सभी महत्वपूर्ण सूत्रकक्षा 11 गणित नोट्स

सभी महत्वपूर्ण सूत्र · कक्षा 11 गणित · 6 टॉपिक.

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सभी महत्वपूर्ण सूत्र में शामिल टॉपिक

  1. 1.बीजगणितीय सूत्र

    बीजगणितीय सूत्र


    1. (a+b)2=a2+2ab+b2

      • दो संख्याओं के जोड़ का वर्ग:
        (a+b) का वर्ग a2+2ab+b2 के बराबर होता है।

    2. (a−b)2=a2−2ab+b2

      • दो संख्याओं के घटाव का वर्ग:
        (a−b) का वर्ग a2−2ab+b2 के बराबर होता है।

    3. (a+b)(a−b)=a2−b2

      • वर्गों का अंतर:
        (a+b) और (a−b) का गुणनफल a2−b2 होता है।

    4. a3+b3=(a+b)(a2−ab+b2)

      • घनों का योग:
        a3+b3 का विस्तार (a+b)(a2−ab+b2) होता है।

    5. a3−b3=(a−b)(a2+ab+b2)

      • घनों का अंतर:
        a3−b3 का विस्तार (a−b)(a2+ab+b2) होता है।

    6. (a−b2)2=a2−2ab+b24

      • दो संख्याओं के घटाव के वर्ग का आधा:
        (a−b2) का वर्ग a2−2ab+b24 के बराबर होता है।

    7. a3−b3=(a−b)(a2+ab+b2)+3ab(a−b)

      • घनों का विस्तार का दूसरा रूप:
        a3−b3 को (a−b)(a2+ab+b2)+3ab(a−b) के रूप में लिखा जा सकता है।

    8. (a−b)4=a4−4a3b+6a2b2−4ab3+b4

      • दो संख्याओं के घटाव के चौथे घात का विस्तार।

    9. a3+b3=(a+b)3−3ab(a+b)

      • घनों के योग का विस्तार:
        a3+b3 को (a+b)3−3ab(a+b) के रूप में लिखा जा सकता है।

    10. (a+b)3=a3+3a2b+3ab2+b3

      • दो संख्याओं के जोड़ का घन:
        (a+b)3 का विस्तार a3+3a2b+3ab2+b3 होता है।

    11. (a−b)3=a3−3a2b+3ab2−b3

      • दो संख्याओं के घटाव का घन:
        (a−b)3 का विस्तार a3−3a2b+3ab2−b3 होता है।

    12. (a−b)3=a3−3a2b+3ab2−b3

      • दो संख्याओं के घटाव के घन का दोहराया गया रूप।

    मुख्य सूत्र का उदाहरण:

    (a+b)2=a2+2ab+b

    2

    व्याख्या:

    (a+b)2 का मतलब है (a+b) को खुद से गुणा करना। इसका विस्तार a2+2ab+b2 के बराबर होता है।

    उदाहरण:

    मान लीजिए a=3 और b=2:

    (3+2)2=32+2×3×2+22

    सरल करें:

    =9+12+4=25

  2. 2.लघुगणक सूत्र

    लघुगणक सूत्र (Factors Formula)


    1. ax=N ⟹ x=log⁡aN


    • व्याख्या: यदि a की घात x से N बनता है, तो x को N का आधार a के साथ लघुगणक कहते हैं।

    • उदाहरण:
      यदि 23=8, तो log⁡28=3।

    2. log⁡aa=1


    • व्याख्या: किसी संख्या का उसी के आधार पर लघुगणक हमेशा 1 होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡55=1।

    3. log⁡1010=1


    • व्याख्या: 10 का 10 के आधार पर लघुगणक हमेशा 1 होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡1010=1।

    4. log⁡a(m×n)=log⁡am+log⁡an


    • व्याख्या: किसी गुणनफल का लघुगणक, संख्याओं के लघुगणकों के योग के बराबर होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡2(8×4):log⁡2(8×4)=log⁡28+log⁡24चूंकि log⁡28=3 और log⁡24=2:log⁡2(8×4)=3+2=5

    5. log⁡a(mn)=log⁡am−log⁡an


    • व्याख्या: किसी भागफल का लघुगणक, संख्याओं के लघुगणकों के अंतर के बराबर होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡2(84):log⁡2(84)=log⁡28−log⁡24चूंकि log⁡28=3 और log⁡24=2:log⁡2(84)=3−2=1

    6. log⁡amn=nlog⁡am


    • व्याख्या: किसी संख्या के घात का लघुगणक, उस घात के गुणा के बराबर होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡282:log⁡282=2log⁡28चूंकि log⁡28=3:log⁡282=2×3=6

    7. log⁡ax2=2log⁡a∣x∣


    • व्याख्या: x2 का लघुगणक, ∣x∣ के लघुगणक का दुगना होता है।

    • उदाहरण:
      log⁡2(−4)2:log⁡2(−4)2=2log⁡2∣4∣चूंकि log⁡24=2:log⁡2(−4)2=2×2=4

    8. log⁡ba×log⁡ab=1


    • व्याख्या: log⁡ba और log⁡ab का गुणनफल हमेशा 1 होता है।

    • उदाहरण:
      यदि log⁡39=2, तो log⁡93=12, औरlog⁡39×log⁡93=2×12=1

    9. log⁡ab=1log⁡ba


    • व्याख्या: log⁡ab, log⁡ba का व्युत्क्रम होता है।

    • उदाहरण:
      यदि log⁡28=3, तो log⁡82=13।

    10. log⁡bx=log⁡axlog⁡ab


    • व्याख्या: यह लघुगणक का आधार परिवर्तन सूत्र है।

    • उदाहरण:
      log⁡28 को आधार 10 से निकालें:log⁡28=log⁡108log⁡102अनुमानित मान:log⁡108≈0.903,log⁡102≈0.301तो,log⁡28≈0.9030.301=3

    11. log⁡ba=1log⁡ab


    • व्याख्या: log⁡ba और log⁡ab का आपसी व्युत्क्रम संबंध है।

    • उदाहरण:
      यदि log⁡525=2, तो log⁡255=12।
  3. 3.त्रिकोणमिति के अनुपात और सूत्र

    📏 त्रिकोणमिति के अनुपात और सूत्र

    1. त्रिकोणमितीय अनुपात:

      • tan⁡θ=sin⁡θcos⁡θ

      • cot⁡θ=cos⁡θsin⁡θ

      • sec⁡θ=1cos⁡θ

      • csc⁡θ=1sin⁡θ

    2. पाइथागोरस पहचानें (Pythagorean Identities):

      • sin⁡2θ+cos⁡2θ=1
      • sec⁡2θ−tan⁡2θ=1
      • csc⁡2θ−cot⁡2θ=1

    3. को-फंक्शन पहचानें (Co-function Identities):

      • sin⁡θ=cos⁡(90∘−θ)
      • cos⁡θ=sin⁡(90∘−θ)
      • tan⁡θ=cot⁡(90∘−θ)
      • cot⁡θ=tan⁡(90∘−θ)
      • sec⁡θ=csc⁡(90∘−θ)
      • csc⁡θ=sec⁡(90∘−θ)

    4. अन्य पहचानें (Additional Identities):

      • tan⁡θ×cot⁡θ=1

    📊 सामान्य कोणों के लिए त्रिकोणमितीय तालिका


    ये सूत्र और तालिका त्रिकोणमिति, ज्यामिति, और भौतिकी, वास्तुकला तथा इंजीनियरिंग जैसे वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों को हल करने में सहायक होते हैं।

  4. 4.अवकलन सूत्र

    मूलभूत अवकलन सूत्र (Basic Differentiation Formulas)

    1. घात (Power Rule)
      ddx(xn)=nxn−1
      जहां n कोई भी वास्तविक संख्या है।

    2. घातीय फलन (Exponential Function)
      ddx(ex)=ex

    3. लघुगणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation)
      ddx(log⁡ax)=1xlog⁡a

    4. प्राकृतिक लघुगणक (Natural Logarithm)
      ddx(log⁡ex)=1x

    5. घातीय फलन a के आधार पर
      ddx(ax)=axlog⁡a


    त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Functions)

    1. sin⁡x का अवकलन
      ddx(sin⁡x)=cos⁡x

    2. cos⁡x का अवकलन
      ddx(cos⁡x)=−sin⁡x

    3. tan⁡x का अवकलन
      ddx(tan⁡x)=sec⁡2x

    4. cot⁡x का अवकलन
      ddx(cot⁡x)=−csc⁡2x

    5. sec⁡x का अवकलन
      ddx(sec⁡x)=sec⁡xtan⁡x

    6. csc⁡x का अवकलन
      ddx(csc⁡x)=−csc⁡xcot⁡x


    व्युत्क्रम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions)

    1. sin⁡−1x का अवकलन
      ddx(sin⁡−1x)=11−x2,जब −1<x<1

    2. cos⁡−1x का अवकलन
      ddx(cos⁡−1x)=−11−x2,जब −1<x<1

    3. tan⁡−1x का अवकलन
      ddx(tan⁡−1x)=11+x2

    4. cot⁡−1x का अवकलन
      ddx(cot⁡−1x)=−11+x2

    5. sec⁡−1x का अवकलन
      ddx(sec⁡−1x)=1∣x∣x2−1,∣x∣>1

    6. csc⁡−1x का अवकलन
      ddx(csc⁡−1x)=−1∣x∣x2−1,∣x∣>1


    हाइपरबोलिक त्रिकोणमितीय फलन (Hyperbolic Trigonometric Functions)

    1. sinh⁡x का अवकलन
      ddx(sinh⁡x)=cosh⁡x

    2. cosh⁡x का अवकलन
      ddx(cosh⁡x)=sinh⁡x

    3. tanh⁡x का अवकलन
      ddx(tanh⁡x)=sech⁡2x

    4. coth⁡x का अवकलन
      ddx(coth⁡x)=−csch⁡2x

    5. sech⁡x का अवकलन
      ddx(sech⁡x)=−sech⁡xtanh⁡x

    6. csch⁡x का अवकलन
      ddx(csch⁡x)=−csch⁡xcoth⁡x

  5. 5.समाकलन (इंटीग्रेशन) सूत्र

    1. मूलभूत सूत्र (Basic Formulas)

    1. ∫1 dx=x+C
      हिन्दी में: 1 का समाकलन x के बराबर होता है।

    2. ∫xn dx=xn+1n+1+C (जहां n≠−1)
      हिन्दी में: x की n-घात का समाकलन xn+1n+1 के बराबर होता है।

    3. ∫ex dx=ex+C
      हिन्दी में: e की x घात का समाकलन ex के बराबर होता है।

    4. ∫ax dx=axln⁡a+C (जहां a>0,a≠1)
      हिन्दी में: a की x घात का समाकलन axln⁡a के बराबर होता है।

    5. ∫1x dx=ln⁡∣x∣+C
      हिन्दी में: x का व्युत्क्रम (1/x) का समाकलन ln⁡∣x∣ के बराबर होता है।


    2. त्रिकोणमितीय सूत्र (Trigonometric Formulas)

    1. ∫sin⁡x dx=−cos⁡x+C
      हिन्दी में: sin⁡x का समाकलन −cos⁡x के बराबर होता है।

    2. ∫cos⁡x dx=sin⁡x+C
      हिन्दी में: cos⁡x का समाकलन sin⁡x के बराबर होता है।

    3. ∫sec⁡2x dx=tan⁡x+C
      हिन्दी में: sec⁡2x का समाकलन tan⁡x के बराबर होता है।

    4. ∫csc⁡2x dx=−cot⁡x+C
      हिन्दी में: csc⁡2x का समाकलन −cot⁡x के बराबर होता है।

    5. ∫sec⁡xtan⁡x dx=sec⁡x+C
      हिन्दी में: sec⁡xtan⁡x का समाकलन sec⁡x के बराबर होता है।

    6. ∫csc⁡xcot⁡x dx=−csc⁡x+C
      हिन्दी में: csc⁡xcot⁡x का समाकलन −csc⁡x के बराबर होता है।


    3. व्युत्क्रम त्रिकोणमितीय सूत्र (Inverse Trigonometric Formulas)

    1. ∫11−x2 dx=sin⁡−1x+C
      हिन्दी में: 11−x2 का समाकलन sin⁡−1x के बराबर होता है।

    2. ∫−11−x2 dx=cos⁡−1x+C
      हिन्दी में: −11−x2 का समाकलन cos⁡−1x के बराबर होता है।

    3. ∫11+x2 dx=tan⁡−1x+C
      हिन्दी में: 11+x2 का समाकलन tan⁡−1x के बराबर होता है।

    4. ∫−11+x2 dx=cot⁡−1x+C
      हिन्दी में: −11+x2 का समाकलन cot⁡−1x के बराबर होता है।

    5. ∫1xx2−1 dx=sec⁡−1∣x∣+C
      हिन्दी में: 1xx2−1 का समाकलन sec⁡−1∣x∣ के बराबर होता है।

    6. ∫−1xx2−1 dx=csc⁡−1∣x∣+C
      हिन्दी में: −1xx2−1 का समाकलन csc⁡−1∣x∣ के बराबर होता है।


    4. घातांकीय और लघुगणकीय सूत्र (Exponential and Logarithmic Formulas)

    1. ∫ex dx=ex+C
      हिन्दी में: ex का समाकलन ex के बराबर होता है।

    2. ∫ln⁡x dx=xln⁡x−x+C
      हिन्दी में: ln⁡x का समाकलन xln⁡x−x के बराबर होता है।

    3. ∫ax dx=axln⁡a+C
      हिन्दी में: ax का समाकलन axln⁡a के बराबर होता है।


    5. विशेष रूप (Special Forms)

    1. ∫1a2+x2 dx=1atan⁡−1xa+C

      हिन्दी में: 1a2+x2 का समाकलन 1atan⁡−1xa के बराबर होता है।

    2. ∫1a2−x2 dx=sin⁡−1xa+C

      हिन्दी में: 1a2−x2 का समाकलन sin⁡−1xa के बराबर होता है।

    3. ∫1xx2−a2 dx=1asec⁡−1∣x∣a+C

      हिन्दी में: 1xx2−a2 का समाकलन 1asec⁡−1∣x∣a के बराबर होता है।


    6. उपस्थान विधि (Substitution Method)

    यदि u=f(x), तब:

    ∫f′(x)g(f(x)) dx=∫g(u) du

    हिन्दी में: यदि u कोई f(x) है, तो उपस्थान विधि का उपयोग करके समाकलन हल कर सकते हैं।


    7. खंड-खंड समाकलन (Integration by Parts)

    ∫uv dx=u∫v dx−∫(dudx∫v dx)dx

    हिन्दी में: u और v के गुणनफल का समाकलन इस सूत्र से निकाला जाता है।

  6. 6.घातांक (Exponent) के नियम

    घातांक (Exponent) के नियम

    1. a0=1

      • व्याख्या: किसी भी गैर-शून्य संख्या को 0 घात में उठाने पर परिणाम हमेशा 1 होता है।

    2. ap⋅aq=ap+q

      • व्याख्या: जब दो समान आधार (base) वाली संख्याओं को गुणा करते हैं, तो उनके घातांकों को जोड़ देते हैं।

    3. (ap)q=ap⋅q

      • व्याख्या: जब किसी घात को फिर से घात में उठाते हैं, तो घातांकों को आपस में गुणा करते हैं।

    4. apaq=ap−q

      • व्याख्या: जब दो समान आधार वाली संख्याओं का भाग करते हैं, तो उनके घातांकों को घटाते हैं।

    5. a−n=1an

      • व्याख्या: ऋणात्मक (negative) घातांक का अर्थ है संख्या का व्युत्क्रम (reciprocal) लेकर उसे सकारात्मक घात में उठाना।

    6. a=a1/2

      • व्याख्या: किसी संख्या के वर्गमूल (square root) को a1/2 के रूप में लिखा जा सकता है।

    7. a3=a1/3

      • व्याख्या: किसी संख्या के घनमूल (cube root) को a1/3 के रूप में लिखा जा सकता है।

    8. an=a1/n

      • व्याख्या: किसी संख्या के n-वें मूल (n-th root) को a1/n के रूप में लिखा जा सकता है।

    9. a1=a

      • व्याख्या: किसी भी संख्या को 1 घात में उठाने पर वही संख्या मिलती है।

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