प्रायिकताकक्षा 12 गणित नोट्स

प्रायिकता · कक्षा 12 गणित · 19 टॉपिक.

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प्रायिकता में शामिल टॉपिक

  1. 1.संभाव्यता का परिचय

    संभाव्यता का परिचय

    संभाव्यता गणित का एक रोचक क्षेत्र है जो विभिन्न घटनाओं की संभावनाओं की गणना करने से संबंधित है। उदाहरण के तौर पर, जब आप सिक्का उछालते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से यह उम्मीद करते हैं कि यह सिर या पूँछ पर गिरेगा। संभाव्यता हमें इन दोनों परिणामों की संभावनाओं को समझने और मापने में मदद करती है।

    संभाव्यता क्या है?

    संभाव्यता यह मापती है कि कोई घटना कितनी संभावना से घटित होगी। इसे 0 से 1 के बीच की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है — जहां 0 का अर्थ है कि घटना असंभव है, और 1 का अर्थ है कि घटना निश्चित है। इस विचार को रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से देखा जा सकता है; जैसे कि बारिश की भविष्यवाणी करना, यह तय करना कि कौन सी टीम एक खेल में जीतेगी, या यहां तक कि अनुमान लगाना कि आप अंधाधुंध अपने दराज से किस रंग का मोजा निकालेंगे।

    संभाव्यता की गणना कैसे करें?

    किसी घटना के होने की संभाव्यता की गणना करने के लिए, आप निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करते हैं:

    =अनुकूल परिणामों की संख्याकुल परिणामों की संख्याP(E)=कुल परिणामों की संख्याअनुकूल परिणामों की संख्या​

    दैनिक जीवन में उदाहरण:

    कल्पना कीजिए कि आपके पास एक थैली है जिसमें 2 लाल गेंदें और 3 हरी गेंदें हैं, और आप लाल गेंद को निकालने की संभाव्यता की गणना करना चाहते हैं। यहाँ, कुल परिणामों की संख्या 5 है (क्योंकि कुल मिलाकर 5 गेंदें हैं), और अनुकूल परिणामों की संख्या (लाल गेंद निकालना) 2 है। इसलिए, संभाव्यता P है:

    (लाल गेंद)=25=0.4P(लाल गेंद)=52​=0.4

    इसका मतलब है कि लाल गेंद निकालने की 40% संभावना है।

    संभाव्यता के वास्तविक जीवन और करियर में अनुप्रयोग:

    1. मौसम विज्ञान: मौसम विज्ञानी मौसम के पैटर्न जैसे बारिश, तूफान, या धूप की भविष्यवाणी करने के लिए संभाव्यता का उपयोग करते हैं। यह कृषि, जल प्रबंधन, और आपदा तैयारी गतिविधियों की योजना बनाने में मदद करता है।
    2. वित्त और शेयर बाजार: व्यापारी और विश्लेषक स्टॉक चालों की भविष्यवाणी करने और जोखिमों को कम करने के लिए संभाव्यता का उपयोग करते हैं। संभाव्यता को समझना निवेश निर्णयों में सूचित रहने में मदद करता है।
    3. स्वास्थ्य और चिकित्सा: संभाव्यता का उपयोग रोग प्रकोपों की भविष्यवाणी करने, एक नई दवा की प्रभावकारिता को समझने, या आनुवंशिक संभावना की गणना करने में किया जाता है।
    4. इंजीनियरिंग: संभाव्यता विश्वसनीयता इंजीनियरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण में महत्वपूर्ण है। इंजीनियर इसका उपयोग सामग्रियों के जीवनकाल या प्रणाली विफलताओं की संभावना की भविष्यवाणी करने के लिए करते हैं।

    संभाव्यता को समझने के लिए सरल गतिविधि:

    इस मजेदार गतिविधि को आजमाएं: एक छह पक्षीय पासा को 30 बार फेंकें और हर बार के परिणाम को रिकॉर्ड करें। प्रत्येक संख्या कितनी बार आती है इसकी गणना करें। संभाव्यता सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक संख्या लगभग 5 बार दिखाई देनी चाहिए (क्योंकि 306=5630​=5). यह सरल प्रयोग आपको वास्तविक स्थितियों में संभाव्यता के काम करने की समझ देता है।

    संभाव्यता केवल एक अमूर्त अवधारणा नहीं है; यह एक उपयोगी उपकरण है जो हमें अनिश्चित परिस्थितियों में निर्णय लेने में मदद करता है, और यह कई उद्योगों में प्रक्रियाओं को सुधारने, घटनाओं की भविष्यवाणी करने और पैटर्न को समझने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

  2. 2.सशर्त संभाव्यता

    सशर्त संभाव्यता का परिचय

    सशर्त संभाव्यता वह संभाव्यता सिद्धांत की अवधारणा है जो तब उपयोगी होती है जब एक घटना का परिणाम दूसरी घटना के परिणाम पर प्रभाव डालता है। जैसे कि जब आप मौसम की जानकारी देखकर यह तय करते हैं कि आपको छाता लेकर जाना चाहिए या नहीं। यदि आसमान पहले से ही बदली हुई है, तो बारिश की संभावना अधिक हो सकती है। यहीं सशर्त संभाव्यता हमें मौजूदा स्थितियों के आधार पर अधिक सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।

    सशर्त संभाव्यता क्या है?

    सशर्त संभाव्यता वह संभावना होती है जिसमें कोई घटना घटित होने की संभावना को मापा जाता है, बशर्ते कि कोई अन्य घटना पहले ही घटित हो चुकी हो। इसे (∣)P(A∣B) के रूप में लिखा जाता है, जिसका अर्थ है घटना A का घटित होने की संभावना, बशर्ते कि घटना B पहले ही घटित हो चुकी हो।

    सशर्त संभाव्यता के गुण

    1. अर्नकात्मकता (Non-negativity): जैसे कि किसी भी संभाव्यता के साथ होता है, सशर्त संभाव्यताएं हमेशा अर्नकात्मक होती हैं, अर्थात् ये 0 से 1 के बीच होती हैं। (∣)≥0P(A∣B)≥0.
    2. निश्चितता (Certainty): यदि घटना B घटित हो चुकी है, तो B के दिए हुए B की संभाव्यता हमेशा 1 होती है। (∣)=1P(B∣B)=1.
    3. योग नियम (Sum Rule): यदि 1,2,…,A1​,A2​,…,An​ एक-दूसरे से बहिष्कृत घटनाएं हैं, तो उनमें से कम से कम एक के घटित होने की संभाव्यता, B के दिए गए, उनकी व्यक्तिगत सशर्त संभाव्यताओं का योग होती है:(1∪2∪…∪∣)=(1∣)+(2∣)+…+(∣)P(A1​∪A2​∪…∪An​∣B)=P(A1​∣B)+P(A2​∣B)+…+P(An​∣B)

    गुणों को समझाने के लिए उदाहरण

    1. अर्नकात्मकता का उदाहरण:

      • मान लीजिए आपके पास एक ताश का पत्तों का डेक है और आप यह जानने में रुचि रखते हैं कि एक फेस कार्ड खींचे जाने के बाद एक राजा (किंग) खींचने की संभाव्यता क्या है। चूंकि राजा खींचना फेस कार्ड खींचने का एक उपसमूह है, इसलिए यह संभाव्यता अर्नकात्मक है।
      • गणना: 12 फेस कार्ड्स और 4 राजा होते हैं। इसलिए, एक फेस कार्ड खींचने के बाद एक राजा खींचने की संभाव्यता 412=13124​=31​ है।
    2. निश्चितता का उदाहरण:

      • यदि आप पहले से जानते हैं कि सिक्का उछालने पर हेड्स आया है, तो हेड्स के दिए हुए हेड्स की संभाव्यता 100% है।
      • गणना: (Heads∣Heads)=1P(Heads∣Heads)=1.
    3. योग नियम का उदाहरण:

      • उसी ताश के पत्तों का डेक का उपयोग करके, एक फेस कार्ड खींचे जाने के बाद या तो एक राजा या एक रानी (क्वीन) खींचने की संभाव्यता की गणना करें।
      • 12 फेस कार्ड्स में 4 राजा और 4 रानी हैं। चूंकि ये घटनाएं एक-दूसरे से बहिष्कृत हैं:(King∪Queen∣Face Card)=(King∣Face Card)+(Queen∣Face Card)=412+412=23P(King∪Queen∣Face Card)=P(King∣Face Card)+P(Queen∣Face Card)=124​+124​=32​

    व्यावहारिक जीवन में अनुप्रयोग

    सशर्त संभाव्यता केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं है; इसका विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुप्रयोग है:

    • मौसम विज्ञान: मौसम विज्ञानी इसका उपयोग वर्तमान वायुमंडलीय डेटा के आधार पर मौसम की स्थितियों की भविष्यवाणी करने के लिए करते हैं।
    • चिकित्सा क्षेत्र: डॉक्टर कुछ विशेष लक्षणों या परीक्षण परिणामों के आधार पर रोग की संभाव्यता का अनुमान लगाते हैं।
    • बीमा: बीमाकर्ता दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं जैसी घटनाओं की सशर्त संभाव्यता के आधार पर प्रीमियम की गणना करते हैं।

    सशर्त संभाव्यता को समझने के लिए सरल गतिविधि

    सशर्त संभाव्यता को हाथोंहाथ समझने के लिए यहाँ एक आसान गतिविधि दी गई है:

    • ताश के पत्तों का एक पैक लें और इसे लाल और काले में अलग करें।
    • बिना देखे, पूरे डेक से एक कार्ड चुनें और इसे एक तरफ रख दें। फिर शेष कार्डों को अच्छी तरह से फेंटें।
    • अब, शफल किए गए डेक से आप जो पहला कार्ड देखते हैं, उसके रंग को जानते हुए, आपने जो कार्ड अलग रखा है उसके रंग का अनुमान लगाएं।
    • इसे कई बार दोहराएं और परिणामों को रिकॉर्ड करें ताकि देख सकें कि एक परिणाम जानने से दूसरे का अनुमान लगाने में मदद मिलती है या नहीं।

    यह दृष्टिकोण आपको सशर्त संभाव्यता के कार्य करने की व्यावहारिक समझ देता है और यह क्यों उपयोगी है, इसके आधार पर परिणामों की भविष्यवाणी करने में मदद करता है। यह रोजमर्रा की स्थितियों और पेशेवर सेटिंग्स में अधिक सटीक भविष्यवाणियाँ और निर्णय लेने में एक मूल्यवान उपकरण है।

  3. 3.यह देखते हुए कि E और F ऐसी घटनाएँ हैं कि P(E) = 0.6, P(F) = 0.3 और P(E ∩ F) = 0.2, P(E|F) और P(F|E) ज्ञात कीजिए

    आइए हम घटना E और F के दी गई समस्या को समझें और उसका हल निकालें, जो सामान्यीकृत संभावना के सिद्धांत पर आधारित है।

    घटना A की सामान्यीकृत संभावना, जब घटना B घटित हो चुकी है, को P(A|B) से दर्शाया जाता है और इसका सूत्र है:

    (∣)=(∩)P(A∣B)=P(B)P(A∩B)​

    जहां:

    • (∩)P(A∩B) वह संभावना है जब दोनों घटना A और B एक साथ घटित होती हैं,
    • P(B) वह संभावना है जब घटना B घटित होती है।

    तो P(E|F) निकालने के लिए, जो कि घटना E की संभावना को दर्शाता है बशर्ते कि F पहले ही घटित हो चुकी है, हमें दी गई संभावनाओं का इस्तेमाल करना होगा:

    (∣)=(∩)P(E∣F)=P(F)P(E∩F)​

    दिए गए मानों को प्लग इन करते हैं:

    (∣)=0.20.3P(E∣F)=0.30.2​

    इसी तरह, P(F|E) निकालने के लिए:

    (∣)=(∩)P(F∣E)=P(E)P(E∩F)​

    और हम गणना करते हैं:

    (∣)=0.20.6P(F∣E)=0.60.2​

    समस्या के समाधान इस प्रकार हैं:

    • P(E|F), घटना E की संभावना बशर्ते कि F घटित हुई हो, लगभग 0.67 है।
    • P(F|E), घटना F की संभावना बशर्ते कि E घटित हुई हो, लगभग 0.33 है।

    अब इसे वास्तविक दुनिया के संदर्भ में समझते हैं। मान लीजिए कि घटना E यह है कि "बारिश होती है" (जिसकी संभावना 0.6 है), और घटना F यह है कि "आप छाता लेकर चलते हैं" (जिसकी संभावना 0.3 है)। अगर दोनों "बारिश होना" और "आप छाता लेकर चलना" की संभावना 0.2 है, तो:

    • P(E|F) = 0.67 का मतलब है कि अगर आपने छाता लेकर चलने का निर्णय लिया है, तो वास्तव में बारिश होने की संभावना 67% है।
    • P(F|E) = 0.33 का मतलब है कि अगर बारिश हो रही है, तो आपने छाता लेकर चलने की संभावना 33% है।

    यह एक साधारण उदाहरण है कि कैसे सामान्यीकृत संभावना का उपयोग हर रोज़ के निर्णय लेने में किया जाता है, जैसे कि मौसम की भविष्यवाणी के आधार पर छाता लेकर चलने का निर्णय करना। पेशेवर दुनिया में, इसी तरह की अवधारणाओं का उपयोग बहुत सारे क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे कि मौसम विज्ञान, बीमा, वित्त, और अनेक प्रकार के डेटा विश्लेषण में।

  4. 4.P(A|B) की गणना करें, यदि P(B) = 0.5 और P (A ∩ B) = 0.32

    हम P(A|B) की गणना करते हैं, इसके लिए हम सामान्यीकृत संभावना का सूत्र इस्तेमाल करेंगे:

    (∣)=(∩)P(A∣B)=P(B)P(A∩B)​

    यह सूत्र हमें यह बताता है कि घटना A के होने की संभावना कितनी है, यह मानते हुए कि घटना B पहले ही हो चुकी है।

    हर भाग का अर्थ यह है:

    • P(A|B) यह संभावना है कि A होगा बशर्ते कि B हो चुका है।
    • P(A ∩ B) यह संभावना है कि A और B दोनों साथ में हो।
    • P(B) यह संभावना है कि घटना B होगी।

    अब, आपके प्रश्न में दिए गए मूल्यों का उपयोग करके:

    • P(B) = 0.5
    • P(A ∩ B) = 0.32

    हम इन संख्याओं को हमारे सूत्र में रखेंगे:

    (∣)=0.320.5P(A∣B)=0.50.32​

    जब हम 0.32 को 0.5 से विभाजित करते हैं, तो हमें 0.64 मिलता है।

    इसलिए, P(A|B) 0.64 है, जिसका मतलब है कि यदि घटना B हो चुकी है, तो 64% संभावना है कि घटना A भी होगी।

    यह गणना बहुत सरल है और इसे जीवन की अन्य स्थितियों में लागू करना आसान है, जैसे कि यदि किसी विद्यार्थी के पास परीक्षा में अच्छे अंक आने की 50% संभावना है (घटना B), और यदि विद्यार्थी ने पढ़ाई की है तो उसके अच्छे अंक आने की संभावना 32% है (A ∩ B), तो यदि हम जानते हैं कि विद्यार्थी ने पढ़ाई की है, तो उसके अच्छे अंक आने की संभावना 64% है (P(A|B))।

  5. 5.P(A ∪ B) का मूल्यांकन करें, यदि 2P(A) = P(B) = 5/13 और P(A|B) = 2/5

    चलिए दिए गए शर्तों के साथ (∪)P(A∪B) की संभावना निकालते हैं:

    1. 2=2P(A)=P(B) से हम P(A) निकालते हैं, जब =513P(B)=135​ दिया है: =2=5132P(A)=2P(B)​=2135​​

    2. हम जानते हैं (∣)=(∩)P(A∣B)=P(B)P(A∩B)​, इसलिए हम इसे पुनर्व्यवस्थित कर (∩)P(A∩B) निकालते हैं, जब (∣)=25P(A∣B)=52​ दिया है: (∩)=(∣)×=25×513P(A∩B)=P(A∣B)×P(B)=52​×135​

    3. अंत में, हम दो घटनाओं के संघ की संभावना निकालने के लिए सूत्र का इस्तेमाल करते हैं: (∪)=+−(∩)P(A∪B)=P(A)+P(B)−P(A∩B)

    आइए प्रत्येक चरण की गणना करें:

    चरण 1 के लिए: =513÷2=526P(A)=135​÷2=265​

    चरण 2 के लिए: (∩)=25×513=213P(A∩B)=52​×135​=132​

    चरण 3 में, हम इन्हें संघ के सूत्र में डालते हैं: (∪)=526+513−213P(A∪B)=265​+135​−132​

    अब हम सरलीकरण करते हैं: (∪)=526+1026−226P(A∪B)=265​+2610​−262​ (∪)=1326−226P(A∪B)=2613​−262​ (∪)=1126P(A∪B)=2611​

    इस प्रकार, (∪)P(A∪B) की संभावना 11262611​ है, जैसा कि अपेक्षित था।

  6. 6.दो सिक्कों को एक बार उछाला जाता है: (i) E: एक सिक्के पर पूंछ दिखाई देती है, F: एक सिक्के पर सिर दिखाई देता है, (ii) E: कोई पूंछ दिखाई नहीं देती, F: कोई सिर दिखाई नहीं देता

    एक बार में दो सिक्के उछाले जाते हैं:

    (i) E: एक सिक्के पर पूंछ (टेल) आती है, F: एक सिक्का सिर (हेड) दिखाता है

    जब दो सिक्के उछाले जाते हैं तो चार संभावित परिणाम होते हैं: HH, HT, TH, TT.

    • ईवेंट E के लिए (एक सिक्के पर पूंछ आती है), अनुकूल परिणाम HT और TH हैं। इसलिए, 𝑃(𝐸)=24=12P(E)=42​=21​ है।
    • ईवेंट F के लिए (एक सिक्का सिर दिखाता है), अनुकूल परिणाम HH और HT हैं। इसलिए, 𝑃(𝐹)=24=12P(F)=42​=21​ है।

    (ii) E: कोई पूंछ नहीं आती है, F: कोई सिर नहीं आता है

    • ईवेंट E के लिए (कोई पूंछ नहीं आती है), केवल एक अनुकूल परिणाम HH है। इसलिए, 𝑃(𝐸)=14P(E)=41​ है।
    • ईवेंट F के लिए (कोई सिर नहीं आता है), केवल एक अनुकूल परिणाम TT है। इसलिए, 𝑃(𝐹)=14P(F)=41​ है।
  7. 7.एक पासे को तीन बार उछाला जाता है: तीसरे उछाल पर E: 4 आता है, पहले दो उछाल पर क्रमशः F: 6 और 5 आता है

    एक पासा तीन बार फेंका जाता है:

    E: तीसरे फेंक में 4 आता है, F: पहले दो फेंक में क्रमशः 6 और 5 आते हैं

    • तीसरे फेंक का परिणाम पहले दो फेंक से स्वतंत्र है। ईवेंट E के लिए (तीसरे फेंक में 4 आता है), संभावना 𝑃(𝐸)=16P(E)=61​ है क्योंकि पासा फेंकने पर 4 आने की 1 में से 6 मौका होता है।
    • ईवेंट F के लिए (पहले दो फेंक में 6 और 5 आते हैं), संभावना 𝑃(𝐹)=16×16=136P(F)=61​×61​=361​ है।
  8. 8.माँ, पिता और पुत्र एक पारिवारिक तस्वीर के लिए यादृच्छिक रूप से पंक्तिबद्ध होते हैं: E: बेटा एक छोर पर, F: पिता बीच में

    माँ, पिता और बेटा एक पारिवारिक चित्र के लिए अनियमित रूप से लाइन में खड़े होते हैं:

    E: बेटा एक छोर पर है, F: पिता बीच में है

    • तीन लोगों को व्यवस्थित करने के 3! (या 6) संभावित तरीके हैं। ईवेंट E के लिए (बेटा एक छोर पर है), बेटा पहले स्थान या अंतिम स्थान पर हो सकता है। दोनों छोरों पर दो संभावनाएँ होने से, कुल मिलाकर 𝑃(𝐸)=46=23P(E)=64​=32​ है।
    • ईवेंट F के लिए (पिता बीच में है), माँ-बेटा-पिता और बेटा-माँ-पिता दो संभावित व्यवस्था हैं। इसलिए, 𝑃(𝐹)=26=13P(F)=62​=31​ है।
  9. 9.सशर्त संभाव्यता ज्ञात कीजिए

    एक काला और एक लाल पासा फेंका जाता है। 1. दिए गए 9 से अधिक योग प्राप्त करने की सशर्त संभावना ज्ञात कीजिए कि काले पासे का परिणाम 5 था। 2. लाल पासे को देखते हुए, योग 8 प्राप्त करने की सशर्त संभावना ज्ञात कीजिए परिणामस्वरूप संख्या 4 से कम हो गई।

    प्रत्येक भाग को कदम दर कदम हल करते हैं।

    (a) एक काले पासे पर 5 आने पर 9 से अधिक योग प्राप्त करने की सामान्यीकृत संभावना ज्ञात करें।

    जब काला पासा 5 दिखाए, हमें लाल पासे के उन परिणामों में रुचि है जो 9 से अधिक का योग दें। इसका मतलब यह है कि लाल पासे को 5 या 6 दिखाना होगा (क्योंकि 5 + 5 = 10 और 5 + 6 = 11, दोनों 9 से अधिक हैं)। लाल पासे के 6 संभावित परिणाम होते हैं (1 से 6 तक)।

    • लाल पासे के अनुकूल परिणाम (9 से अधिक योग के लिए): 5, 6
    • लाल पासे के कुल संभावित परिणाम: 6

    इसलिए, सामान्यीकृत संभावना, P(योग > 9 | काले पासे = 5), होगी:

    𝑃(योग > 9 | काला पासा = 5)=अनुकूल परिणामों की संख्याकुल संभावित परिणाम=26P(योग > 9 | काला पासा = 5)=कुल संभावित परिणामअनुकूल परिणामों की संख्या​=62​

    (b) एक लाल पासे पर 4 से कम संख्या आने पर 8 योग की संभावना ज्ञात करें।

    अगर लाल पासे पर 4 से कम संख्या दिखाई दे, तो वह 1, 2, या 3 हो सकता है। हम चाहते हैं कि कुल योग 8 हो।

    • अगर लाल पासा 1 है, तो काला पासा 7 होना चाहिए ताकि योग 8 हो, जो असंभव है क्योंकि एक पासा में केवल 6 चेहरे होते हैं।
    • अगर लाल पासा 2 है, तो काला पासा 6 होना चाहिए।
    • अगर लाल पासा 3 है, तो काला पासा 5 होना चाहिए।

    चूंकि लाल पासे के 4 से कम होने के केवल 3 संभावित परिणाम हैं, इसलिए केवल अनुकूल परिणाम जो हमें 8 का योग देते हैं, वे हैं जब लाल पासा 2 या 3 है।

    • अनुकूल परिणाम (8 का योग प्राप्त करने के लिए): लाल पासा = 2 (काला पासा को 6 होना चाहिए), लाल पासा = 3 (काला पासा को 5 होना चाहिए)
    • कुल संभावित परिणाम (जहाँ लाल पासा < 4 हो): 3

    इसलिए, सामान्यीकृत संभावना, P(योग = 8 | लाल पासा < 4), होगी:

    𝑃(योग = 8 | लाल पासा < 4)=अनुकूल परिणामों की संख्याकुल संभावित परिणाम=23P(योग = 8 | लाल पासा < 4)=कुल संभावित परिणामअनुकूल परिणामों की संख्या​=32​

    परिणाम हैं:

    (a) 2662​ या 1331​ काले पासे पर 5 आने पर 9 से अधिक योग की संभावना के लिए। (b) 2332​ लाल पासे पर 4 से कम आने पर 8 का योग की संभावना के लिए।

  10. 10.मान लें कि प्रत्येक जन्म लेने वाले बच्चे के लड़का या लड़की होने की समान संभावना है। यदि किसी परिवार में दो बच्चे हैं, तो सशर्त संभावना क्या है कि दोनों लड़कियां हैं, बशर्ते कि (i) सबसे छोटी लड़की है, (ii) कम से कम एक लड़की है?

    चलिए दोनों परिदृश्यों के लिए सामान्यीकृत संभावनाओं की गणना करते हैं:

    (i) सबसे छोटी बच्ची है

    जब हम जानते हैं कि सबसे छोटा बच्चा लड़की है, तो दो बच्चों के लिंग संयोजन के केवल दो संभावनाएँ होती हैं: सबसे बड़ा लड़का (बॉय-गर्ल, BG) या लड़की (गर्ल-गर्ल, GG) हो सकता है, जहां G लड़की को दर्शाता है और B लड़के को दर्शाता है।

    • अनुकूल परिणाम (दोनों लड़कियां हैं): GG
    • कुल संभावित परिणाम (सबसे छोटी लड़की है): BG, GG

    इसलिए सामान्यीकृत संभावना 𝑃(दोनों लड़कियां | सबसे छोटी लड़की)P(दोनों लड़कियां | सबसे छोटी लड़की) निम्नलिखित होगी: 𝑃(दोनों लड़कियां | सबसे छोटी लड़की)=12P(दोनों लड़कियां | सबसे छोटी लड़की)=21​

    (ii) कम से कम एक लड़की है

    अगर कम से कम एक बच्चा लड़की है, तो दो बच्चों के लिंग संयोजन के तीन संभावित विकल्प होते हैं: GG, BG, GB (जहां हर संयोजन में कम से कम एक G होता है)।

    • अनुकूल परिणाम (दोनों लड़कियां हैं): GG
    • कुल संभावित परिणाम (कम से कम एक लड़की है): GG, BG, GB

    इसलिए सामान्यीकृत संभावना 𝑃(दोनों लड़कियां | कम से कम एक लड़की)P(दोनों लड़कियां | कम से कम एक लड़की) निम्नलिखित होगी: 𝑃(दोनों लड़कियां | कम से कम एक लड़की)=13P(दोनों लड़कियां | कम से कम एक लड़की)=31​

    इस प्रकार उत्तर हैं:

    (i) सबसे छोटी बच्ची होने की स्थिति में दोनों बच्चे लड़कियां होने की सामान्यीकृत संभावना 1221​ है। (ii) कम से कम एक बच्ची होने की स्थिति में दोनों बच्चे लड़कियां होने की सामान्यीकृत संभावना 1331​ है।

  11. 11.एक प्रशिक्षक के पास एक प्रश्न बैंक होता है जिसमें 300 आसान सही/गलत प्रश्न, 200 कठिन सही/गलत प्रश्न, 500 आसान बहुविकल्पीय प्रश्न और 400 कठिन बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं। यदि किसी प्रश्न को प्रश्न बैंक से यादृच्छिक रूप से चुना जाता है, तो इसकी क्या संभावना

    यह जानने के लिए कि एक सवाल आसान होगा या नहीं, बशर्ते कि यह एक बहुविकल्पीय प्रश्न है, हम सामान्यीकृत संभावना के सूत्र का उपयोग करेंगे:

    𝑃(आसान∣बहुविकल्पीय)=𝑃(आसान और बहुविकल्पीय)𝑃(बहुविकल्पीय)P(आसान∣बहुविकल्पीय)=P(बहुविकल्पीय)P(आसान और बहुविकल्पीय)​

    हमें जो जानकारी मिली है, वह यह है:

    • आसान बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या 500 है।
    • बहुविकल्पीय प्रश्नों की कुल संख्या आसान और कठिन बहुविकल्पीय प्रश्नों की योग है, जो 500 (आसान) + 400 (कठिन) = 900 है।
    • हमें यह जानना है कि एक प्रश्न आसान और बहुविकल्पीय होगा, जो पहले से ही 500 है।

    इसलिए, संभावना होगी:

    𝑃(आसान∣बहुविकल्पीय)=500900P(आसान∣बहुविकल्पीय)=900500​

    यह सरलीकृत होकर बनता है:

    𝑃(आसान∣बहुविकल्पीय)=59P(आसान∣बहुविकल्पीय)=95​

    तो यह संभावना कि प्रश्न आसान होगा बशर्ते कि यह एक बहुविकल्पीय प्रश्न है, 5995​ है।

  12. 12.यह देखते हुए कि दो पासों को फेंकने पर दिखाई देने वाली दो संख्याएँ अलग-अलग हैं। 'पासे पर संख्याओं का योग 4 है' घटना की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

    जब दो पासे फेंके जाते हैं और दोनों पासों पर अलग-अलग संख्याएं आती हैं, तो 'पासों पर संख्याओं का योग 4 होने' की संभावना ज्ञात करने के लिए हम इस प्रकार से कार्य करते हैं:

    ऐसे कुल 30 अलग-अलग परिणाम हो सकते हैं जहां दोनों पासों पर आई संख्याएं अलग हैं।

    अब, संख्याओं का योग 4 होने के लिए, और यह शर्त के साथ कि दोनों पासों पर संख्याएं अलग हों, हमारे पास निम्न परिणाम हैं: (1,3) और (3,1)।

    इसलिए, हमारे पास 30 संभावित परिणामों में से 2 अनुकूल परिणाम हैं।

    संभावना P(योग 4 है | संख्याएं अलग हैं) है:

    𝑃(योग 4 है | संख्याएं अलग हैं)=230P(योग 4 है | संख्याएं अलग हैं)=302​

    अंश को सरल बनाने पर हमें मिलता है:

    𝑃(योग 4 है | संख्याएं अलग हैं)=115P(योग 4 है | संख्याएं अलग हैं)=151

    इसलिए, जब दोनों पासों पर अलग-अलग संख्याएं आती हैं, तो संख्याओं का योग 4 होने की संभावना 115151​ है।

    यह गणना दोनों पासों पर अलग संख्याओं के परिणामों को ध्यान में रखकर की गई है, और यह दिखाती है कि यदि दोनों पासों पर आई संख्याएं अलग हैं तो योग 4 के लिए संभावना कैसे निकाली जा सकती है।

  13. 13.एक पासे को फेंकने के प्रयोग पर विचार करें, यदि 3 का गुणज आता है, तो उसे फेंक दें फिर से मरो और यदि कोई अन्य नंबर आए तो एक सिक्का उछालो। सशर्त संभाव्यता ज्ञात कीजिए घटना का 'सिक्का एक पूंछ दिखाता है', यह देखते हुए कि 'कम से कम एक पासा 3 दिखाता है'।

    इस समस्या को हल करने के लिए, हमें "कम से कम एक पासा 3 दिखाने पर" की स्थिति में "सिक्का एक पूंछ दिखाने" की सामान्यीकृत संभावना की गणना करनी होगी। चलिए इसे कदम दर कदम हल करते हैं:

    कदम 1: घटनाओं की श्रृंखला को समझना

    पहले, हमें घटनाओं की श्रृंखला को समझना होगा:

    • अगर पहले पासे पर 3 या 6 आता है, तो पासा फिर से फेंका जाता है।
    • अगर कोई अन्य संख्या (1, 2, 4, या 5) आती है, तो सिक्का उछाला जाता है।

    कदम 2: 𝐴A की संभावना की गणना करना (कम से कम एक पासा 3 दिखाता है)

    𝑃(𝐴)P(A) की गणना करने के लिए, विचार करें:

    • पहला फेंक 3 या 6 है: दोबारा फेंकना जारी रखें।
    • दूसरा फेंक, 3 या 6 मिलने के बाद: पहले फेंक के स्वतंत्र।

    संभावनाएं:

    • पहला फेंक 3 या 6 है: 26=1362​=31​
    • पहला फेंक 3 या 6 नहीं है (सिक्का उछाला जाता है): 46=2364​=32​

    दूसरे फेंक के बाद 3 आने की संभावना (अगर पहले 3 या 6 आया था, तो 1331​ संभावना के साथ फिर से फेंकना होता है): 𝑃(पहला 3 है)+𝑃(पहला 6 है और दूसरा 3 है)=13×12+13×12×16=16+136P(पहला 3 है)+P(पहला 6 है और दूसरा 3 है)=31​×21​+31​×21​×61​=61​+361​

    कदम 3: 𝐵B की सामान्यीकृत संभावना की गणना करना 𝐴A को देखते हुए

    • पहला फेंक 3 या 6 नहीं है (सिक्का उछाला जाता है): पहला फेंक 3 या 6 नहीं होने की संभावना 2332​ है।
    • सिक्का फेंकने का परिणाम पूंछ है: 1221​ है।

    अब, हमें इन संभावनाओं को मिलाना होगा ताकि 𝐵B को 𝐴A के संदर्भ में देखा जा सके: 𝑃(𝐵∣𝐴)=𝑃(𝐴 और 𝐵)𝑃(𝐴)P(B∣A)=P(A)P(A और B)​

    𝑃(𝐴 और 𝐵)P(A और B) की गणना करना

    • 𝑃(𝐴 और 𝐵)P(A और B) वह संभावना है जहाँ कम से कम एक बार पासा पर 3 आता है (सभी फेंकों में) और सिक्का पूंछ दिखाता है: 𝑃(𝐴 और 𝐵)=𝑃(कम से कम एक 3 और पूंछ)P(A और B)=P(कम से कम एक 3 और पूंछ)
    • 3 आने और सिक्का फेंकना (और पूंछ का परिणाम होना): (केवल अगर पहला फेंक 3 या 6 नहीं है, और अगला फेंक 3 दिखाता है, तब सिक्का उछाला जाता है)।

    सरल मामलों का उपयोग करते हुए, और लगातार फिर से फेंकने की स्थितियों की जटिलता को ध्यान में रखते हुए, हम मान लेते हैं कि हम उस परिदृश्य पर केंद्रित हैं जहाँ:

    1. पहला फेंक 3 या 6 नहीं है (तो, सिक्का उछाला जाता है)
    2. सिक्का पूंछ दिखाता है

    𝑃(पहला 3 या 6 नहीं, और पूंछ)=46×12=13P(पहला 3 या 6 नहीं, और पूंछ)=64​×21​=31​

    तब, चूँकि 𝑃(𝐴)P(A) में कोई भी परिदृश्य शामिल है जहाँ कम से कम एक बार 3 आता है, जिसमें फिर से फेंकने की जटिलता शामिल होती है:

    𝑃(𝐵∣𝐴)≈13736=127×13=47P(B∣A)≈367​31​​=712​×31​=74​

  14. 14.

  15. 15.स्वतंत्र घटनाओं की परिचय

    स्वतंत्र घटनाओं की परिचय

    कल्पना कीजिए कि आप एक सिक्का उछाल रहे हैं और एक पासा फेंक रहे हैं। सिक्का का सिर आना या पट्टी आना पासे पर आने वाले नंबर को प्रभावित नहीं करता है, है ना? यह स्वतंत्र घटनाओं का एक सरल उदाहरण है। स्वतंत्र घटनाएँ वे होती हैं जहाँ एक घटना का परिणाम दूसरी घटना के परिणाम को प्रभावित नहीं करता है।

    स्वतंत्र घटनाओं की परिभाषाएँ

    1. सांख्यिकीय परिभाषा: दो घटनाएं, A और B, स्वतंत्र हैं अगर दोनों घटनाएं एक साथ होने की संभावना (A और B) उनकी व्यक्तिगत संभावनाओं के गुणनफल के बराबर होती है:

      𝑃(𝐴∩𝐵)=𝑃(𝐴)×𝑃(𝐵)P(A∩B)=P(A)×P(B)
    2. सशर्त संभावना परिभाषा: दो घटनाएं स्वतंत्र हैं अगर एक घटना का होना दूसरी घटना की संभावना को प्रभावित नहीं करता है। यह व्यक्त किया जाता है:

      𝑃(𝐴∣𝐵)=𝑃(𝐴)और𝑃(𝐵∣𝐴)=𝑃(𝐵)P(A∣B)=P(A)औरP(B∣A)=P(B)

      अगर ये समानताएँ बनी रहती हैं, तो A और B स्वतंत्र हैं।

    संख्यात्मक समस्याएँ

    समस्या 1: सिक्का उछालना और पासा फेंकना

    प्रश्न: आप एक निष्पक्ष सिक्का उछालते हैं और एक निष्पक्ष छह पक्षीय पासा फेंकते हैं। एक सिर और पासा पर 4 आने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    • 𝑃(सिर)=12P(सिर)=21​
    • 𝑃(पासा पर 4)=16P(पासा पर 4)=61​
    • चूंकि ये घटनाएं स्वतंत्र हैं:𝑃(सिर और 4)=𝑃(सिर)×𝑃(पासा पर 4)=12×16=112P(सिर और 4)=P(सिर)×P(पासा पर 4)=21​×61​=121​

    समस्या 2: कार्ड खींचना

    प्रश्न: अगर एक 52 कार्ड के डेक से दो कार्ड खींचे जाते हैं, पहले कार्ड को वापस डेक में डालने के बाद दूसरा कार्ड खींचा जाता है, तो दोनों बार एक एस कार्ड खींचने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    • 𝑃(पहले खींचने पर एस)=452=113P(पहले खींचने पर एस)=524​=131​
    • चूंकि कार्ड वापस डाला गया है, खींचने की घटनाएं स्वतंत्र हैं:𝑃(दूसरे खींचने पर एस)=452=113P(दूसरे खींचने पर एस)=524​=131​
    • दोनों घटनाओं के होने की संभावना:𝑃(दो एस)=113×113=1169P(दो एस)=131​×131​=1691​

    समस्या 3: बारिश और ट्रैफिक

    प्रश्न: किसी विशेष दिन बारिश होने की संभावना 0.30 है। बारिश के बावजूद ट्रैफिक का सामना करने की संभावना 0.40 है। मानते हुए कि घटनाएं स्वतंत्र हैं, बारिश होने और ट्रैफिक होने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    • 𝑃(बारिश)=0.30P(बारिश)=0.30
    • 𝑃(ट्रैफिक)=0.40P(ट्रैफिक)=0.40
    • चूंकि घटनाएं स्वतंत्र हैं:𝑃(बारिश और ट्रैफिक)=0.30×0.40=0.12P(बारिश और ट्रैफिक)=0.30×0.40=0.12

    ये उदाहरण दिखाते हैं कि विभिन्न संदर्भों में स्वतंत्र घटनाएं कैसे काम करती हैं। आप देख सकते हैं कि अधिक जटिल परिदृश्यों में संभावनाओं को निर्धारित करने में स्वतंत्रता की समझ महत्वपूर्ण है।

  16. 16.अभ्यास प्रश्न

    प्रश्न 1

    प्रश्न: यदि 𝐴A और 𝐵B दो घटनाएँ हैं जिनके लिए 𝑃(𝐴)=14P(A)=41​, 𝑃(𝐵)=12P(B)=21​, और 𝑃(𝐴∩𝐵)=18P(A∩B)=81​, तो 𝑃(नहीं 𝐴 और नहीं 𝐵)P(नहीं A और नहीं B) ज्ञात कीजिए।

    समाधान:

    1. हम 𝑃(नहीं 𝐴)P(नहीं A) और 𝑃(नहीं 𝐵)P(नहीं B) ज्ञात करते हैं:

      𝑃(नहीं 𝐴)=1−𝑃(𝐴)=1−14=34P(नहीं A)=1−P(A)=1−41​=43​𝑃(नहीं 𝐵)=1−𝑃(𝐵)=1−12=12P(नहीं B)=1−P(B)=1−21​=21​
    2. हमें 𝑃(नहीं 𝐴 और नहीं 𝐵)P(नहीं A और नहीं B) ज्ञात करना है, जो कि 𝑃(नहीं (𝐴 या 𝐵))P(नहीं (A या B)) के समान है, डी मॉर्गन के नियम के अनुसार:

      𝑃(𝐴 या 𝐵)=𝑃(𝐴)+𝑃(𝐵)−𝑃(𝐴∩𝐵)=14+12−18=58P(A या B)=P(A)+P(B)−P(A∩B)=41​+21​−81​=85​𝑃(नहीं (𝐴 या 𝐵))=1−𝑃(𝐴 या 𝐵)=1−58=38P(नहीं (A या B))=1−P(A या B)=1−85​=83​

    इसलिए, 𝑃(नहीं 𝐴 और नहीं 𝐵)=38P(नहीं A और नहीं B)=83​.

    प्रश्न 2

    प्रश्न: घटनाएँ 𝐴A और 𝐵B ऐसी हैं कि 𝑃(𝐴)=12P(A)=21​, 𝑃(𝐵)=712P(B)=127​, और 𝑃(नहीं 𝐴 या नहीं 𝐵)=14P(नहीं A या नहीं B)=41​. यह बताएं कि 𝐴A और 𝐵B स्वतंत्र हैं या नहीं।

    समाधान:

    1. हम 𝑃(𝐴 या 𝐵)P(A या B) ज्ञात करते हैं, 𝑃(नहीं 𝐴 या नहीं 𝐵)P(नहीं A या नहीं B) का उपयोग करते हुए डी मॉर्गन के नियम से:

      𝑃(𝐴 या 𝐵)=1−𝑃(नहीं 𝐴 या नहीं 𝐵)=1−14=34P(A या B)=1−P(नहीं A या नहीं B)=1−41​=43​
    2. हम स्वतंत्रता की जाँच करने के लिए 𝑃(𝐴∩𝐵)P(A∩B) गणना करते हैं:

      𝑃(𝐴∩𝐵)=𝑃(𝐴)+𝑃(𝐵)−𝑃(𝐴 या 𝐵)=12+712−34P(A∩B)=P(A)+P(B)−P(A या B)=21​+127​−43​

      सरलीकरण करते हुए:

      𝑃(𝐴∩𝐵)=612+712−912=412=13P(A∩B)=126​+127​−129​=124​=31​
    3. हम 𝑃(𝐴∩𝐵)=13P(A∩B)=31​ की तुलना 𝑃(𝐴)×𝑃(𝐵)=12×712=724P(A)×P(B)=21​×127​=247​ से करते हैं। चूंकि 13≠72431​=247​, इसलिए घटनाएं 𝐴A और 𝐵B स्वतंत्र नहीं हैं।

    इन कदमों का पालन करके, हम देखते हैं कि दिए गए प्रायिकताएँ घटनाओं की स्वतंत्रता और उनके संयोजनों के परिणामों को कैसे प्रभावित करती हैं।

  17. 17.बेयस प्रमेय

    बेयस प्रमेय एक मौलिक अवधारणा है जो संभावना सिद्धांत में आधारित है, जो हमें नए प्रमाणों के आधार पर किसी घटना की संभावना के बारे में हमारी प्रारंभिक मान्यताओं को अपडेट करने की अनुमति देता है। यह थॉमस बेयस के नाम पर है, जो एक 18वीं सदी के ब्रिटिश सांख्यिकीविद और मंत्री थे। यह प्रमेय विशेष रूप से चिकित्सा परीक्षण के क्षेत्र में शक्तिशाली है, जहाँ यह समझने में मदद करता है कि कैसे किसी रोग की संभावना एक परीक्षण परिणाम प्राप्त करने के बाद बदल जाती है।

    बेयस प्रमेय क्या है?

    बेयस प्रमेय उस घटना की संभावना की गणना करता है जो पहले से ज्ञात स्थितियों के आधार पर होती है जो घटना से संबंधित हो सकती हैं। सूत्र है:

    𝑃(𝐴∣𝐵)=𝑃(𝐵∣𝐴)×𝑃(𝐴)𝑃(𝐵)P(A∣B)=P(B)P(B∣A)×P(A)​

    यहाँ:

    • 𝑃(𝐴∣𝐵)P(A∣B) वह संभावना है जब घटना 𝐴A घटित होती है बशर्ते कि 𝐵B घटित हो चुका हो।
    • 𝑃(𝐵∣𝐴)P(B∣A) वह संभावना है जब घटना 𝐵B घटित होती है बशर्ते कि 𝐴A घटित हो चुका हो।
    • 𝑃(𝐴)P(A) वह संभावना है जब घटना 𝐴A स्वयं घटित होती है।
    • 𝑃(𝐵)P(B) वह संभावना है जब घटना 𝐵B स्वयं घटित होती है।

    वास्तविक जीवन में उपयोग

    चिकित्सा परीक्षण को ध्यान में रखें, उदाहरण के लिए। यदि कोई रोग 1000 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करता है, और उस रोग के लिए एक परीक्षण 99% सटीक है:

    • 𝑃(𝐴)P(A) (रोग की उपस्थिति) 0.001 है।
    • 𝑃(not 𝐴)P(not A) (रोग की अनुपस्थिति) 0.999 है।
    • 𝑃(𝐵∣𝐴)P(B∣A) (परीक्षण सकारात्मक होना बशर्ते रोग उपस्थित है) 0.99 है।
    • 𝑃(𝐵∣not 𝐴)P(B∣not A) (परीक्षण सकारात्मक होना बशर्ते रोग अनुपस्थित है) 0.01 है।

    बेयस प्रमेय का उपयोग करके, हम यह पता लगा सकते हैं कि यदि किसी व्यक्ति का परीक्षण सकारात्मक आया है तो उसे वास्तव में रोग है या नहीं, हमारे प्रारंभिक अनुमान को परीक्षण परिणाम के आधार पर समायोजित करते हैं।

    करियर और उद्योग

    बेयस प्रमेय का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है:

    • स्वास्थ्य सेवा: मेडिकल टेस्ट परिणामों से रोगों का निदान करना।
    • मशीन लर्निंग: संभावनाओं के आधार पर डेटा का वर्गीकरण करना।
    • वित्त: वित्तीय परिणामों की संभावनाओं और जोखिमों का आकलन करना।
    • आपराधिक न्याय: साक्ष्य के आधार पर परिदृश्यों की संभावना का मूल्यांकन करना।

    समस्या समाधान

    समस्या 1:
    एक रोग 1000 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करता है। उस रोग के लिए एक परीक्षण 99% सटीक है। यदि किसी व्यक्ति का परीक्षण सकारात्मक आता है, तो उसे वास्तव में रोग है, इसकी संभावना क्या है?

    समाधान:

    1. 𝑃(𝐴)=0.001P(A)=0.001 और 𝑃(not 𝐴)=0.999P(not A)=0.999 की गणना करें।
    2. 𝑃(𝐵∣𝐴)=0.99P(B∣A)=0.99 और 𝑃(𝐵∣not 𝐴)=0.01P(B∣not A)=0.01।
    3. बेयस प्रमेय का उपयोग करें: 𝑃(𝐴∣𝐵)=0.99×0.0010.99×0.001+0.01×0.999≈0.0902P(A∣B)=0.99×0.001+0.01×0.9990.99×0.001​≈0.0902

    इसलिए, यदि किसी व्यक्ति का परीक्षण सकारात्मक आता है तो उसे वास्तव में रोग होने की संभावना लगभग 9.02% है।

    समस्या 2:
    एक सर्वेक्षण में, 40% लोगों के पास कार है। यदि किसी व्यक्ति के पास कार है, तो उसके पास गैरेज होने की 70% संभावना है। यदि किसी व्यक्ति के पास कार नहीं है, तो उसके पास गैरेज होने की 10% संभावना है। यदि किसी व्यक्ति के पास गैरेज है तो उसके पास कार होने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    1. 𝑃(𝐴)=0.4P(A)=0.4 और 𝑃(not 𝐴)=0.6P(not A)=0.6 की गणना करें।
    2. 𝑃(𝐵∣𝐴)=0.7P(B∣A)=0.7 और 𝑃(𝐵∣not 𝐴)=0.1P(B∣not A)=0.1।
    3. बेयस प्रमेय का उपयोग करें: 𝑃(𝐴∣𝐵)=0.7×0.40.7×0.4+0.1×0.6≈0.875P(A∣B)=0.7×0.4+0.1×0.60.7×0.4​≈0.875

    यदि किसी व्यक्ति के पास गैरेज है तो उसके पास कार होने की संभावना 87.5% है।

    समस्या 3:
    एक ईमेल फ़िल्टरिंग सिस्टम ईमेल को स्पैम या नॉन-स्पैम के रूप में चिह्नित करता है। 2% ईमेल स्पैम हैं। यदि कोई ईमेल स्पैम है, तो उसे स्पैम के रूप में चिह्नित किए जाने की 80% संभावना है। यदि कोई ईमेल स्पैम नहीं है, तो भी उसे स्पैम के रूप में चिह्नित किए जाने की 3% संभावना है। यदि कोई ईमेल स्पैम के रूप में चिह्नित होता है तो वह वास्तव में स्पैम होने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    1. 𝑃(𝐴)=0.02P(A)=0.02 और 𝑃(not 𝐴)=0.98P(not A)=0.98 की गणना करें।
    2. 𝑃(𝐵∣𝐴)=0.8P(B∣A)=0.8 और 𝑃(𝐵∣not 𝐴)=0.03P(B∣not A)=0.03।
    3. बेयस प्रमेय का उपयोग करें: 𝑃(𝐴∣𝐵)=0.8×0.020.8×0.02+0.03×0.98≈0.34P(A∣B)=0.8×0.02+0.03×0.980.8×0.02​≈0.34

    यदि कोई ईमेल स्पैम के रूप में चिह्नित होता है तो वह वास्तव में स्पैम होने की संभावना 34% है।

    ये उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे बेयस प्रमेय हमें वास्तविक डेटा के साथ हमारे प्रारंभिक धारणाओं को परिष्कृत करने में मदद करता है, जिससे हमें संभावना के तहत विश्लेषण करने में मदद मिलती है। यह उपकरण अनिश्चितता के तहत विश्लेषण की आवश्यकता वाले कई क्षेत्रों में अमूल्य है।

  18. 18.अभ्यास प्रश्न

    यह समस्या तीन मशीन ऑपरेटरों A, B, और C के बारे में है जो एक निर्माता के लिए काम करते हैं। पहला ऑपरेटर A 1% दोषपूर्ण वस्तुएं उत्पन्न करता है, जबकि अन्य दो ऑपरेटर B और C क्रमशः 5% और 7% दोषपूर्ण वस्तुएं उत्पन्न करते हैं। A काम पर 50% समय के लिए होता है, B 30% समय के लिए, और C 20% समय के लिए। यदि कोई दोषपूर्ण वस्तु उत्पन्न होती है, तो उसके द्वारा A द्वारा उत्पन्न होने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    1. घटनाओं को परिभाषित करें:

      • 𝐷D को वह घटना मानें जिसमें दोषपूर्ण वस्तु उत्पन्न होती है।
      • 𝐴A, 𝐵B, और 𝐶C उन घटनाओं को दर्शाते हैं जिनमें वस्तु का उत्पादन क्रमशः A, B, और C द्वारा किया गया है।
    2. दिए गए संभावनाएं:

      • 𝑃(𝐴)=0.5P(A)=0.5 (A 50% समय पर काम करता है)
      • 𝑃(𝐵)=0.3P(B)=0.3 (B 30% समय पर काम करता है)
      • 𝑃(𝐶)=0.2P(C)=0.2 (C 20% समय पर काम करता है)
      • 𝑃(𝐷∣𝐴)=0.01P(D∣A)=0.01 (A से 1% दोषपूर्ण वस्तुएं)
      • 𝑃(𝐷∣𝐵)=0.05P(D∣B)=0.05 (B से 5% दोषपूर्ण वस्तुएं)
      • 𝑃(𝐷∣𝐶)=0.07P(D∣C)=0.07 (C से 7% दोषपूर्ण वस्तुएं)
    3. कुल संभावना प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝐷)P(D) खोजें:

      𝑃(𝐷)=𝑃(𝐷∣𝐴)𝑃(𝐴)+𝑃(𝐷∣𝐵)𝑃(𝐵)+𝑃(𝐷∣𝐶)𝑃(𝐶)P(D)=P(D∣A)P(A)+P(D∣B)P(B)+P(D∣C)P(C)𝑃(𝐷)=(0.01)(0.5)+(0.05)(0.3)+(0.07)(0.2)=0.005+0.015+0.014=0.034P(D)=(0.01)(0.5)+(0.05)(0.3)+(0.07)(0.2)=0.005+0.015+0.014=0.034
    4. बेयस प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝐴∣𝐷)P(A∣D) खोजें, यह संभावना कि दोषपूर्ण वस्तु A द्वारा उत्पन्न की गई थी अगर दोषपूर्ण वस्तु उत्पन्न हुई थी:

      𝑃(𝐴∣𝐷)=𝑃(𝐷∣𝐴)𝑃(𝐴)𝑃(𝐷)P(A∣D)=P(D)P(D∣A)P(A)​𝑃(𝐴∣𝐷)=(0.01)(0.5)0.034≈0.1471P(A∣D)=0.034(0.01)(0.5)​≈0.1471

    इसलिए, यदि कोई दोषपूर्ण वस्तु उत्पन्न होती है, तो उसे A द्वारा उत्पन्न होने की संभावना लगभग 14.71% है।

  19. 19.अभ्यास प्रश्न

    समस्या 1:

    तीन सिक्के हैं। एक दो सिर वाला सिक्का है (दोनों तरफ सिर होते हैं), दूसरा एक पक्षपाती सिक्का है जो 75% समय सिर आता है, और तीसरा एक निष्पक्ष सिक्का है। तीनों में से एक सिक्का यादृच्छिक रूप से चुना जाता है और फेंका जाता है, यह सिर दिखाता है। यह संभावना क्या है कि यह दो सिर वाला सिक्का था?

    समाधान:

    1. घटनाओं की परिभाषा:

      • 𝐴A यह घटना है कि दो सिर वाला सिक्का चुना गया है।
      • 𝐵B यह घटना है कि पक्षपाती सिक्का चुना गया है।
      • 𝐶C यह घटना है कि निष्पक्ष सिक्का चुना गया है।
      • 𝐻H यह घटना है कि सिक्का सिर दिखाता है।
    2. दिए गए संभावनाएं:

      • 𝑃(𝐴)=13P(A)=31​ (प्रत्येक सिक्के के चुने जाने की समान संभावना है)
      • 𝑃(𝐵)=13P(B)=31​
      • 𝑃(𝐶)=13P(C)=31​
      • 𝑃(𝐻∣𝐴)=1P(H∣A)=1 (दो सिर वाला सिक्का हमेशा सिर दिखाएगा)
      • 𝑃(𝐻∣𝐵)=0.75P(H∣B)=0.75 (पक्षपाती सिक्का 75% समय सिर दिखाता है)
      • 𝑃(𝐻∣𝐶)=0.5P(H∣C)=0.5 (निष्पक्ष सिक्का 50% समय सिर दिखाता है)
    3. कुल संभावना प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝐻)P(H) खोजें:

      𝑃(𝐻)=𝑃(𝐻∣𝐴)𝑃(𝐴)+𝑃(𝐻∣𝐵)𝑃(𝐵)+𝑃(𝐻∣𝐶)𝑃(𝐶)P(H)=P(H∣A)P(A)+P(H∣B)P(B)+P(H∣C)P(C)𝑃(𝐻)=(1×13)+(0.75×13)+(0.5×13)=13+0.753+0.53=2.253=0.75P(H)=(1×31​)+(0.75×31​)+(0.5×31​)=31​+30.75​+30.5​=32.25​=0.75
    4. बेयस प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝐴∣𝐻)P(A∣H) खोजें:

      𝑃(𝐴∣𝐻)=𝑃(𝐻∣𝐴)𝑃(𝐴)𝑃(𝐻)P(A∣H)=P(H)P(H∣A)P(A)​𝑃(𝐴∣𝐻)=1×130.75=13÷0.75=13×43=49P(A∣H)=0.751×31​​=31​÷0.75=31​×34​=94​

    सिक्का दिखाने पर दो सिर वाले सिक्के के चुने जाने की संभावना 4994​ है।

    समस्या 2:

    एक बीमा कंपनी ने 2000 स्कूटर चालकों, 4000 कार चालकों और 6000 ट्रक ड्राइवरों का बीमा किया है। दुर्घटनाओं की संभावनाएं क्रमशः 0.01, 0.03 और 0.15 हैं। किसी बीमाकृत व्यक्ति के साथ दुर्घटना होती है। वह एक स्कूटर चालक होने की संभावना क्या है?

    समाधान:

    1. घटनाओं की परिभाषा:

      • 𝑆S यह घटना है कि व्यक्ति एक स्कूटर चालक है।
      • 𝐴A यह घटना है कि व्यक्ति के साथ दुर्घटना होती है।
    2. दिए गए संभावनाएं:

      • 𝑃(𝑆)=200012000=16P(S)=120002000​=61​ (कुल बीमाकृत 12000 है)
      • 𝑃(𝐴∣𝑆)=0.01P(A∣S)=0.01
    3. कुल संभावना प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝐴)P(A) खोजें:

      𝑃(𝐴)=𝑃(𝐴∣𝑆)𝑃(𝑆)+𝑃(𝐴∣𝐶)𝑃(𝐶)+𝑃(𝐴∣𝑇)𝑃(𝑇)P(A)=P(A∣S)P(S)+P(A∣C)P(C)+P(A∣T)P(T)

      जहां:

      • 𝑃(𝐶)=400012000=13P(C)=120004000​=31​ (कार चालक)
      • 𝑃(𝑇)=600012000=12P(T)=120006000​=21​ (ट्रक ड्राइवर)
      • 𝑃(𝐴∣𝐶)=0.03P(A∣C)=0.03
      • 𝑃(𝐴∣𝑇)=0.15P(A∣T)=0.15
      𝑃(𝐴)=(0.01×16)+(0.03×13)+(0.15×12)=0.00167+0.01+0.075=0.08667P(A)=(0.01×61​)+(0.03×31​)+(0.15×21​)=0.00167+0.01+0.075=0.08667
    4. बेयस प्रमेय का उपयोग करके 𝑃(𝑆∣𝐴)P(S∣A) खोजें:

      𝑃(𝑆∣𝐴)=𝑃(𝐴∣𝑆)𝑃(𝑆)𝑃(𝐴)P(S∣A)=P(A)P(A∣S)P(S)​𝑃(𝑆∣𝐴)=0.01×160.08667≈0.0193P(S∣A)=0.086670.01×61​​≈0.0193

    यह व्यक्ति एक स्कूटर चालक होने की संभावना, दी गई है कि उसके साथ दुर्घटना हुई, लगभग 0.0193 है।

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