सभी महत्वपूर्ण सूत्र — कक्षा 12 भौतिक विज्ञान नोट्स
सभी महत्वपूर्ण सूत्र · कक्षा 12 भौतिक विज्ञान · 4 टॉपिक.
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सभी महत्वपूर्ण सूत्र में शामिल टॉपिक
1.प्रकाशिकी
1. स्नेल के नियम से अपवर्तनांक (Refractive Index)
μ1μ2=sinisinr\frac{\mu_1}{\mu_2} = \frac{\sin i}{\sin r}
उदाहरण:
यदि प्रकाश की किरण वायु (μ1=1\mu_1 = 1) से पानी (μ2=1.33\mu_2 = 1.33) में जाती है और आपतन कोण ii 30∘30^\circ है, तो अपवर्तन कोण rr ज्ञात करें।
समाधान:
11.33=sin30∘sinr
\frac{1}{1.33} = \frac{\sin 30^\circ}{\sin r} 0.752=0.5sinr
0.752 = \frac{0.5}{\sin r} sinr=0.50.752
=0.665\sin r = \frac{0.5}{0.752} = 0.665 r=sin−1(0.665)≈41.8∘r = \sin^{-1}(0.665) \approx 41.8^\circ2. ब्रूस्टर का नियम (Brewster's Law)
μ=tanp(p = ध्रुवण कोण)\mu = \tan p \quad (\text{p = ध्रुवण कोण})
उदाहरण:
यदि ध्रुवण कोण pp 56∘56^\circ है, तो अपवर्तनांक μ\mu ज्ञात करें।
समाधान:μ=tan56∘≈1.48\mu = \tan 56^\circ \approx 1.48
3. अपवर्तनांकों के बीच संबंध (Relation Between Refractive Indices)
n12×n21=1
n_{12} \times n_{21} = 1 n21=1n12n_{21} = \frac{1}{n_{12}}उदाहरण:
यदि n12=1.5n_{12} = 1.5 है, तो n21n_{21} ज्ञात करें।
समाधान:n21=11.5=0.67n_{21} = \frac{1}{1.5} = 0.67
4. अपवर्तनांक फॉर्मूला (Refractive Index Formula)
μ=sinisinr\mu = \frac{\sin i}{\sin r}
उदाहरण:
यदि एक प्रकाश किरण वायु से कांच में 45∘45^\circ के आपतन कोण और 28∘28^\circ के अपवर्तन कोण पर जाती है, तो कांच का अपवर्तनांक ज्ञात करें।
समाधान:μ=sin45∘sin28∘=0.7070.469≈1.51\mu = \frac{\sin 45^\circ}{\sin 28^\circ} = \frac{0.707}{0.469} \approx 1.51
5. दर्पण फॉर्मूला (Mirror Formula)
1f=1v+1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}
उदाहरण:
यदि कोई वस्तु अवतल दर्पण के सामने 20 सेमी दूरी पर रखी हो और दर्पण की फोकस दूरी 10 सेमी हो, तो प्रतिबिंब दूरी vv ज्ञात करें।
समाधान:1−10=1v+1−20
\frac{1}{-10} = \frac{1}{v} + \frac{1}{-20} 1v=1−10+120=−2+120=−120
\frac{1}{v} = \frac{1}{-10} + \frac{1}{20} = \frac{-2 + 1}{20} = \frac{-1}{20} v=−20 सेमीv = -20 \, \text{सेमी}6. लेंस निर्माता फॉर्मूला (Lens Maker Formula)
-
माध्यम में:
1f=(μ−1)(1R1−1R2)\frac{1}{f} = (\mu - 1) \left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right) -
वायु में:
1f=(μ−1)(1R1−1R2)\frac{1}{f} = (\mu - 1) \left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)
उदाहरण:
यदि μ=1.5\mu = 1.5, R1=20 सेमीR_1 = 20 \, \text{सेमी} और R2=−30 सेमीR_2 = -30 \, \text{सेमी} हैं, तो फोकस दूरी ff ज्ञात करें।
समाधान:
1f=(1.5−1)(120−1−30)\frac{1}{f} = (1.5 - 1) \left(\frac{1}{20} - \frac{1}{-30}\right) 1f=0.5(120+130)\frac{1}{f} = 0.5 \left(\frac{1}{20} + \frac{1}{30}\right) 1f=0.5(3+260)=0.5×560=5120
\frac{1}{f} = 0.5 \left(\frac{3 + 2}{60}\right) = 0.5 \times \frac{5}{60} = \frac{5}{120} f=24 सेमीf = 24 \, \text{सेमी}7. दो फोकस दूरी के लिए तुल्य फोकस दूरी (Equivalent Focal Length)
1F=1f1+1f2\frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2}
उदाहरण:
यदि दो लेंस की फोकस दूरी f1=10 सेमीf_1 = 10 \, \text{सेमी} और f2=20 सेमीf_2 = 20 \, \text{सेमी} हैं, तो तुल्य फोकस दूरी FF ज्ञात करें।
समाधान:
1F=110+120=2+120=320
\frac{1}{F} = \frac{1}{10} + \frac{1}{20} = \frac{2 + 1}{20} = \frac{3}{20} F=203≈6.67 सेमीF = \frac{20}{3} \approx 6.67 \, \text{सेमी}8. लेंस की पावर (Power of a Lens)
P=100f(सेमी में)P = \frac{100}{f(\text{सेमी में})}
उदाहरण:
यदि लेंस की फोकस दूरी 25 सेमी25 \, \text{सेमी} है, तो उसकी पावर ज्ञात करें।
समाधान:
P=10025=4 डायोप्टरP = \frac{100}{25} = 4 \, \text{डायोप्टर}
9. प्रिज्म में अपवर्तन (Refraction Through Prism)
μ=sin(A+Dm2)sin(A2)\mu = \frac{\sin\left(\frac{A + D_m}{2}\right)}{\sin\left(\frac{A}{2}\right)}
उदाहरण:
यदि प्रिज्म का अपवर्तन कोण A=60∘A = 60^\circ और न्यूनतम विचलन कोण Dm=40∘D_m = 40^\circ है, तो अपवर्तनांक μ\mu ज्ञात करें।
समाधान:
μ=sin(60∘+40∘2)sin(60∘2)\mu = \frac{\sin\left(\frac{60^\circ + 40^\circ}{2}\right)}{\sin\left(\frac{60^\circ}{2}\right)} μ=sin50∘sin30∘\mu = \frac{\sin 50^\circ}{\sin 30^\circ} μ=0.7660.5=1.532
-
2.दोलन सूत्र
1. सरल आवर्त गति (SHM) का अवकल समीकरण
d2xdt2+ω2x=0\frac{d^2 x}{dt^2} + \omega^2 x = 0
व्याख्या:
यह सरल आवर्त गति (SHM) का समीकरण है।
उदाहरण:
यदि ω=3 rad/s\omega = 3 \, \text{rad/s} हो, तो समीकरण इस प्रकार होगा:
d2xdt2+32x=0याd2xdt2+9x=0\frac{d^2 x}{dt^2} + 3^2 x = 0 \quad \text{या} \quad \frac{d^2 x}{dt^2} + 9x = 0
2. वेग (Velocity)
V=±ωA2−x2V = \pm \omega \sqrt{A^2 - x^2}
व्याख्या:
यह किसी बिंदु xx पर कण के वेग को दर्शाता है।
उदाहरण:
यदि ω=4 rad/s\omega = 4 \, \text{rad/s}, A=5 mA = 5 \, \text{m}, और x=3 mx = 3 \, \text{m}:
V=±452−32=±425−9=±416=±16 m/sV = \pm 4 \sqrt{5^2 - 3^2} = \pm 4 \sqrt{25 - 9} = \pm 4 \sqrt{16} = \pm 16 \, \text{m/s}
3. अधिकतम वेग (VmaxV_{max})
Vmax=ωAV_{max} = \omega A
व्याख्या:
कण द्वारा प्राप्त अधिकतम वेग।
उदाहरण:
यदि ω=6 rad/s\omega = 6 \, \text{rad/s} और A=2 mA = 2 \, \text{m}:
Vmax=6×2=12 m/sV_{max} = 6 \times 2 = 12 \, \text{m/s}
4. त्वरण (Acceleration)
a=−ω2xa = -\omega^2 x
व्याख्या:
यह दर्शाता है कि त्वरण विस्थापन के अनुपात में है, लेकिन विपरीत दिशा में।
उदाहरण:
यदि ω=5 rad/s\omega = 5 \, \text{rad/s} और x=2 mx = 2 \, \text{m}:
a=−52×2=−25×2=−50 m/s2a = -5^2 \times 2 = -25 \times 2 = -50 \, \text{m/s}^2
5. विस्थापन (Displacement)
x=Asin(ωt±ϕ)x = A \sin(\omega t \pm \phi)
व्याख्या:
यह समय के साथ कण का स्थान दर्शाता है।
उदाहरण:
यदि A=3 mA = 3 \, \text{m}, ω=2 rad/s\omega = 2 \, \text{rad/s}, और ϕ=0\phi = 0, t=1 st = 1 \, \text{s} पर:
x=3sin(2×1)=3sin2≈3×0.909=2.727 mx = 3 \sin(2 \times 1) = 3 \sin 2 \approx 3 \times 0.909 = 2.727 \, \text{m}
6. आवर्त काल (Time Period)
T=2πωT = \frac{2\pi}{\omega}
व्याख्या:
एक आवर्त के लिए लिया गया समय।
उदाहरण:
यदि ω=2 rad/s\omega = 2 \, \text{rad/s}:
T=2π2=π≈3.14 sT = \frac{2\pi}{2} = \pi \approx 3.14 \, \text{s}
7. कोणीय आवृत्ति (ω\omega)
ω=2πT\omega = \frac{2\pi}{T}
उदाहरण:
यदि T=4 sT = 4 \, \text{s}:
ω=2π4=π2≈1.57 rad/s\omega = \frac{2\pi}{4} = \frac{\pi}{2} \approx 1.57 \, \text{rad/s}
8. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
P.E.=12mω2x2=12kx2P.E. = \frac{1}{2} m \omega^2 x^2 = \frac{1}{2} k x^2
उदाहरण:
यदि m=1 kgm = 1 \, \text{kg}, ω=3 rad/s\omega = 3 \, \text{rad/s}, और x=2 mx = 2 \, \text{m}:
P.E.=12×1×32×22=12×9×4=18 JP.E. = \frac{1}{2} \times 1 \times 3^2 \times 2^2 = \frac{1}{2} \times 9 \times 4 = 18 \, \text{J}
9. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
K.E.=12mω2(A2−x2)K.E. = \frac{1}{2} m \omega^2 (A^2 - x^2)
उदाहरण:
यदि m=2 kgm = 2 \, \text{kg}, ω=4 rad/s\omega = 4 \, \text{rad/s}, A=3 mA = 3 \, \text{m}, और x=1 mx = 1 \, \text{m}:
K.E.=12×2×42×(32−12)=1×16×(9−1)=128 JK.E. = \frac{1}{2} \times 2 \times 4^2 \times (3^2 - 1^2) = 1 \times 16 \times (9 - 1) = 128 \, \text{J}
10. कुल ऊर्जा (Total Energy)
T.E.=12mω2A2=12kA2T.E. = \frac{1}{2} m \omega^2 A^2 = \frac{1}{2} k A^2
उदाहरण:
यदि m=1 kgm = 1 \, \text{kg}, ω=5 rad/s\omega = 5 \, \text{rad/s}, और A=2 mA = 2 \, \text{m}:
T.E.=12×1×52×22=12×25×4=50 JT.E. = \frac{1}{2} \times 1 \times 5^2 \times 2^2 = \frac{1}{2} \times 25 \times 4 = 50 \, \text{J}
11. सरल लोलक का आवर्त काल (Time Period of a Simple Pendulum)
T=2πlgT = 2\pi \sqrt{\frac{l}{g}}
उदाहरण:
यदि l=1 ml = 1 \, \text{m} और g=9.8 m/s2g = 9.8 \, \text{m/s}^2:
T=2π19.8≈2π×0.319=2.006 sT = 2\pi \sqrt{\frac{1}{9.8}} \approx 2\pi \times 0.319 = 2.006 \, \text{s}
12. स्प्रिंग सिस्टम का आवर्त काल (Time Period for a Mass-Spring System)
T=2πmkT = 2\pi \sqrt{\frac{m}{k}}
उदाहरण:
यदि m=2 kgm = 2 \, \text{kg} और k=8 N/mk = 8 \, \text{N/m}:
T=2π28=2π0.25=2π×0.5≈3.14 s
3.गुरुत्वाकर्षण के सूत्र और भौतिक मात्राओं के स्थिरांक
गुरुत्वाकर्षण के सूत्र
1. न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
F=GMmr2F = \frac{GMm}{r^2}
- व्याख्या:
दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल MM और mm के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, जो एक-दूसरे से rr दूरी पर हैं।
उदाहरण:
यदि M=10 kgM = 10 \, \text{kg}, m=5 kgm = 5 \, \text{kg}, r=2 mr = 2 \, \text{m}, और G=6.67×10−11 Nm2/kg2G = 6.67 \times 10^{-11} \, \text{Nm}^2/\text{kg}^2 हो:
F=6.67×10−11×10×522=6.67×10−11×504=8.34×10−10 NF = \frac{6.67 \times 10^{-11} \times 10 \times 5}{2^2} = \frac{6.67 \times 10^{-11} \times 50}{4} = 8.34 \times 10^{-10} \, \text{N}
2. गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (Gravitational Constant)
G=6.67×10−11 Nm2/kg2G = 6.67 \times 10^{-11} \, \text{Nm}^2/\text{kg}^2
- व्याख्या:
गुरुत्वाकर्षण बल की गणना में प्रयोग किया जाने वाला सार्वत्रिक स्थिरांक।
3. गुरुत्वजनित त्वरण (gg)
g=GMR2g = \frac{GM}{R^2}
- व्याख्या:
किसी ग्रह के सतह पर गुरुत्वजनित त्वरण, जहाँ MM ग्रह का द्रव्यमान और RR उसका त्रिज्या है।
उदाहरण:
यदि M=5.98×1024 kgM = 5.98 \times 10^{24} \, \text{kg} और R=6.37×106 mR = 6.37 \times 10^6 \, \text{m} हो:
g=6.67×10−11×5.98×1024(6.37×106)2≈9.8 m/s2g = \frac{6.67 \times 10^{-11} \times 5.98 \times 10^{24}}{(6.37 \times 10^6)^2} \approx 9.8 \, \text{m/s}^2
4. गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy)
U=−GMmrU = -\frac{GMm}{r}
- व्याख्या:
दो वस्तुओं के बीच की स्थितिज ऊर्जा, जिनका द्रव्यमान MM और mm हो और वे rr दूरी पर स्थित हों।
उदाहरण:यदि M=10 kgM = 10 \, \text{kg}, m=5 kgm = 5 \, \text{kg}, r=2 mr = 2 \, \text{m} हो:
U=−6.67×10−11×10×52=−1.67×10−9 JU = -\frac{6.67 \times 10^{-11} \times 10 \times 5}{2} = -1.67 \times 10^{-9} \, \text{J}
5. कक्षीय वेग (v0v_0)
v0=GMrv_0 = \sqrt{\frac{GM}{r}}
- व्याख्या:
ग्रह के चारों ओर किसी उपग्रह को कक्षा में रखने के लिए आवश्यक वेग।
उदाहरण:
यदि M=5.98×1024 kgM = 5.98 \times 10^{24} \, \text{kg} और r=6.37×106 mr = 6.37 \times 10^6 \, \text{m} हो:
v0=6.67×10−11×5.98×10246.37×106≈7.9 km/sv_0 = \sqrt{\frac{6.67 \times 10^{-11} \times 5.98 \times 10^{24}}{6.37 \times 10^6}} \approx 7.9 \, \text{km/s}
6. पलायन वेग (Escape Velocity)
ve=2GMRv_e = \sqrt{\frac{2GM}{R}}
- व्याख्या:
किसी ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए आवश्यक न्यूनतम वेग।
उदाहरण:
पृथ्वी के लिए, M=5.98×1024 kgM = 5.98 \times 10^{24} \, \text{kg} और R=6.37×106 mR = 6.37 \times 10^6 \, \text{m} हो:
ve=2×6.67×10−11×5.98×10246.37×106≈11.2 km/sv_e = \sqrt{\frac{2 \times 6.67 \times 10^{-11} \times 5.98 \times 10^{24}}{6.37 \times 10^6}} \approx 11.2 \, \text{km/s}
7. उपग्रह का आवर्त काल (TT)
T=2πr3GMT = 2\pi \sqrt{\frac{r^3}{GM}}
- व्याख्या:
किसी उपग्रह द्वारा ग्रह के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में लगा समय।
8. केपलर का तृतीय नियम (Kepler's Third Law)
T2∝r3T^2 \propto r^3
- व्याख्या:
ग्रह के आवर्त काल का वर्ग उसकी कक्षा के अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन के समानुपाती होता है।
9. वस्तु का वजन (WW)
W=mgW = mg
- व्याख्या:
किसी वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल, जहाँ mm वस्तु का द्रव्यमान और gg गुरुत्वजनित त्वरण है।
भौतिक स्थिरांक (Constant Values of Physical Quantities)
-
प्रकाश का वेग (cc)
3×108 m/s
3 \times 10^8 \, \text{m/s} -
गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (GG)
6.67×10−11 Nm2/kg26.67 \times 10^{-11} \, \text{Nm}^2/\text{kg}^2 -
पृथ्वी पर गुरुत्वजनित त्वरण (gg)
9.8 m/s
29.8 \, \text{m/s}^2 -
प्लांक स्थिरांक (hh)
6.63×10−34 Js
6.63 \times 10^{-34} \, \text{Js} -
एवोगैड्रो संख्या (NAN_A)
6.022×1023 mol
−16.022 \times 10^{23} \, \text{mol}^{-1} -
बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (kk)
1.38×10−23 J/K
1.38 \times 10^{-23} \, \text{J/K} -
सार्वत्रिक गैस स्थिरांक (RR)
8.314 J/mol\K
8.314 \, \text{J/mol·K} -
इलेक्ट्रॉन का आवेश (ee)
1.6×10−19 C
1.6 \times 10^{-19} \, \text{C} -
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
9.11×10−31 kg
9.11 \times 10^{-31} \, \text{kg} -
प्रोटॉन का द्रव्यमान
1.67×10−27 kg
1.67 \times 10^{-27} \, \text{kg} -
मुक्त स्थान का प्रतिरोध (ϵ0\epsilon_0)
8.85×10−12 C2/Nm28.85 \times 10^{-12} \, \text{C}^2/\text{Nm}^2 -
मुक्त स्थान की पारगम्यता (μ0\mu_0)
4π×10−7 Tm/A
4\pi \times 10^{-7} \, \text{Tm/A} -
स्टीफन-बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (σ\sigma)
5.67×10−8 W/m2K45.67 \times 10^{-8} \, \text{W/m}^2\text{K}^4 -
वायु का घनत्व
1.29 kg/m31.29 \, \text{kg/m}^3 -
वायु में ध्वनि का वेग
343 m/s343 \, \text{m/s}
- व्याख्या:
4.विद्युतचुंबकीय प्रेरण सूत्र
1. फैराडे का प्रेरण का नियम (Faraday's Law of Induction)
सूत्र:
ε=−dϕdt\varepsilon = -\frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
प्रेरित ईएमएफ (ε\varepsilon) चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ\phi) में परिवर्तन की दर के समानुपाती होती है। नकारात्मक चिन्ह लेंज के नियम का पालन करता है।
उदाहरण:
यदि चुम्बकीय फ्लक्स 0.2 Wb0.2 \, \text{Wb} में 0.1 s0.1 \, \text{s} में परिवर्तन करता है, तो प्रेरित ईएमएफ:
ε=−0.20.1=−2 V\varepsilon = -\frac{0.2}{0.1} = -2 \, \text{V}2. चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux)
सूत्र:
ϕ=B⋅A⋅cosθ\phi = B \cdot A \cdot \cos\theta
व्याख्या:
चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ\phi) चुम्बकीय क्षेत्र (BB), क्षेत्रफल (AA), और क्षेत्र की सतह के लंबवत कोण (θ\theta) पर निर्भर करता है।
उदाहरण:
यदि B=5 TB = 5 \, \text{T}, A=0.1 m2A = 0.1 \, \text{m}^2, और θ=30∘\theta = 30^\circ:
ϕ=5×0.1×cos30∘=0.5×0.866=0.433 Wb\phi = 5 \times 0.1 \times \cos 30^\circ = 0.5 \times 0.866 = 0.433 \, \text{Wb}3. लूप में प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF in a Loop)
सूत्र:
ε=−Ndϕdt\varepsilon = -N \frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
NN कुंडलियों वाले कॉइल में चुम्बकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने पर उत्पन्न ईएमएफ।4. गतिमान चालक में प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF for a Moving Conductor)
सूत्र:
ε=Bℓvsinθ\varepsilon = B \ell v \sin\theta
व्याख्या:
BB चुम्बकीय क्षेत्र में लंबाई ℓ\ell का चालक, जो vv वेग से गति कर रहा हो, उसमें उत्पन्न ईएमएफ।
उदाहरण:
यदि B=2 TB = 2 \, \text{T}, ℓ=0.5 m\ell = 0.5 \, \text{m}, v=3 m/sv = 3 \, \text{m/s}, और θ=90∘\theta = 90^\circ:
ε=2×0.5×3=3 V\varepsilon = 2 \times 0.5 \times 3 = 3 \, \text{V}5. लेंज का नियम (Lenz's Law)
सूत्र:
ε=−dϕdt\varepsilon = -\frac{d\phi}{dt}
व्याख्या:
प्रेरित ईएमएफ हमेशा उस परिवर्तन का विरोध करता है, जो उसे उत्पन्न करता है।6. स्व-प्रेरण (Self-Inductance)
सूत्र:
L=NϕIL = \frac{N\phi}{I}
व्याख्या:
स्व-प्रेरण (LL) चुम्बकीय फ्लक्स (ϕ\phi) और धारा (II) के अनुपात को दर्शाता है।7. स्व-प्रेरण द्वारा प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF due to Self-Inductance)
सूत्र:
ε=−LdIdt\varepsilon = -L \frac{dI}{dt}
व्याख्या:
एक ही कुंडली में धारा के परिवर्तन के कारण उत्पन्न ईएमएफ।8. प्रेरक में संग्रहीत ऊर्जा (Energy Stored in an Inductor)
सूत्र:
U=12LI2U = \frac{1}{2} L I^2
व्याख्या:
प्रेरक में धारा II के कारण संग्रहीत ऊर्जा।9. पारस्परिक प्रेरण (Mutual Inductance)
सूत्र:
M=N2ϕ21I1M = \frac{N_2 \phi_{21}}{I_1}
व्याख्या:
पहली कुंडली की धारा I1I_1 के कारण दूसरी कुंडली में उत्पन्न चुम्बकीय फ्लक्स।10. पारस्परिक प्रेरण द्वारा प्रेरित ईएमएफ (Induced EMF due to Mutual Inductance)
सूत्र:
ε2=−MdI1dt\varepsilon_2 = -M \frac{dI_1}{dt}
व्याख्या:
एक कुंडली में धारा में परिवर्तन के कारण दूसरी कुंडली में उत्पन्न ईएमएफ।11. कोणीय आवृत्ति (Angular Frequency)
सूत्र:
ω=2πf\omega = 2\pi f
व्याख्या:
कोणीय आवृत्ति (ω\omega) सामान्य आवृत्ति ff के अनुपात में होती है।12. एसी परिपथ में शक्ति (Power in AC Circuit)
सूत्र:
P=VIcosϕP = VI \cos \phi
व्याख्या:
एसी परिपथ में शक्ति, वोल्टेज (VV), धारा (II) और फेज कोण (ϕ\phi) पर निर्भर करती है।13. आर-एल परिपथ का प्रतिबाधा (Impedance in Series R-L Circuit)
सूत्र:
Z=R2+(ωL)2Z = \sqrt{R^2 + (\omega L)^2}
व्याख्या:
प्रतिरोध (RR) और प्रेरकत्व (LL) वाले श्रृंखला परिपथ की प्रतिबाधा।14. अनुनादी आवृत्ति (Resonant Frequency)
सूत्र:
f0=12πLCf_0 = \frac{1}{2\pi \sqrt{LC}}
व्याख्या:
परिपथ की प्राकृतिक दोलन आवृत्ति।
कक्षा 12 भौतिक विज्ञान के अन्य अध्याय
- विद्युत शुल्क और क्षेत्र
- इलेक्ट्रोस्टैटिक क्षमता और धारिता
- करंट इलेक्ट्रिसिटी
- गतिमान आवेश और चुंबकत्व
- चुंबकत्व और पदार्थ
- इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन
- प्रत्यावर्ती धारा
- विद्युतचुम्बकीय तरंगें
- रे ऑप्टिक्स और ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट्स
- तरंग प्रकाशिकी
- विकिरण और पदार्थ की दोहरी प्रकृति
- परमाणुओं
- नाभिक
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