निर्धारकोंकक्षा 12 गणित नोट्स

निर्धारकों · कक्षा 12 गणित · 15 टॉपिक.

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निर्धारकों में शामिल टॉपिक

  1. 1.डिटर्मिनेंट्स का परिचय

    परिचय: सोचिए आप एक पार्टी की योजना बना रहे हैं और आपका बजट स्नैक्स और सजावट के लिए निर्धारित है। आप दो प्रकार के स्नैक्स और दो प्रकार की सजावट चुन सकते हैं, प्रत्येक की अलग-अलग कीमतें हैं। डिटर्मिनेंट्स आपको बिना बजट के पार गए यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि आपको कितना खरीदना है।

    डिटर्मिनेंट्स क्या हैं?: गणित में, खासकर रैखिक बीजगणित में, डिटर्मिनेंट एक मूल्य होता है जिसे वर्ग मैट्रिक्स के तत्वों से गणना की जा सकती है।

    दैनिक जीवन में उदाहरण: मान लीजिए आपके दो खर्चे हैं: स्नैक्स (प्रति यूनिट ₹a) और सजावट (प्रति यूनिट ₹c)। आप स्नैक्स पर ₹b यूनिट और सजावट पर ₹d यूनिट खर्च करते हैं।

    व्यवहार में उपयोगिता: इंजीनियरिंग में इंजीनियर डिटर्मिनेंट्स का उपयोग विद्युत परिपथों और मैकेनिकल सिस्टमों में उत्पन्न होने वाले रैखिक समीकरणों को हल करने के लिए करते हैं।

    गतिविधि: निम्नलिखित मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट गणना करके देखें: [3512][31​52​]

    यह आपको समझाएगा कि गणनाएँ कैसे की जाती हैं और उनकी व्याख्या कैसे की जा सकती है। चरण-दर-चरण व्युत्पत्ति (Derivation)

    • मैट्रिक्स के अवयवों की पहचान करें: a = 3, b = 5, c = 1, d = 2
    • डिटर्मिनेंट के सूत्र को लागू करें: Δ = ad - bc
    • गणना करें: Δ = (3 * 2) - (5 * 1) = 6 - 5 = 1
    • निष्कर्ष: डिटर्मिनेंट 1 है, जो व्यावहारिक परिदृश्यों में, जैसे कि समीकरणों को हल करने के दौरान, समाधानों के कुछ गुणों को इंगित करता है।

    निष्कर्ष: डिटर्मिनेंट केवल संख्या नहीं होती; वे वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने में मदद करने वाले शक्तिशाली उपकरण होते हैं जहां विभिन्न कारकों को संतुलित करना महत्वपूर्ण होता है।

  2. 2.विभिन्न ऑर्डर के मैट्रिक्स के डिटर्मिनेंट्स

    डिटर्मिनेंट्स एक अद्वितीय मान प्रदान करते हैं जो एक वर्ग मैट्रिक्स से गणना किया जाता है और रैखिक बीजगणित में मैट्रिक्स की उलटनीयता, रैखिक समीकरण प्रणालियों को हल करने, और ज्यामिति और भौतिकी में अनुप्रयोगों को समझने के लिए मौलिक हैं।

    1. एक आदेश के मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट (1x1)

    परिभाषा: 1x1 मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट बस उस तत्व का मान होता है क्योंकि वहाँ केवल एक तत्व होता है।

    मैट्रिक्स रूप: =[]A=[a]

    डिटर्मिनेंट गणना: det=det(A)=a

    उदाहरण:

    1. =[4]A=[4] के लिए, डिटर्मिनेंट है det=4det(A)=4.
    2. =[−7]A=[−7] के लिए, डिटर्मिनेंट है det=−7det(A)=−7.
    3. =[0]A=[0] के लिए, डिटर्मिनेंट है det=0det(A)=0.

    ये उदाहरण दिखाते हैं कि 1x1 मैट्रिक्स के डिटर्मिनेंट की गणना कितनी सरल है—यह केवल तत्व स्वयं है।

    2. दो आदेश के मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट (2x2)

    परिभाषा: 2x2 मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट निम्न सूत्र का उपयोग करके गणना किया जाता है: det=−det(A)=ad−bc जहाँ =[]A=[ac​bd​].

    उदाहरण:

    1. =[1324]A=[12​34​] det=(1)(4)−(3)(2)=4−6=−2det(A)=(1)(4)−(3)(2)=4−6=−2
    2. =[0110]A=[01​10​] det=(0)(0)−(1)(1)=−1det(A)=(0)(0)−(1)(1)=−1
    3. =[5231]A=[53​21​] det=(5)(1)−(2)(3)=5−6=−1det(A)=(5)(1)−(2)(3)=5−6=−1

    ये उदाहरण सूत्र −ad−bc को दर्शाते हैं, जो प्रभावी रूप से मैट्रिक्स के विकर्णों के उत्पादों को संतुलित करता है।

    3. तीन आदेश के मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट (3x3)

    परिभाषा: 3x3 मैट्रिक्स का डिटर्मिनेंट सारस के नियम या कोफैक्टर विस्तार का उपयोग करके गणना की जा सकती है, लेकिन सारस का नियम एक सरल विधि है जिसमें विकर्णों के उत्पादों की राशियों और अंतरों की गणना शामिल है।

    मैट्रिक्स रूप: =[ℎ]A=⎣⎡​adg​beh​cfi​⎦⎤​

    डिटर्मिनेंट गणना (सारस का नियम): det=++ℎ−−−ℎdet(A)=aei+bfg+cdh−ceg−bdi−afh

    उदाहरण:

    1. =[123014560]A=⎣⎡​105​216​340​⎦⎤​ det=1∗1∗0+2∗4∗5+3∗0∗6−3∗1∗5−2∗0∗0−1∗4∗6=0+40+0−15−0−24=1det(A)=1∗1∗0+2∗4∗5+3∗0∗6−3∗1∗5−2∗0∗0−1∗4∗6=0+40+0−15−0−24=1
    2. =[231456789]A=⎣⎡​247​358​169​⎦⎤​ det=2∗5∗9+3∗6∗7+1∗4∗8−1∗5∗7−3∗4∗9−2∗6∗8=90+126+32−35−108−96=9det(A)=2∗5∗9+3∗6∗7+1∗4∗8−1∗5∗7−3∗4∗9−2∗6∗8=90+126+32−35−108−96=9
    3. =[012345111]A=⎣⎡​031​141​251​⎦⎤​ det=0∗4∗1+1∗5∗1+2∗3∗1−2∗4∗1−1∗3∗1−0∗5∗1=0+5+6−8−3−0=0det(A)=0∗4∗1+1∗5∗1+2∗3∗1−2∗4∗1−1∗3∗1−0∗5∗1=0+5+6−8−3−0=0
  3. 3.निर्धारकों का मूल्यांकन करें

    समस्या 1:

    प्रश्न: निर्धारक का मूल्यांकन करें: ∣24−5−1∣∣∣​2−5​4−1​∣∣​

    हल: एक 2x2 मैट्रिक्स के निर्धारक की गणना के लिए, आप ऊपर बाएँ तत्व को निचले दाएँ तत्व से गुणा करते हैं और ऊपर दाएँ और निचले बाएँ तत्वों के गुणन को घटाते हैं। निर्धारक=(2×−1)−(4×−5)निर्धारक=(2×−1)−(4×−5) निर्धारक=−2+20निर्धारक=−2+20 निर्धारक=18निर्धारक=18

    समस्या 2:

    (i) प्रश्न: निर्धारक का मूल्यांकन करें: ∣cos⁡−sin⁡sin⁡cos⁡∣∣∣​cosθsinθ​−sinθcosθ​∣∣​

    हल: इस 2x2 मैट्रिक्स के निर्धारक को विकर्ण तत्वों को गुणा करके और फिर ऑफ-डायगोनल्स के गुणन को घटाकर प्राप्त किया जाता है। निर्धारक=(cos⁡×cos⁡)−(−sin⁡×sin⁡)निर्धारक=(cosθ×cosθ)−(−sinθ×sinθ) त्रिकोणमिति समीकरण cos⁡2+sin⁡2=1cos2θ+sin2θ=1 का प्रयोग करते हुए, निर्धारक=cos⁡2+sin⁡2निर्धारक=cos2θ+sin2θ निर्धारक=1निर्धारक=1

    (ii) प्रश्न: निर्धारक का मूल्यांकन करें: ∣2−+1−1+1+1∣∣∣​x2−x+1x+1​x−1x+1​∣∣​

    हल: एक 2x2 मैट्रिक्स के लिए फिर से, निर्धारक=(2−+1)(+1)−(−1)(+1)निर्धारक=(x2−x+1)(x+1)−(x−1)(x+1) इसे खोलने पर, हमें मिलता है: निर्धारक=(3+2−2−++1)−(2+−−1)निर्धारक=(x3+x2−x2−x+x+1)−(x2+x−x−1) समान प्रकार के तत्वों को संयोजित करके सरलीकरण करते हुए: निर्धारक=3+1−2+1निर्धारक=x3+1−x2+ 2 ]

    समस्या 3:

    प्रश्न: यदि =[1242]A=[14​22​], तब दिखाइए कि 2∣∣=4∣∣2∣A∣=4∣A∣.

    हल: पहले, आइए A के निर्धारक की गणना करते हैं: ∣∣=(1×2)−(2×4)∣A∣=(1×2)−(2×4) ∣∣=2−8∣A∣=2−8 ∣∣=−6∣A∣=−6

    अब हम 2∣∣=4∣∣2∣A∣=4∣A∣ संपत्ति की जाँच करते हैं। चूँकि ∣∣=−6∣A∣=−6, 2∣∣=2×−6=−122∣A∣=2×−6=−12 4∣∣=4×−6=−244∣A∣=4×−6=−24 प्रदत्त संपत्ति जैसा दिखाया गया है, वैसा नहीं लागू होता है। लगता है कि कथन में गलती है। सही संपत्ति यह होनी चाहिए कि यदि आप 2x2 मैट्रिक्स A को किसी स्केलर k से गुणा करते हैं, तब नए मैट्रिक्स का निर्धारक 2k2 गुना A के निर्धारक होता है।

    समस्या 4:

    प्रश्न: यदि =[101012004]A=⎣⎡​100​010​124​⎦⎤​, तब दिखाइए कि 3∣∣=27∣∣3∣A∣=27∣A∣.

    हल: एक 3x3 मैट्रिक्स A के लिए जिसमें स्केलर k हो, kA के निर्धारक की गणना 3k3 गुना A के निर्धारक से की जाती है। चलिए A के निर्धारक का पता लगाते हैं: ∣∣=1×∣1204∣∣A∣=1×∣∣​10​24​∣∣​ ∣∣=1×(1×4−2×0)∣A∣=1×(1×4−2×0) ∣∣=4∣A∣=4

    अब, हम 3∣∣=27∣∣3∣A∣=27∣A∣ संपत्ति की पुष्टि करते हैं: 3∣∣=33×∣∣3∣A∣=33×∣A∣ 3∣∣=27×43∣A∣=27×4 3∣∣=1083∣A∣=108 यह पुष्टि करता है कि 3∣∣=27∣∣3∣A∣=27∣A∣ क्योंकि 27∣∣27∣A∣ भी 27×4=10827×4=108 होता है, जो कि 3x3 मैट्रिक्स के लिए स्केलर गुणन पर निर्धारक की संपत्ति है।

  4. 4.

    प्रश्न 01:

    यदि =[11−221−354−9]A=⎣⎡​125​114​−2−3−9​⎦⎤​ तो ∣∣∣A∣ का पता लगाइए।

    हल: एक 3x3 मैट्रिक्स A के निर्धारक को ज्ञात करने के लिए हम Sarrus का नियम या माइनर्स द्वारा विस्तार का प्रयोग कर सकते हैं। यहाँ हम माइनर्स द्वारा विस्तार का प्रयोग करेंगे।

    ∣∣=1⋅∣1−34−9∣−1⋅∣2−35−9∣+(−2)⋅∣2154∣∣A∣=1⋅∣∣​14​−3−9​∣∣​−1⋅∣∣​25​−3−9​∣∣​+(−2)⋅∣∣​25​14​∣∣​ ∣∣=1⋅((1⋅−9)−(4⋅−3))−1⋅((2⋅−9)−(5⋅−3))+(−2)⋅((2⋅4)−(5⋅1))∣A∣=1⋅((1⋅−9)−(4⋅−3))−1⋅((2⋅−9)−(5⋅−3))+(−2)⋅((2⋅4)−(5⋅1)) ∣∣=1⋅(−9+12)−1⋅(−18+15)−2⋅(8−5)∣A∣=1⋅(−9+12)−1⋅(−18+15)−2⋅(8−5) ∣∣=1⋅3+1⋅(−3)−2⋅3∣A∣=1⋅3+1⋅(−3)−2⋅3 ∣∣=3−3−6∣A∣=3−3−6 ∣∣=−6∣A∣=−6


    (i) प्रश्न 02: x के मान ज्ञात कीजिए, यदि ∣2451∣=∣246∣∣∣​25​41​∣∣​=∣∣​2x6​4x​∣∣​

    हल: पहले, हम बाएँ ओर के निर्धारक की गणना करते हैं: बाएँ निर्धारक=(2⋅1)−(4⋅5)बाएँ निर्धारक=(2⋅1)−(4⋅5) बाएँ निर्धारक=2−20बाएँ निर्धारक=2−20 बाएँ निर्धारक=−18बाएँ निर्धारक=−18

    अब, हम इसे दाएँ ओर के निर्धारक के बराबर मानकर x के लिए हल करते हैं: दाएँ निर्धारक=(2⋅)−(4⋅6)दाएँ निर्धारक=(2x⋅x)−(4⋅6) 22−24=−182x2−24=−18 22=62x2=6 2=3x2=3 =±3x=±3​

    (ii) प्रश्न 03: x के मान ज्ञात कीजिए, यदि ∣2345∣=∣325∣∣∣​24​35​∣∣​=∣∣​x2x​35​∣∣​

    हल: पहले, हम बाएँ ओर के निर्धारक की गणना करते हैं: बाएँ निर्धारक=(2⋅5)−(3⋅4)बाएँ निर्धारक=(2⋅5)−(3⋅4) बाएँ निर्धारक=10−12बाएँ निर्धारक=10−12 बाएँ निर्धारक=−2बाएँ निर्धारक=−2

    अब, हम इसे दाएँ ओर के निर्धारक के बराबर मानकर x के लिए हल करते हैं: दाएँ निर्धारक=(⋅5)−(3⋅2)दाएँ निर्धारक=(x⋅5)−(3⋅2x) 5−6=−25x−6x=−2 −=−2−x=−2 =2x=2

  5. 5.निर्धारक का उपयोग करके त्रिभुज का क्षेत्रफल

    निर्धारक का उपयोग करके त्रिभुज का क्षेत्रफल

    हम किसी त्रिभुज, जिसके शीर्ष बिंदु (x1, y1), (x2, y2), और (x3, y3) हैं, का क्षेत्रफल निर्धारक (determinant) का उपयोग करके इस सूत्र के साथ निकाल सकते हैं:

    क्षेत्रफल =

    क्षेत्रफल निकालने की प्रक्रिया

    1. तीनों शीर्ष बिंदुओं के निर्देशांक (x, y coordinates) को एक 3x3 मैट्रिक्स के पहले और दूसरे कॉलम में रखें।
    2. तीसरे कॉलम में '1' भरें।
    3. इस मैट्रिक्स का निर्धारक (determinant) निकालें।
    4. निर्धारक का निरपेक्ष मान (absolute value) लें और फिर 2 से भाग दें (क्योंकि निर्धारक वास्तव में त्रिभुज के क्षेत्रफल को दुगना देता है)

    उदाहरण मान लीजिए कि हमारे पास एक त्रिभुज है जिसके शीर्ष बिंदु (1,2), (3,4), और (5,0) हैं। मैट्रिक्स इस प्रकार बनेगा:

    | 1 2 1 | | 3 4 1 | | 5 0 1 |

    अब हम निर्धारक की गणना करते हैं:

    = |(1⋅4⋅1 + 2⋅1⋅5 + 1⋅3⋅0) − (1⋅3⋅1 + 1⋅4⋅5 + 2⋅1⋅0)| = |(4 + 10 + 0) − (3 + 20 + 0)| = |14 − 23| = |-9| = 9

    इसलिए त्रिभुज का क्षेत्रफल (1/2) * 9 = 4.5 वर्ग इकाई है।

    महत्वपूर्ण बातें

    • निर्धारक का निरपेक्ष मान लेना सुनिश्चित करें क्योंकि क्षेत्रफल कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता।
    • यह विधि किसी भी त्रिभुज के क्षेत्रफल को खोजने के लिए काम करती है, जब तक आपको उसके शीर्ष बिंदुओं के निर्देशांक पता हों।
  6. 6.निम्नलिखित में से प्रत्येक में दिए गए बिंदु पर शीर्षों वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करें

    1. शीर्ष बिंदु (1, 0), (6, 0), (4, 3) वाले त्रिकोण के लिए:

    निर्धारक की गणना करने के लिए दिया गया मैट्रिक्स है:

    ∣101601431∣∣∣​164​003​111​∣∣​

    इसे हम इस प्रकार से हल करेंगे:

    =1(0⋅1−3⋅1)−0(6⋅1−3⋅4)+1(6⋅3−0)=1(0⋅1−3⋅1)−0(6⋅1−3⋅4)+1(6⋅3−0) =1(0−3)−0+18=1(0−3)−0+18 =−3+18=−3+18 =15=15

    इसलिए, क्षेत्रफल होगा 12×∣15∣=7.521​×∣15∣=7.5 वर्ग इकाइयाँ।

    2. शीर्ष बिंदु (2, 7), (1, 1), (10, 8) वाले त्रिकोण के लिए:

    निर्धारक की गणना करने के लिए दिया गया मैट्रिक्स है:

    ∣2711111081∣∣∣​2110​718​111​∣∣​

    इसे हल करने पर हमें मिलता है:

    =2(1⋅1−8⋅1)−7(1⋅1−10⋅1)+1(1⋅8−7⋅1)=2(1⋅1−8⋅1)−7(1⋅1−10⋅1)+1(1⋅8−7⋅1) =2(1−8)−7(1−10)+(8−7)=2(1−8)−7(1−10)+(8−7) =2(−7)−7(−9)+1=2(−7)−7(−9)+1 =−14+63+1=−14+63+1 =50=50

    इस प्रकार, क्षेत्रफल होगा 12×∣50∣=2521​×∣50∣=25 वर्ग इकाइयाँ।

    3. शीर्ष बिंदु (−2, −3), (3, 2), (−1, −8) वाले त्रिकोण के लिए:

    निर्धारक की गणना करने के लिए दिया गया मैट्रिक्स है:

    ∣−2−31321−1−81∣∣∣​−23−1​−32−8​111​∣∣​

    इसे हम इस प्रकार से हल करेंगे:

    =(−2)(2⋅1−(−8)⋅1)−(−3)(3⋅1−(−1)⋅1)+1(3⋅(−8)−2⋅(−1))=(−2)(2⋅1−(−8)⋅1)−(−3)(3⋅1−(−1)⋅1)+1(3⋅(−8)−2⋅(−1)) =(−2)(2+8)+3(3+1)−(24−2)=(−2)(2+8)+3(3+1)−(24−2) =(−2)(10)+3(4)−22=(−2)(10)+3(4)−22 =−20+12−22=−20+12−22 =−30=−30

    इसलिए, क्षेत्रफल होगा 12×∣−30∣=1521​×∣−30∣=15 वर्ग इकाइयाँ।

  7. 7.वह बिंदु दिखाओ A (a, b + c), B (b, c + a), C (c, a + b) संरेख हैं

    यह दिखाने के लिए कि बिंदु (,+)A(a,b+c), (,+)B(b,c+a), और (,+)C(c,a+b) एक सीधी रेखा में हैं, हम निर्धारकों की अवधारणा का उपयोग कर सकते हैं। यदि तीन बिंदुओं द्वारा बनाई गई त्रिकोण का क्षेत्रफल शून्य है, तो ये बिंदु एक सीधी रेखा में होते हैं।

    हम बिंदु A, B, और C के निर्देशांक का उपयोग करके एक मैट्रिक्स बनाते हैं और इसके निर्धारक की गणना करते हैं। यदि निर्धारक शून्य है, तो यह दर्शाता है कि त्रिकोण का क्षेत्रफल शून्य है, और इसलिए बिंदु एक सीधी रेखा में हैं।

    निर्धारक का निर्माण करें:

    ∣+1+1+1∣∣∣​abc​b+cc+aa+b​111​∣∣​

    हम निर्धारक का विस्तार करते हैं:

    =((+)⋅1−(+)⋅1)−(+)(⋅1−⋅1)+1(⋅(+)−⋅(+))=a((c+a)⋅1−(a+b)⋅1)−(b+c)((b)⋅1−(c)⋅1)+1((b)⋅(a+b)−(c)⋅(c+a)) =(+−−)−(+)(−)+(+2−2−)=a(c+a−a−b)−(b+c)(b−c)+(ab+b2−c2−ac) =(−)−(2−2+−)+(+2−2−)=a(c−b)−(b2−c2+bc−bc)+(ab+b2−c2−ac) =−−2+2++2−2+=ac−ab−b2+c2+ab+b2−c2+ac =2−2=2ac−2ac =0=0

    निर्धारक शून्य है, जिसका अर्थ है कि बिंदु A, B, और C एक सीधी रेखा में हैं।

  8. 8.यदि त्रिभुज का क्षेत्रफल 4 वर्ग इकाई और शीर्ष हैं तो k का मान ज्ञात कीजिए - (i) (k, 0), (4, 0), (0, 2) , (ii) (–2, 0), (0, 4), (0, k)

    यदि त्रिकोण का क्षेत्रफल 4 वर्ग इकाई है, तो k के मानों को ज्ञात करने के लिए हम फिर से निर्धारक विधि का उपयोग करेंगे। (1,1)(x1​,y1​), (2,2)(x2​,y2​), और (3,3)(x3​,y3​) शीर्ष बिंदु वाले त्रिकोण का क्षेत्रफल A इस प्रकार दिया गया है:

    =12∣1(2−3)+2(3−1)+3(1−2)∣A=21​∣x1​(y2​−y3​)+x2​(y3​−y1​)+x3​(y1​−y2​)∣

    दिए गए क्षेत्रफल को 4 वर्ग इकाई होने के लिए, निर्धारक का मान 8 होना चाहिए क्योंकि क्षेत्रफल निर्धारक का आधा होता है।

    हर भाग के लिए हल करते हैं:

    (i) शीर्ष बिंदु (k, 0), (4, 0), (0, 2) के लिए:

    8=∣(0−2)+4(2−0)+0(0−0)∣8=∣k(0−2)+4(2−0)+0(0−0)∣ 8=∣−2+8∣8=∣−2k+8∣

    यह समीकरण हमें k के संभावित मान देगा। हम k के लिए हल करते हैं:

    −2+8=8−2k+8=8 −2=0−2k=0 =0k=0

    या

    −2+8=−8−2k+8=−8 −2=−16−2k=−16 =8k=8

    तो, पहले मामले में, k का मान 0 या 8 हो सकता है।

    (ii) शीर्ष बिंदु (–2, 0), (0, 4), (0, k) के लिए:

    8=∣(−2)(4−)+0(−0)+0(0−4)∣8=∣(−2)(4−k)+0(k−0)+0(0−4)∣ 8=∣−8+2∣8=∣−8+2k∣

    फिर से, हम k के लिए हल करते हैं:

    −8+2=8−8+2k=8 2=162k=16 =8k=8

    या

    −8+2=−8−8+2k=−8 2=02k=0 =0k=0

    दूसरे मामले में भी, k का मान 0 या 8 हो सकता है।

    इस प्रकार, दोनों मामलों में दिए गए शीर्ष बिंदुओं के लिए 4 वर्ग इकाई का क्षेत्रफल प्राप्त करने के लिए k के मान 0 और 8 हैं।

  9. 9.(i) निर्धारकों का उपयोग करके (1, 2) और (3, 6) को जोड़ने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। (ii) निर्धारकों का उपयोग करके (3, 1) और (9, 3) को जोड़ने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

    दो बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा की समीकरण को निर्धारक का उपयोग करके निकालने के लिए, हम यह तथ्य का उपयोग कर सकते हैं कि यदि एक तीसरा बिंदु (,)(x,y) उस रेखा पर स्थित है, तो रेखा और उस बिंदु द्वारा बनाई गई त्रिकोण का क्षेत्रफल शून्य होता है। इससे हमें निम्न निर्धारक शून्य होने का निष्कर्ष निकलता है:

    ∣1112211∣=0∣∣​x1​x2​x​y1​y2​y​111​∣∣​=0

    रेखा की समीकरण निकालते हैं:

    (i) बिंदु (1, 2) और (3, 6) को जोड़ने वाली रेखा के लिए:

    हम निर्धारक में बिंदुओं के निर्देशांक को डालकर रेखा की समीकरण प्राप्त करते हैं:

    ∣1213611∣=0∣∣​13x​26y​111​∣∣​=0

    निर्धारक का विस्तार करते हैं:

    (1⋅6⋅1+2⋅1⋅+1⋅3⋅)−(1⋅3⋅1+1⋅6⋅+2⋅1⋅)=0(1⋅6⋅1+2⋅1⋅x+1⋅3⋅y)−(1⋅3⋅1+1⋅6⋅x+2⋅1⋅y)=0

    6+2+3−3−6−2=06+2x+3y−3−6x−2y=0

    सरलीकरण करते हैं:

    2−6+3−2+6−3=02x−6x+3y−2y+6−3=0

    −4++3=0−4x+y+3=0

    इसलिए, रेखा की समीकरण है =4−3y=4x−3.

    (ii) बिंदु (3, 1) और (9, 3) को जोड़ने वाली रेखा के लिए:

    इसी प्रकार, हम निर्धारक का उपयोग करते हैं:

    ∣3119311∣=0∣∣​39x​13y​111​∣∣​=0

    निर्धारक का विस्तार करते हैं:

    (3⋅3⋅1+1⋅1⋅+1⋅9⋅)−(1⋅9⋅1+1⋅3⋅+3⋅1⋅)=0(3⋅3⋅1+1⋅1⋅x+1⋅9⋅y)−(1⋅9⋅1+1⋅3⋅x+3⋅1⋅y)=0

    9++9−9−3−3=09+x+9y−9−3x−3y=0

    सरलीकरण करते हैं:

    −3+9−3=0x−3x+9y−3y=0

    −2+6=0−2x+6y=0

    =13y=31​x

    इसलिए, रेखा की समीकरण है =13y=31​x.

  10. 10.माइनर्स और कोफैक्टर्स

    माइनर्स और कोफैक्टर्स लीनियर एल्जेब्रा से संबंधित अवधारणाएँ हैं, जो मैट्रिक्स के संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। ये मैट्रिक्स के निर्धारक की गणना और मैट्रिक्स के विपरीत की खोज में आवश्यक हैं।

    माइनर्स (Minors): किसी मैट्रिक्स में किसी तत्व का माइनर उस छोटे मैट्रिक्स का निर्धारक होता है जो बचता है जब उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ को हटा दिया जाता है। इसे आमतौर पर Mij​ के रूप में दर्शाया जाता है, जहां i और j उस तत्व के पंक्ति और स्तंभ सूचकांक होते हैं।

    कोफैक्टर्स (Cofactors): किसी मैट्रिक्स में किसी तत्व का कोफैक्टर उस तत्व का माइनर होता है, जिसे (−1)+(−1)i+j से गुणा किया गया होता है, जिसे कोफैक्टर साइन फैक्टर कहा जाता है। कोफैक्टरको को

    Cij​ के रूप में दर्शाया जाता है।

    आइए कुछ उदाहरणों के माध्यम से माइनर्स और कोफैक्टर्स की गणना कैसे करें, यह देखें।

    उदाहरण 1: मान लीजिए मैट्रिक्स A निम्नलिखित है: =[123456789]A=⎣⎡​147​258​369​⎦⎤​

    तत्व 22a22​ (जो इस मामले में 5 है) का माइनर पाने के लिए, हम दूसरी पंक्ति और दूसरे स्तंभ को हटा देते हैं: 22=∣1379∣=(1⋅9)−(3⋅7)=9−21=−12M22​=∣∣​17​39​∣∣​=(1⋅9)−(3⋅7)=9−21=−12

    तत्व 22a22​ का कोफैक्टर है: 22=(−1)2+2⋅22=1⋅(−12)=−12C22​=(−1)2+2⋅M22​=1⋅(−12)=−12

    उदाहरण 2: अब, चलिए तत्व 13a13​ (जो तत्व 3 है) का माइनर और कोफैक्टर पाते हैं।

    13a13​ का माइनर है: 13=∣4578∣=(4⋅8)−(5⋅7)=32−35=−3M13​=∣∣​47​58​∣∣​=(4⋅8)−(5⋅7)=32−35=−3

    तत्व 13a13​ का कोफैक्टर है: 13=(−1)1+3⋅13=−1⋅(−3)=3C13​=(−1)1+3⋅M13​=−1⋅(−3)=3

    उदाहरण 3: अंत में, चलिए तत्व 31a31​ के लिए माइनर और कोफैक्टर पाते हैं, जो तत्व 7 है।

    31a31​ का माइनर है: 31=∣2356∣=(2⋅6)−(3⋅5)=12−15=−3M31​=∣∣​25​36​∣∣​=(2⋅6)−(3⋅5)=12−15=−3

    तत्व 31a31​ का कोफैक्टर है: 31=(−1)3+1⋅31=1⋅(−3)=−3C31​=(−1)3+1⋅M31​=1⋅(−3)=−3

  11. 11.निम्नलिखित निर्धारकों के तत्वों के लघु एवं सहकारक लिखिए:

    प्रश्न 1:

    निर्धारक के लिए 2−403∣∣∣​20​−43​∣∣​ प्रत्येक तत्व के माइनर और कोफैक्टर ज्ञात करें। हल 1:

    प्रत्येक तत्व के लिए माइनर्स इस प्रकार हैं:

    • 2 का माइनर (11M11​): 3 (उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ को हटाने के बाद शेष मैट्रिक्स का निर्धारक)
    • -4 का माइनर (12M12​): 0 (उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ को हटाने के बाद शेष मैट्रिक्स का निर्धारक)
    • 0 का माइनर (21M21​): -4 (उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ को हटाने के बाद शेष मैट्रिक्स का निर्धारक)
    • 3 का माइनर (22M22​): 2 (उस तत्व की पंक्ति और स्तंभ को हटाने के बाद शेष मैट्रिक्स का निर्धारक)

    प्रत्येक तत्व के लिए कोफैक्टर्स इस प्रकार हैं:

    • 2 का कोफैक्टर (11C11​): (−1)1+1⋅11=1⋅3=3(−1)1+1⋅M11​=1⋅3=3
    • -4 का कोफैक्टर (12C12​): (−1)1+2⋅12=−1⋅0=0(−1)1+2⋅M12​=−1⋅0=0
    • 0 का कोफैक्टर (21C21​): (−1)2+1⋅21=−1⋅(−4)=4(−1)2+1⋅M21​=−1⋅(−4)=4
    • 3 का कोफैक्टर (22C22​): (−1)2+2⋅22=1⋅2=2(−1)2+2⋅M22​=1⋅2=2
    • हल 1(ii):

      निर्धारक के लिए ∣∣∣​ab​cd​∣∣​ प्रत्येक तत्व के माइनर्स और कोफैक्टर्स ज्ञात करें।

      प्रत्येक तत्व के लिए माइनर्स इस प्रकार हैं:

      • a का माइनर (11M11​): d
      • c का माइनर (12M12​): b
      • b का माइनर (21M21​): c
      • d का माइनर (22M22​): a

      प्रत्येक तत्व के लिए कोफैक्टर्स इस प्रकार हैं:

      • a का कोफैक्टर (11C11​): (−1)1+1⋅11=1⋅=(−1)1+1⋅M11​=1⋅d=d
      • c का कोफैक्टर (12C12​): (−1)1+2⋅12=−1⋅=−(−1)1+2⋅M12​=−1⋅b=−b
      • b का कोफैक्टर (21C21​): (−1)2+1⋅21=−1⋅=−(−1)2+1⋅M21​=−1⋅c=−c
      • d का कोफैक्टर (22C22​): (−1)2+2⋅22=1⋅=(−1)2+2⋅M22​=1⋅a=a
  12. 12.दूसरी पंक्ति के तत्वों के सहकारकों का उपयोग करना,..

    प्रश्न:

    दूसरी पंक्ति के तत्वों के कोफैक्टर्स का उपयोग करके ΔΔ की गणना करें:

    Δ=∣538201123∣Δ=∣∣​521​302​813​∣∣​

    हल:

    मैट्रिक्स का निर्धारक किसी भी पंक्ति या स्तंभ के प्रत्येक तत्व को उसके संबंधित कोफैक्टर के साथ गुणा करके और उन्हें जोड़कर पाया जा सकता है। हम यहां दूसरी पंक्ति का उपयोग करेंगे।

    पहले, आइए दूसरी पंक्ति के लिए कोफैक्टर्स की गणना करते हैं:

    • तत्व 2 का कोफैक्टर (21C21​): 21=(−1)2+1⋅∣3823∣=−((3⋅3)−(8⋅2))=−(9−16)=7C21​=(−1)2+1⋅∣∣​32​83​∣∣​=−((3⋅3)−(8⋅2))=−(9−16)=7

    • तत्व 0 का कोफैक्टर (22C22​): 22=(−1)2+2⋅∣5813∣=(5⋅3)−(8⋅1)=15−8=7C22​=(−1)2+2⋅∣∣​51​83​∣∣​=(5⋅3)−(8⋅1)=15−8=7

    • तत्व 1 का कोफैक्टर (23C23​): 23=(−1)2+3⋅∣5312∣=−((5⋅2)−(3⋅1))=−(10−3)=−7C23​=(−1)2+3⋅∣∣​51​32​∣∣​=−((5⋅2)−(3⋅1))=−(10−3)=−7

    अब हम दूसरी पंक्ति और उसके कोफैक्टर्स का उपयोग करके ΔΔ पा सकते हैं:

    Δ=2⋅21+0⋅22+1⋅23Δ=2⋅C21​+0⋅C22​+1⋅C23​ Δ=2⋅7+0⋅7+1⋅(−7)Δ=2⋅7+0⋅7+1⋅(−7) Δ=14−7Δ=14−7 Δ=7Δ=7

  13. 13.तीसरे स्तंभ के तत्वों के सहकारकों का उपयोग करना,

    प्रश्न: तीसरे स्तंभ के तत्वों के कोफैक्टर्स का उपयोग करके

    ΔΔ की गणना करें:

    Δ=∣∣Δ=∣∣​xyz​yzx​yzzxxy​∣∣​

    हल:

    आइए तीसरे स्तंभ के लिए कोफैक्टर्स की गणना करते हैं:

    • तत्व yz का कोफैक्टर (13C13​): 13=(−1)1+3⋅∣∣=−((⋅)−(⋅))=−(−2)C13​=(−1)1+3⋅∣∣​yz​zx​∣∣​=−((y⋅x)−(z⋅z))=−(yx−z2)

    • तत्व zx का कोफैक्टर (23C23​): 23=(−1)2+3⋅∣∣=((⋅)−(⋅))=2−C23​=(−1)2+3⋅∣∣​xz​yx​∣∣​=((x⋅x)−(y⋅z))=x2−yz

    • तत्व xy का कोफैक्टर (33C33​): 33=(−1)3+3⋅∣∣=(⋅)−(⋅)=−2C33​=(−1)3+3⋅∣∣​xy​yz​∣∣​=(x⋅z)−(y⋅y)=xz−y2

    अब हम तीसरे स्तंभ और उसके कोफैक्टर्स का उपयोग करके ΔΔ पा सकते हैं:

    Δ=⋅13+⋅23+⋅33Δ=yz⋅C13​+zx⋅C23​+xy⋅C33​ Δ=⋅(−(−2))+⋅(2−)+⋅(−2)Δ=yz⋅(−(yx−z2))+zx⋅(x2−yz)+xy⋅(xz−y2) Δ=−2+2+3−2+2−3Δ=−yz2+y2zx+zx3−zxy2+xyz2−xy3 Δ=3−3Δ=zx3−xy3 (चूंकि −2+2=0−yz2+xyz2=0 और 2−2=0y2zx−zxy2=0)

    यदि सामान्य कारक होते हैं या अभिव्यक्ति को फैक्टर किया जा सकता है, तो निर्धारक को और सरल किया जा सकता है, लेकिन प्रदान किए गए तत्वों के आधार पर, निर्धारक सरल होता है 3−3zx3−xy3.

  14. 14.एक मैट्रिक्स और उसके प्रमेय का जोड़ और व्युत्क्रम

    मैट्रिक्स का सहयोजक (Adjoint of a Matrix):

    परिभाषा विस्तार: किसी ×n×n आकार के वर्ग मैट्रिक्स A के लिए, सहयोजक को मैट्रिक्स के सहगुणक मैट्रिक्स के स्थानांतरण (transpose) से प्राप्त किया जाता है।

    सहयोजक के लिए विस्तृत उदाहरण: 3x3 मैट्रिक्स A पर विचार करें: =[123045106]A=⎣⎡​101​240​356​⎦⎤​

    सहयोजक पाने के लिए, हम मैट्रिक्स में प्रत्येक तत्व के सहगुणक की गणना करते हैं। उदाहरण के लिए, तत्व 11a11​ के लिए सहगुणक 11C11​ निम्नलिखित है: 11=(−1)1+1∣4506∣=(4)(6)−(5)(0)=24C11​=(−1)1+1∣∣​40​56​∣∣​=(4)(6)−(5)(0)=24

    इसी तरह की गणना करके हमें सहगुणक मैट्रिक्स मिलता है: =[24−5−406−60−54]C=⎣⎡​2400​−56−5​−4−64​⎦⎤​

    सहगुणक मैट्रिक्स C का स्थानांतरण लेकर हमें मैट्रिक्स A का सहयोजक मिलता है: adj=[2400−56−5−4−64]adj(A)=⎣⎡​24−5−4​06−6​0−54​⎦⎤​

    मैट्रिक्स का विपर्यय (Inverse of a Matrix):

    परिभाषा विस्तार: किसी ×n×n आकार के वर्ग मैट्रिक्स A के लिए, यदि A का विपर्यय मौजूद है, तो वह एक मैट्रिक्स −1A−1 होता है ऐसा कि ⋅−1=A⋅A−1=In​ और −1⋅=A−1⋅A=In​ हो, जहाँ In​ आकार n की पहचान मैट्रिक्स है।

    विपर्यय के लिए विस्तृत उदाहरण: पिछले उदाहरण में दिए गए मैट्रिक्स A और इसके सहयोजक adjadj(A) का उपयोग करते हुए, हम विपर्यय की गणना करते हैं। पहले हम A का निर्धारक गणना करते हैं: det⁡=1∣4506∣−2∣0516∣+3∣0410∣=(24+10−12)=22det(A)=1∣∣​40​56​∣∣​−2∣∣​01​56​∣∣​+3∣∣​01​40​∣∣​=(24+10−12)=22

    चूँकि निर्धारक शून्य से अलग है, A विपर्ययी है। अब, विपर्यय निम्नलिखित होता है: −1=1det⁡adj=122[2400−56−5−4−64]A−1=det(A)1​adj(A)=221​⎣⎡​24−5−4​06−6​0−54​⎦⎤​

    सहयोजक और विपर्यय से संबंधित प्रमेय:

    प्रमेय 1 विस्तार: यदि A एक विपर्ययी मैट्रिक्स है, तो ⋅adj=adj⋅=det⁡⋅A⋅adj(A)=adj(A)⋅A=det(A)⋅I होता है। यह संबंध विपर्यय की गणना में प्रयोग होता है।

    प्रमेय 1 उदाहरण: हमारे पिछले मैट्रिक्स A और सहयोजक adjadj(A) का उपयोग करके हम इस प्रमेय को दिखा सकते हैं: ⋅adj=[123045106]⋅[2400−56−5−4−64]=[220002200022]A⋅adj(A)=⎣⎡​101​240​356​⎦⎤​⋅⎣⎡​24−5−4​06−6​0−54​⎦⎤​=⎣⎡​2200​0220​0022​⎦⎤​ जो 22⋅322⋅I3​ है, जो प्रमेय की पुष्टि करता है।

    प्रमेय 2 विस्तार: यदि A और B विपर्ययी मैट्रिक्स हैं, तो −1=−1−1(AB)−1=B−1A−1 होता है। यह प्रमेय कई रेखीय परिवर्तनों के साथ काम करते समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

    प्रमेय 2 उदाहरण: यदि हमारे पास एक अन्य मैट्रिक्स =[78910]B=[79​810​] है और हम AB की गणना करके और फिर −1(AB)−1 ढूंढते हैं, तो यह −1−1B−1A−1 के बराबर होगा।

    प्रमेय 3 विस्तार: एक विपर्ययी मैट्रिक्स A का स्थानांतरण का विपर्यय स्थानांतरण के विपर्यय के बराबर होता है, अर्थात् −1=(−1)(AT)−1=(A−1)T होता है। यह सांख्यिकीय विश्लेषण और रेखीय समीकरण प्रणालियों के हल में अक्सर उपयोग होता है।

    प्रमेय 3 उदाहरण: किसी भी विपर्ययी मैट्रिक्स A के लिए, यदि हम AT की गणना करते हैं और फिर −1(AT)−1 ढूंढते हैं, तो यह −1A−1 के स्थानांतरण के बराबर होगा।

    प्रमेय 4 विस्तार: यदि A एक विपर्ययी मैट्रिक्स है, तो A के सहयोजक को इसके निर्धारक और विपर्यय के रूप में व्यक्त किया जा सकता है: adj=det⁡⋅−1adj(A)=det(A)⋅A−1।

    प्रमेय 4 उदाहरण: हमारे मैट्रिक्स A और इसके निर्धारक और विपर्यय का उपयोग करके हम सत्यापित कर सकते हैं कि: adj=det⁡⋅−1adj(A)=det(A)⋅A−1

    वास्तविक जीवन और करियर में अनुप्रयोग:

    1. इंजीनियरिंग: जब सिस्टम या संरचनाओं को डिजाइन करते हैं, तो इंजीनियरों को बल वितरण, विद्युत धाराओं, या सामग्री के तनावों का निर्धारण करने के लिए रेखीय समीकरणों के समूह को हल करने की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया को मैट्रिक्स विपर्यय का उपयोग करके काफी सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

    2. कंप्यूटर विज्ञान: ग्राफिक्स प्रोग्रामिंग में, रोटेशन, स्केलिंग, और अनुवाद जैसे परिवर्तनों को मैट्रिक्स द्वारा प्रतिनिधित किया जाता है। इन परिवर्तनों को समायोजित करने के लिए परिवर्तन मैट्रिक्स के विपर्यय की गणना की आवश्यकता होती है।

    3. अर्थशास्त्र: अर्थशास्त्री विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मॉडल करने के लिए मैट्रिक्स का उपयोग करते हैं। लियोंटीफ विपर्यय, जो एक मैट्रिक्स विपर्यय है, एक उद्योग में परिवर्तनों के अन्य उद्योगों पर प्रभाव की भविष्यवाणी में महत्वपूर्ण होता है।

    4. भौतिकी: क्वांटम मैकेनिक्स में, एक ऑपरेटर मैट्रिक्स के सहयोजक का संबंध हर्मिटियन ऑपरेटरों की अवधारणा से होता है, जो भौतिक सिद्धांतों के निर्माण में मौलिक होते हैं।

  15. 15.कुछ अभ्यास प्रश्न

    प्रश्न 1:

    मैट्रिक्स का सहयोजक खोजें: =[1234]A=[13​24​]

    समाधान: 2x2 मैट्रिक्स का सहयोजक पाने के लिए, हम मुख्य विकर्ण पर तत्वों को आपस में बदलते हैं और विकर्ण से बाहर के तत्वों के चिन्हों को बदलते हैं। adj=[4−3−21]adj(A)=[4−2​−31​]

    प्रश्न 2:

    मैट्रिक्स का सहयोजक खोजें: =[1−12235−201]B=⎣⎡​12−2​−130​251​⎦⎤​

    समाधान: 3x3 मैट्रिक्स का सहयोजक पाने के लिए हम प्रत्येक तत्व का सहगुणक खोजते हैं और फिर सहगुणक मैट्रिक्स का स्थानांतरण करते हैं। adj=[3−126152−11−15]adj(B)=⎣⎡​31−11​−125−1​625​⎦⎤​

    प्रश्न 3:

    सत्यापित करें कि (adj)=(adj)=∣∣A(adjA)=(adjA)A=∣A∣I निम्न मैट्रिक्स के लिए: =[23−4−6]C=[2−4​3−6​]

    समाधान: सबसे पहले, हम C का निर्धारक ∣∣∣C∣ खोजते हैं और फिर सहयोजक adjadj(C)। अंत में, हम C को adjadj(C) के साथ गुणा करके समानता की पुष्टि करते हैं।

    प्रश्न 4:

    सत्यापित करें कि (adj)=(adj)=∣∣A(adjA)=(adjA)A=∣A∣I निम्न मैट्रिक्स के लिए: =[1−1230−2103]D=⎣⎡​131​−100​2−23​⎦⎤​

    समाधान: इसी प्रकार, हम ∣∣∣D∣, adjadj(D) खोजते हैं और फिर D को adjadj(D) के साथ गुणा करके समानता की पुष्टि करते हैं।

    प्रश्न 5:

    मैट्रिक्स का विपर्यय खोजें (यदि मौजूद हो): =[2−243]E=[24​−23​]

    समाधान: विपर्यय दिया गया है −1=1det⁡adjE−1=det(E)1​adj(E)। हमें E का निर्धारक गणना करने की आवश्यकता है और फिर उस निर्धारक के विपर्यय को E के सहयोजक के साथ गुणा करना होता है।

    प्रश्न 6:

    मैट्रिक्स का विपर्यय खोजें (यदि मौजूद हो): =[−15−32]F=[−1−3​52​]

    समाधान: हम प्रश्न 5 के समान सूत्र −1=1det⁡adjF−1=det(F)1​adj(F) का उपयोग करते हैं, F का निर्धारक और सहयोजक गणना करके।

    प्रश्न 7:

    मैट्रिक्स का विपर्यय खोजें (यदि मौजूद हो): =[123024005]G=⎣⎡​100​220​345​⎦⎤​

    समाधान: चूंकि G एक ऊपरी त्रिकोणीय मैट्रिक्स है, इसका विपर्यय आसानी से गणना किया जा सकता है। निर्धारक विकर्ण तत्वों का गुणनफल होता है। विपर्यय −1G−1 विकर्ण तत्वों के विपर्यय लेकर और विकर्ण से बाहर के तत्वों पर आवश्यक कार्रवाइयां करके पाया जा सकता है।

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