} L I^2
व्याख्या:
प्रेरक में धारा I के कारण संग्रहीत ऊर्जा।9. पारस्परिक प्रेरण (Mutual Inductance)
सूत्र:
M=N2ϕ21I1M = \frac{N_2 \phi_{21}}{I_1}
व्याख्या:
पहली कुंडली की धारा I1 के कारण दूसरी कुंडली में उत्पन्न चुम्बकीय फ्लक्स।10. पारस्परिक प्रेरण द्वारा प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF due to Mutual Inductance)
सूत्र:
ε2=−MdI1dt\varepsilon_2 = -M \frac{dI_1}{dt}
व्याख्या:
एक कुंडली में धारा में परिवर्तन के कारण दूसरी कुंडली में उत्पन्न ईएमएफ।11. कोणीय आवृत्ति (Angular Frequency)
सूत्र:
ω=2πf\omega = 2\pi f
व्याख्या:
कोणीय आवृत्ति (ω) सामान्य आवृत्ति f के अनुपात में होती है।12. एसी परिपथ में शक्ति (Power in AC Circuit)
सूत्र:
P=VIcosϕP = VI \cos \phi
व्याख्या:
एसी परिपथ में शक्ति, वोल्टेज (V), धारा (I) और फेज कोण (ϕ) पर निर्भर करती है।13. आर-एल परिपथ का प्रतिबाधा (Impedance in Series R-L Circuit)
सूत्र:
Z=R2+(ωL)2Z = \sqrt{R^2 + (\omega L)^2}
व्याख्या:
प्रतिरोध (R) और प्रेरकत्व (L) वाले श्रृंखला परिपथ की प्रतिबाधा।14. अनुनादी आवृत्ति (Resonant Frequency)
सूत्र:
f0=12πLCf_0 = \frac{1}{2\pi \sqrt{LC}}
व्याख्या:
परिपथ की प्राकृतिक दोलन आवृत्ति।