सीमाएँ और व्युत्पन्न — कक्षा 11 गणित नोट्स
सीमाएँ और व्युत्पन्न · कक्षा 11 गणित · 12 टॉपिक.
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सीमाएँ और व्युत्पन्न में शामिल टॉपिक
1.सीमा और अवकलज का परिचय
संक्षिप्त अवलोकन
सीमा और अवकलज गणित की एक शाखा कैलकुलस के मूलभूत अवधारणाएँ हैं, जो परिवर्तन और संचय की दर से संबंधित हैं।
- सीमा: सीमा हमें यह समझने में मदद करती है कि एक फ़ंक्शन किसी बिंदु के पास कैसे व्यवहार करता है। यह वह मान है जिसे कोई फ़ंक्शन तब प्राप्त करता है जब इनपुट (या चर) किसी मान के करीब आता है।
- अवकलज: अवकलज किसी दिए गए बिंदु पर एक फ़ंक्शन के परिवर्तन की दर को दर्शाता है। यह मूल रूप से उस बिंदु पर फ़ंक्शन की ढलान होती है।
सीमा
एक सीमा को इस प्रकार लिखा जाता है: lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)=𝐿limx→af(x)=L इसका मतलब है कि जैसे-जैसे 𝑥x 𝑎a के करीब आता है, फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)f(x) 𝐿L के करीब आता है।
वास्तविक जीवन से उदाहरण: कल्पना करें कि आप एक कार चला रहे हैं और आप एक स्टॉप साइन के पास आते ही धीमे होने लगते हैं। इस मामले में सीमा आपकी गति होगी जैसे ही आप स्टॉप साइन के करीब पहुँचते हैं। अगर आप सही ढंग से स्टॉप साइन के पास पहुँचते हैं, तो आपकी गति शून्य के करीब होनी चाहिए।
गणितीय उदाहरण: मान लें कि फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=2𝑥−1𝑥−1f(x)=x−12x−1 है। 𝑥x के 1 के करीब पहुँचने पर सीमा खोजने के लिए, हम उस बिंदु के पास फ़ंक्शन के व्यवहार को देखते हैं।
lim𝑥→12𝑥−1𝑥−1limx→1x−12x−1
जैसे ही 𝑥x 1 के करीब आता है, फ़ंक्शन अपरिभाषित हो जाता है क्योंकि हर (denominator) शून्य हो जाता है। हालाँकि, फ़ंक्शन को सरल करके और विश्लेषण करके, हम पा सकते हैं कि सीमा पारंपरिक अर्थों में मौजूद नहीं है, जो उस बिंदु पर एक असंततता (discontinuity) का संकेत देती है।
अवकलज
एक अवकलज को इस प्रकार लिखा जाता है: 𝑓′(𝑥) या 𝑑𝑦𝑑𝑥f′(x) या dxdy इसका मतलब है 𝑦y का 𝑥x के सापेक्ष परिवर्तन की दर।
वास्तविक जीवन से उदाहरण: अपनी कार के स्पीडोमीटर के बारे में सोचें। यह किसी भी समय पर आपकी गति दिखाता है, जो आपके स्थान का समय के सापेक्ष अवकलज होता है।
गणितीय उदाहरण: मान लें कि फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 है। अवकलज खोजने के लिए, हम परिभाषा का उपयोग करते हैं:
𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0𝑓(𝑥+Δ𝑥)−𝑓(𝑥)Δ𝑥f′(x)=limΔx→0Δxf(x+Δx)−f(x)
𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 के लिए:
𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0(𝑥+Δ𝑥)2−𝑥2Δ𝑥f′(x)=limΔx→0Δx(x+Δx)2−x2 𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0𝑥2+2𝑥Δ𝑥+(Δ𝑥)2−𝑥2Δ𝑥f′(x)=limΔx→0Δxx2+2xΔx+(Δx)2−x2 𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→02𝑥Δ𝑥+(Δ𝑥)2Δ𝑥f′(x)=limΔx→0Δx2xΔx+(Δx)2 𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0(2𝑥+Δ𝑥)f′(x)=limΔx→0(2x+Δx) 𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2x
यह दिखाता है कि 𝑥2x2 का अवकलज 2𝑥2x है, जिसका मतलब है कि 𝑥2x2 का 𝑥x के सापेक्ष परिवर्तन की दर 2𝑥2x है।
गतिविधियाँ और समस्याएँ
गतिविधि: फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 को प्लॉट करें और विभिन्न बिंदुओं पर ढलान का दृश्य अनुमान लगाएँ। अपने दृश्य अनुमान की तुलना अवकलज 𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2x से करें।
समस्या: फ़ंक्शन 𝑔(𝑥)=𝑥2−1𝑥−1g(x)=x−1x2−1 की सीमा 𝑥x के 1 के पास पहुँचने पर खोजें।
अनुप्रयोग और करियर
- इंजीनियरिंग: सीमा और अवकलज का उपयोग सिस्टम के डिज़ाइन और विश्लेषण में, परिवर्तनों की भविष्यवाणी करने और प्रदर्शन को अनुकूलित करने में किया जाता है।
- अर्थशास्त्र: सीमांत लागतों और राजस्वों की गणना करने के लिए उपयोग किया जाता है, जो व्यवसायों को सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।
- चिकित्सा: बीमारियों के विकास और उपचार के प्रभावों को समय के साथ मॉडल करने में उपयोग किया जाता है।
2.अवकलज की सहज अवधारणा
संक्षिप्त अवलोकन
एक अवकलज किसी भी दिए गए बिंदु पर एक फ़ंक्शन के परिवर्तन की दर को दर्शाता है। इसे इस तरह समझें कि यह बताता है कि कुछ कितनी तेजी से हो रहा है। सरल शब्दों में, यह हमें एक विशेष बिंदु पर फ़ंक्शन की "गति" या "ढलान" बताता है।
वास्तविक जीवन की तुलना: कार की गति
कल्पना करें कि आप एक कार चला रहे हैं और आप स्पीडोमीटर को देख रहे हैं। स्पीडोमीटर आपको उस सटीक क्षण में कार की गति दिखाता है। यह गति मूल रूप से आपके स्थान का समय के सापेक्ष अवकलज है।
- स्थान: यह बताता है कि आप कहाँ हैं।
- गति: यह बताती है कि आप किसी विशेष क्षण में कितनी तेजी से चल रहे हैं।
यदि आप समय के साथ अपने स्थान को एक ग्राफ पर प्लॉट करते हैं, तो इस ग्राफ पर किसी भी बिंदु पर वक्र की ढलान आपकी उस बिंदु पर गति का प्रतिनिधित्व करती है। जितनी अधिक ढलान, उतनी ही तेजी से आप जा रहे हैं।
एक फ़ंक्शन की ढलान
मान लें कि एक सरल फ़ंक्शन 𝑦=𝑓(𝑥)y=f(x) है। इस फ़ंक्शन का किसी बिंदु 𝑥x पर अवकलज हमें उस बिंदु पर स्पर्शरेखा रेखा (tangent line) की ढलान बताता है।
- स्पर्शरेखा रेखा: एक सीधी रेखा जो वक्र को एक बिंदु पर स्पर्श करती है और उस बिंदु पर वक्र की ढलान के समान ढलान होती है।
- ढलान: यह मापता है कि रेखा कितनी खड़ी है।
गणितीय उदाहरण
मान लें कि फ़ंक्शन 𝑦=𝑥2y=x2 है:
- 𝑥=1x=1 पर, फ़ंक्शन 𝑦=𝑥2y=x2 बन जाता है 𝑦=12=1y=12=1।
- 𝑥=1x=1 पर अवकलज (या स्पर्शरेखा की ढलान) खोजने के लिए, हम अवकलज की परिभाषा का उपयोग करते हैं:𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0𝑓(𝑥+Δ𝑥)−𝑓(𝑥)Δ𝑥f′(x)=limΔxf(x+Δx)−f(x)𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 के लिए:𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0(𝑥+Δ𝑥)2−𝑥2Δ𝑥f′(x)=limΔx(x+Δx)2−x2इसे सरल करते हुए, हमें मिलता है:𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0𝑥2+2𝑥Δ𝑥+(Δ𝑥)2−𝑥2Δ𝑥f′(x)=limΔxx2+2xΔx+(Δx)2−x2𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→02𝑥Δ𝑥+(Δ𝑥)2Δ𝑥f′(x)=limΔx2xΔx+(Δx)2𝑓′(𝑥)=limΔ𝑥→0(2𝑥+Δ𝑥)f′(x)=lim(2x+Δx)𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2xइसलिए, 𝑦=𝑥2y=x2 का अवकलज 𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2x है। 𝑥=1x=1 पर, ढलान 𝑓′(1)=2×1=2f′(1)=2×1=2 है।
अवधारणा का दृश्यावलोकन
अवधारणा को दृश्य रूप से समझने में मदद करने के लिए, 𝑦=𝑥2y=x2 के ग्राफ़ के बारे में सोचें। इस ग्राफ पर किसी भी बिंदु पर, स्पर्शरेखा रेखा की ढलान को अवकलज 𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2x का उपयोग करके पाया जा सकता है।
- जब 𝑥=0x=0, ढलान 0 है (स्पर्शरेखा रेखा सपाट होती है)।
- जब 𝑥>0x>0, ढलान धनात्मक है (स्पर्शरेखा रेखा ऊपर की ओर जाती है)।
- जब 𝑥<0x<0, ढलान ऋणात्मक है (स्पर्शरेखा रेखा नीचे की ओर जाती है)।
गतिविधियाँ और समस्याएँ
गतिविधि: 𝑦=𝑥2y=x2 का ग्राफ बनाएं। विभिन्न बिंदुओं (जैसे, 𝑥=−2,−1,0,1,2x=−2,−1,0,1,2) पर स्पर्शरेखा रेखाएँ बनाएं और उनके ढलान को अवकलज 𝑓′(𝑥)=2𝑥f′(x)=2x का उपयोग करके गणना करें।
समस्या: फ़ंक्शन 𝑦=3𝑥3y=3x3 के लिए अवकलज खोजें और 𝑥=1x=1 और 𝑥=−1x=−1 पर ढलान की गणना करें।
अनुप्रयोग और करियर
- भौतिकी: गति, वेग और त्वरण को समझना।
- अर्थशास्त्र: लागत कार्यों और सीमांत दरों का विश्लेषण करना।
- इंजीनियरिंग: परिवर्तित होने वाली दरों के साथ सिस्टम डिजाइन करना, जैसे कि गति और दबाव।
3.सीमा
संक्षिप्त अवलोकन
सीमा हमें यह समझने में मदद करती है कि एक फ़ंक्शन किसी बिंदु के पास कैसे व्यवहार करता है। यह वह मान है जिसे कोई फ़ंक्शन तब प्राप्त करता है जब इनपुट (या चर) किसी मान के करीब आता है।
सीमा की अवधारणा
जब हम सीमाओं के बारे में बात करते हैं, तो हम यह देखते हैं कि 𝑓(𝑥)f(x) फ़ंक्शन का क्या होता है जब 𝑥x एक निश्चित मान 𝑎a के बहुत करीब होता है। 𝑥x के 𝑎a के करीब आने पर 𝑓(𝑥)f(x) की सीमा इस प्रकार लिखी जाती है:
lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)=𝐿limx→af(x)=L
इसका मतलब है कि जैसे-जैसे 𝑥x 𝑎a के करीब आता है, 𝑓(𝑥)f(x) 𝐿L के करीब आता है।
वास्तविक जीवन की तुलना: स्टॉप साइन के पास पहुंचना
कल्पना करें कि आप एक कार चला रहे हैं और आप एक स्टॉप साइन के पास पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे आप स्टॉप साइन के करीब आते हैं, आप धीमे हो जाते हैं। आपकी गति घटती जाती है जैसे-जैसे स्टॉप साइन के पास का दूरी घटती है। इस मामले में सीमा आपकी गति होगी जब आप स्टॉप साइन के बहुत करीब पहुंचते हैं, आदर्श रूप से शून्य तक पहुंचते हैं जब आप रुकते हैं।
गणितीय उदाहरण
उदाहरण 1: सरल बहुपद फ़ंक्शन
मान लें कि फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=2𝑥+3f(x)=2x+3 है। हमें 𝑥x के 2 के पास पहुंचने पर सीमा खोजनी है।
lim𝑥→2(2𝑥+3)limx→2(2x+3)
इसे खोजने के लिए, हम सीधे 𝑥=2x=2 को फ़ंक्शन में प्रतिस्थापित कर सकते हैं:
𝑓(2)=2(2)+3=4+3=7f(2)=2(2)+3=4+3=7
इसलिए,
lim𝑥→2(2𝑥+3)=7limx→2(2x+3)=7
उदाहरण 2: एक छेद वाला फ़ंक्शन
मान लें कि फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=𝑥2−1𝑥−1f(x)=x−1x2−1 है। हमें 𝑥x के 1 के पास पहुंचने पर सीमा खोजनी है।
पहले, हम गुणांक को सरल करते हैं:
𝑓(𝑥)=(𝑥−1)(𝑥+1)𝑥−1f(x)=x−1(x−1)(x+1)
जब 𝑥≠1x=1, तो हम इसे सरल कर सकते हैं:
𝑓(𝑥)=𝑥+1f(x)=x+1
अब, हम सीमा को 𝑥=1x=1 को प्रतिस्थापित करके पा सकते हैं:
lim𝑥→1(𝑥+1)=1+1=2limx→1(x+1)=1+1=2
इसलिए,
lim𝑥→1𝑥2−1𝑥−1=2limx→1x−1x2−1=2
सीमा का दृश्यावलोकन
सीमाओं को दृश्य रूप से समझने के लिए, एक फ़ंक्शन का ग्राफ़ देखें। जैसे-जैसे आप x-अक्ष पर किसी विशेष बिंदु की ओर बढ़ते हैं, y-मूल्य (या फ़ंक्शन मूल्य) एक विशिष्ट संख्या के करीब और करीब आता जाता है। यह संख्या सीमा है।
गतिविधियाँ और समस्याएँ
गतिविधि: फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)=𝑥2−1𝑥−1f(x)=x−1x2−1 का ग्राफ़ बनाएं और 𝑥x के 1 के पास पहुंचने पर व्यवहार का अवलोकन करें।
समस्या: 𝑔(𝑥)=𝑥2−4𝑥−2g(x)=x−2x2−4 की सीमा 𝑥x के 2 के पास पहुंचने पर खोजें।
अनुप्रयोग और करियर
- इंजीनियरिंग: सीमाओं का उपयोग सिस्टम के विश्लेषण और उनके व्यवहार की भविष्यवाणी करने में किया जाता है।
- अर्थशास्त्र: आर्थिक कार्यों के रुझानों और सीमाओं की गणना और भविष्यवाणी करने में उपयोग किया जाता है।
- कंप्यूटर विज्ञान: सीमाएं निरंतर डेटा और अनुमान वाले एल्गोरिदम में मौलिक होती हैं।
4.सीमाओं का बीजगणित
सीमाओं का बीजगणित कुछ मौलिक गुणों और प्रमेयों पर आधारित होता है जो सीमाओं का मूल्यांकन आसान बनाते हैं। ये नियम जटिल अभिव्यक्तियों को सरल भागों में विभाजित करके सीमाओं का पता लगाने में मदद करते हैं।
सीमाओं के प्रमेय
योग की सीमा:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)+𝑔(𝑥)]=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)+lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)lim[f(x)+g(x)]=limf(x)+limg(x)घटाव की सीमा:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)−𝑔(𝑥)]=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)−lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)lim[f(x)−g(x)]=limf(x)−limg(x)गुणन की सीमा:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)⋅𝑔(𝑥)]=(lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥))⋅(lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥))lim[f(x)⋅g(x)]=(x→alimf(x))⋅(x→alimg(x))भाग की सीमा:
lim𝑥→𝑎(𝑓(𝑥)𝑔(𝑥))=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥),जबकि lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)≠0lim(g(x)f(x))=limx→ag(x)limx→af(x),जबकि limg(x)=0स्थिरांक की सीमा:
lim𝑥→𝑎𝑐=𝑐,जहां 𝑐 एक स्थिरांक हैlimc=c,जहां c एक स्थिरांक हैघात की सीमा:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)]𝑛=(lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥))𝑛lim[f(x)]n=(x→alimf(x))nमूल की सीमा:
lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)𝑛=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)𝑛,जबकि सीमा मौजूद होlimnf(x)=nx→alimf(x),जबकि सीमा मौजूद हो
उदाहरण के साथ विस्तृत व्याख्या
1. योग की सीमा
यदि हमारे पास दो फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) हैं, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर उनके योग की सीमा उनके व्यक्तिगत सीमाओं का योग होता है।
उदाहरण: lim𝑥→2(3𝑥+2+2𝑥2)=lim𝑥→2(3𝑥+2)+lim𝑥→2(2𝑥2)limx→2(3x+2+2x2)=limx→2(3x+2)+limx→2(2x2)
प्रत्येक सीमा की व्यक्तिगत रूप से गणना करें: lim𝑥→2(3𝑥+2)=3(2)+2=6+2=8limx→2(3x+2)=3(2)+2=6+2=8 lim𝑥→2(2𝑥2)=2(22)=2⋅4=8limx→2(2x2)=2(22)=2⋅4=8
तो, lim𝑥→2(3𝑥+2+2𝑥2)=8+8=16limx→2(3x+2+2x2)=8+8=16
2. घटाव की सीमा
यदि हमारे पास दो फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) हैं, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर उनके घटाव की सीमा उनके व्यक्तिगत सीमाओं का घटाव होता है।
उदाहरण: lim𝑥→3(𝑥2−4𝑥)=lim𝑥→3(𝑥2)−lim𝑥→3(4𝑥)limx→3(x2−4x)=limx→3(x2)−limx→3(4x)
प्रत्येक सीमा की व्यक्तिगत रूप से गणना करें: lim𝑥→3(𝑥2)=32=9limx→3(x2)=32=9 lim𝑥→3(4𝑥)=4(3)=12limx→3(4x)=4(3)=12
तो, lim𝑥→3(𝑥2−4𝑥)=9−12=−3limx→3(x2−4x)=9−12=−3
3. गुणन की सीमा
यदि हमारे पास दो फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) हैं, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर उनके गुणन की सीमा उनके व्यक्तिगत सीमाओं का गुणन होता है।
उदाहरण: lim𝑥→1(𝑥⋅(𝑥+1))=lim𝑥→1𝑥⋅lim𝑥→1(𝑥+1)limx→1(x⋅(x+1))=limx→1x⋅limx→1(x+1)
प्रत्येक सीमा की व्यक्तिगत रूप से गणना करें: lim𝑥→1𝑥=1limx→1x=1 lim𝑥→1(𝑥+1)=1+1=2limx→1(x+1)=1+1=2
तो, lim𝑥→1(𝑥⋅(𝑥+1))=1⋅2=2limx→1(x⋅(x+1))=1⋅2=2
4. भाग की सीमा
यदि हमारे पास दो फ़ंक्शन 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) हैं, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर उनके भाग की सीमा उनके व्यक्तिगत सीमाओं का भाग होता है, जबकि हर का सीमा शून्य न हो।
उदाहरण: lim𝑥→2(𝑥2−4𝑥−2)limx→2(x−2x2−4)
पहले, हम फ़ंक्शन को सरल बनाते हैं:
𝑥2−4𝑥−2=(𝑥−2)(𝑥+2)𝑥−2=𝑥+2,𝑥≠2x−2x2−4=x−2(x−2)(x+2)=x+2,x=2
तो, हम सरल फ़ंक्शन की सीमा पाते हैं:
lim𝑥→2(𝑥+2)=2+2=4limx→2(x+2)=2+2=4
इसलिए, lim𝑥→2(𝑥2−4𝑥−2)=4limx→2(x−2x2−4)=4
5. स्थिरांक की सीमा
स्थिरांक फ़ंक्शन की सीमा बस स्वयं स्थिरांक होती है।
उदाहरण: lim𝑥→57=7limx→57=7
6. घात की सीमा
यदि 𝑓(𝑥)f(x) एक फ़ंक्शन है और 𝑛n एक धनात्मक पूर्णांक है, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर 𝑓(𝑥)f(x) के घात की सीमा 𝑓(𝑥)f(x) की सीमा के घात के बराबर होती है।
उदाहरण: lim𝑥→2(3𝑥)2=(lim𝑥→23𝑥)2limx→2(3x)2=(limx→23x)2
अंदर की सीमा की गणना करें: lim𝑥→23𝑥=3⋅2=6limx→23x=3⋅2=6
तो, (lim𝑥→23𝑥)2=62=36(limx→23x)2=62=36
7. मूल की सीमा
यदि 𝑓(𝑥)f(x) एक फ़ंक्शन है और 𝑛n एक धनात्मक पूर्णांक है, तो 𝑥x के 𝑎a के निकट आने पर 𝑓(𝑥)f(x) के 𝑛nवां मूल की सीमा 𝑓(𝑥)f(x) की सीमा के 𝑛nवें मूल के बराबर होती है, जबकि सीमा मौजूद हो।
उदाहरण: lim𝑥→9𝑥=lim𝑥→9𝑥limx→9x=limx→9x
अंदर की सीमा की गणना करें: lim𝑥→9𝑥=9limx→9x=9
तो, lim𝑥→9𝑥=9=3limx→9x=9=3
5.बहुपद और परिमेय फलनों की सीमाएँ
किसी भी बहुपद फ़ंक्शन 𝑃(𝑥)P(x) के लिए, 𝑥x के किसी भी नियत मान 𝑎a के पास पहुँचने पर सीमा बस उस बहुपद का 𝑎a पर मान होती है। यह इसलिए क्योंकि बहुपद सतत फलन होते हैं।
प्रमेय: बहुपद की सीमा
यदि 𝑃(𝑥)P(x) एक बहुपद है, तो: lim𝑥→𝑎𝑃(𝑥)=𝑃(𝑎)limx→aP(x)=P(a)
उदाहरण: मान लें कि बहुपद 𝑃(𝑥)=3𝑥3−2𝑥2+𝑥−5P(x)=3x3−2x2+x−5 है। 𝑥x के 2 के पास पहुँचने पर सीमा खोजने के लिए: lim𝑥→2(3𝑥3−2𝑥2+𝑥−5)=3(2)3−2(2)2+2−5limx→2(3x3−2x2+x−5)=3(2)3−2(2)2+2−5 =3(8)−2(4)+2−5=3(8)−2(4)+2−5 =24−8+2−5=24−8+2−5 =13=13
परिमेय फलनों की सीमाएँ
परिमेय फलन बहुपदों के अनुपात होते हैं। यदि 𝑅(𝑥)=𝑃(𝑥)𝑄(𝑥)R(x)=Q(x)P(x), जहां 𝑃(𝑥)P(x) और 𝑄(𝑥)Q(x) दोनों बहुपद हैं, तो 𝑥x के 𝑎a के पास पहुँचने पर सीमा इस पर निर्भर करती है कि 𝑄(𝑎)Q(a) शून्य है या नहीं।
प्रमेय: परिमेय फलन की सीमा
यदि 𝑅(𝑥)=𝑃(𝑥)𝑄(𝑥)R(x)=Q(x)P(x), तो: lim𝑥→𝑎𝑅(𝑥)=𝑃(𝑎)𝑄(𝑎),जबकि 𝑄(𝑎)≠0limx→aR(x)=Q(a)P(a),जबकि Q(a)=0
उदाहरण: मान लें कि परिमेय फलन 𝑅(𝑥)=2𝑥2+3𝑥−1𝑥2−4R(x)=x2−42x2+3x−1 है। 𝑥x के 3 के पास पहुँचने पर सीमा खोजने के लिए: lim𝑥→32𝑥2+3𝑥−1𝑥2−4=2(3)2+3(3)−1(3)2−4limx→3x2−42x2+3x−1=(3)2−42(3)2+3(3)−1 =2(9)+9−19−4=9−42(9)+9−1 =18+9−15=518+9−1 =265=526
विशेष स्थिति: अनिर्धारित रूप 0000
जब 𝑃(𝑎)P(a) और 𝑄(𝑎)Q(a) दोनों शून्य होते हैं, तो हमें 0000 का अनिर्धारित रूप मिलता है। ऐसे मामलों में, हमें अभिव्यक्ति को सरल करना होता है, अक्सर गुणनखंड करके या बीजगणितीय हेरफेर का उपयोग करके, ताकि सीमा का समाधान हो सके।
उदाहरण: मान लें 𝑅(𝑥)=𝑥2−1𝑥−1R(x)=x−1x2−1 है। 𝑥x के 1 के पास पहुँचने पर सीमा खोजने के लिए: lim𝑥→1𝑥2−1𝑥−1limx→1x−1x2−1 गुणांकों को सरल करें: 𝑥2−1𝑥−1=(𝑥−1)(𝑥+1)𝑥−1x−1x2−1=x−1(x−1)(x+1) यदि 𝑥≠1x=1, तो यह सरल हो जाता है: 𝑥+1x+1 अब, हम 𝑥=1x=1 को प्रतिस्थापित करके सीमा पा सकते हैं: lim𝑥→1(𝑥+1)=1+1=2limx→1(x+1)=1+1=2
सीमाओं के प्रमुख प्रमेय
योग नियम:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)+𝑔(𝑥)]=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)+lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)lim[f(x)+g(x)]=limf(x)+limg(x)घटाव नियम:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)−𝑔(𝑥)]=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)−lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)lim[f(x)−g(x)]=limf(x)−limg(x)गुणन नियम:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)⋅𝑔(𝑥)]=(lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥))⋅(lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥))lim[f(x)⋅g(x)]=(x→alimf(x))⋅(x→alimg(x))भाग नियम:
lim𝑥→𝑎(𝑓(𝑥)𝑔(𝑥))=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥),जबकि lim𝑥→𝑎𝑔(𝑥)≠0lim(g(x)f(x))=limx→ag(x)limx→af(x),जबकि limg(x)=0घात नियम:
lim𝑥→𝑎[𝑓(𝑥)]𝑛=(lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥))𝑛lim[f(x)]n=(x→alimf(x))nमूल नियम:
lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)𝑛=lim𝑥→𝑎𝑓(𝑥)𝑛,जबकि सीमा मौजूद होlimnf(x)=nx→alimf(x),जबकि सीमा मौजूद हो
6.त्रिकोणमितीय फलनों की सीमाएँ
- त्रिकोणमितीय फ़ंक्शन अक्सर कैलकुलस समस्याओं में दिखाई देते हैं, और उनकी सीमाओं को समझना महत्वपूर्ण है। यहां त्रिकोणमितीय कार्यों की सीमा से संबंधित कुछ प्रमुख प्रमेय और नियम दिए गए हैं।
प्रमुख प्रमेय
sin(𝑥)sin(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है:
lim𝑥→0sin(𝑥)=0limsin(x)=0cos(𝑥)cos(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है:
lim𝑥→0cos(𝑥)=1limcos(x)=1tan(𝑥)tan(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है:
lim𝑥→0tan(𝑥)=0limtan(x)=0sin(𝑥)𝑥xsin(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है:
lim𝑥→0sin(𝑥)𝑥=1limxsin(x)=11−cos(𝑥)𝑥x1−cos(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है:
lim𝑥→01−cos(𝑥)𝑥=0limx1−cos(x)=0
उदाहरण के साथ विस्तृत व्याख्या
1. sin(𝑥)sin(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है
साइन फलन sin(𝑥)sin(x) हर जगह सतत होता है, जिसमें 0 भी शामिल है। अतः: lim𝑥→0sin(𝑥)=sin(0)=0limx→0sin(x)=sin(0)=0
2. cos(𝑥)cos(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है
कोसाइन फलन cos(𝑥)cos(x) भी हर जगह सतत होता है, जिसमें 0 भी शामिल है। अतः: lim𝑥→0cos(𝑥)=cos(0)=1limx→0cos(x)=cos(0)=1
3. tan(𝑥)tan(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है
टेंजेंट फलन tan(𝑥)=sin(𝑥)cos(𝑥)tan(x)=cos(x)sin(x) है। क्योंकि sin(𝑥)sin(x) और cos(𝑥)cos(x) दोनों 0 पर सतत हैं, और cos(0)=1≠0cos(0)=1=0, अतः: lim𝑥→0tan(𝑥)=lim𝑥→0sin(𝑥)lim𝑥→0cos(𝑥)=01=0limx→0tan(x)=limx→0cos(x)limx→0sin(x)=10=0
4. sin(𝑥)𝑥xsin(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है
यह कैलकुलस में एक मौलिक सीमा है, जिसे अक्सर स्क्वीज़ प्रमेय या लोपिटल के नियम का उपयोग करके सिद्ध किया जाता है। परिणाम है: lim𝑥→0sin(𝑥)𝑥=1limx→0xsin(x)=1
स्क्वीज़ प्रमेय का उपयोग करके प्रमाण: असमानता पर विचार करें: cos(𝑥)≤sin(𝑥)𝑥≤1 जब 𝑥>0cos(x)≤xsin(x)≤1 जब x>0 जैसे ही 𝑥x 0 के पास पहुँचता है, और जानते हुए कि cos(0)=1cos(0)=1, हमें मिलता है: 1≤lim𝑥→0sin(𝑥)𝑥≤11≤limx→0xsin(x)≤1 अतः, lim𝑥→0sin(𝑥)𝑥=1limx→0xsin(x)=1
5. 1−cos(𝑥)𝑥x1−cos(x) की सीमा जब 𝑥x शून्य के पास पहुँचता है
इस सीमा को एक त्रिकोणमितीय पहचान और लोपिटल के नियम का उपयोग करके पाया जा सकता है। परिणाम है: lim𝑥→01−cos(𝑥)𝑥=0limx→0x1−cos(x)=0
लोपिटल के नियम का उपयोग करके प्रमाण: सीमा को लोपिटल के नियम के लिए उपयुक्त रूप में पुनर्लेखन करें: lim𝑥→01−cos(𝑥)𝑥=lim𝑥→000limx→0x1−cos(x)=limx→000 लोपिटल के नियम को लागू करते हुए: lim𝑥→01−cos(𝑥)𝑥=lim𝑥→0sin(𝑥)1=sin(0)=0limx→0x1−cos(x)=limx→01sin(x)=sin(0)=0
- त्रिकोणमितीय फ़ंक्शन अक्सर कैलकुलस समस्याओं में दिखाई देते हैं, और उनकी सीमाओं को समझना महत्वपूर्ण है। यहां त्रिकोणमितीय कार्यों की सीमा से संबंधित कुछ प्रमुख प्रमेय और नियम दिए गए हैं।
7.व्यायाम प्रश्न
1. lim𝑥→3(𝑥+3)limx→3(x+3)
यह एक सरल बहुपद फ़ंक्शन है। lim𝑥→3(𝑥+3)=3+3=6limx→3(x+3)=3+3=6
2. lim𝑥→1(𝑥−227)limx→1(x−722)
यह भी एक सरल बहुपद फ़ंक्शन है। lim𝑥→1(𝑥−227)=1−227=1−3.142857=−2.142857limx→1(x−722)=1−722=1−3.142857=−2.142857
3. lim𝑥→1𝜋𝑥2limx→1πx2
lim𝑥→1𝜋𝑥2=𝜋(1)2=𝜋limx→1πx2=π(1)2=π
4. lim𝑥→44𝑥+3𝑥−2limx→4x−24x+3
lim𝑥→44𝑥+3𝑥−2=4(4)+34−2=16+32=192=9.5limx→4x−24x+3=4−24(4)+3=216+3=219=9.5
5. lim𝑥→1𝑥10+𝑥5+1𝑥limx→1xx10+x5+1
lim𝑥→1𝑥10+𝑥5+1𝑥=(1)10+(1)5+11=1+1+11=3limx→1xx10+x5+1=1(1)10+(1)5+1=11+1+1=3
6. lim𝑥→0(𝑥+1)5−1𝑥limx→0x(x+1)5−1
यह 0000 का अनिर्धारित रूप है। हम L'Hôpital के नियम का उपयोग कर सकते हैं: lim𝑥→0(𝑥+1)5−1𝑥=lim𝑥→05(𝑥+1)41=5(1)4=5limx→0x(x+1)5−1=limx→015(x+1)4=5(1)4=5
7. lim𝑥→23𝑥2−𝑥−10𝑥2−4limx→2x2−43x2−x−10
अंश और हर को गुणनखंड में तोड़ें: 3𝑥2−𝑥−10=(3𝑥+5)(𝑥−2)3x2−x−10=(3x+5)(x−2) 𝑥2−4=(𝑥−2)(𝑥+2)x2−4=(x−2)(x+2) lim𝑥→2(3𝑥+5)(𝑥−2)(𝑥−2)(𝑥+2)=lim𝑥→23𝑥+5𝑥+2=3(2)+52+2=6+54=114=2.75limx→2(x−2)(x+2)(3x+5)(x−2)=limx→2x+23x+5=2+23(2)+5=46+5=411=2.75
8. lim𝑥→3𝑥4−812𝑥2−5𝑥−3limx→32x2−5x−3x4−81
अंश और हर को गुणनखंड में तोड़ें: 𝑥4−81=(𝑥2−9)(𝑥2+9)=(𝑥−3)(𝑥+3)(𝑥2+9)x4−81=(x2−9)(x2+9)=(x−3)(x+3)(x2+9) 2𝑥2−5𝑥−3=(2𝑥+1)(𝑥−3)2x2−5x−3=(2x+1)(x−3) lim𝑥→3(𝑥−3)(𝑥+3)(𝑥2+9)(2𝑥+1)(𝑥−3)=lim𝑥→3(𝑥+3)(𝑥2+9)2𝑥+1=(3+3)(32+9)2(3)+1=6(9+9)6+1=6⋅187=1087≈15.428571limx→3(2x+1)(x−3)(x−3)(x+3)(x2+9)=limx→32x+1(x+3)(x2+9)=2(3)+1(3+3)(32+9)=6+16(9+9)=76⋅18=7108≈15.428571
9. lim𝑥→0𝑎𝑥+𝑏𝑐𝑥+1limx→0cx+1ax+b
𝑥=0x=0 को प्रतिस्थापित करें: lim𝑥→0𝑎𝑥+𝑏𝑐𝑥+1=𝑎(0)+𝑏𝑐(0)+1=𝑏1=𝑏limx→0cx+1ax+b=c(0)+1a(0)+b=1b=b
प्रश्न 10
दिया गया है:
lim𝑥→1𝑓(𝑥)−2𝑥2−1=𝜋limx2−1f(x)−2=πहमें lim𝑥→1𝑓(𝑥)limx→1f(x) का मान निकालना है।
दी गई सीमा का उपयोग करते हैं:
lim𝑥→1𝑓(𝑥)−2𝑥2−1=𝜋limx2−1f(x)−2=πहम जानते हैं कि 𝑥2−1x2−1 को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
𝑥2−1=(𝑥−1)(𝑥+1)x2−1=(x−1)(x+1)तो दी गई सीमा बन जाती है:
lim𝑥→1𝑓(𝑥)−2(𝑥−1)(𝑥+1)=𝜋lim(x−1)(x+1)f(x)−2=πजैसे ही 𝑥x 1 के पास पहुँचता है, हम इसको L'Hôpital के नियम का उपयोग करके सरलीकृत कर सकते हैं। अंश 𝑓(𝑥)−2f(x)−2 को 𝑥x 1 के पास जाने पर शून्य के पास पहुँचना चाहिए ताकि सीमा का मान सीमित रहे। अतः:
𝑓(1)−2=0 ⟹ 𝑓(1)=2f(1)−2=0⟹f(1)=2इस प्रकार, lim𝑥→1𝑓(𝑥)=2limx→1f(x)=2।
प्रश्न 11
दिया गया है:
𝑓(𝑥)={𝑚𝑥2+𝑛,𝑥<0𝑛𝑥+𝑚,0≤𝑥≤1𝑛𝑥3+𝑚,𝑥>1f(x)=⎩⎨⎧mx2+n,nx+m,nx3+m,x<00≤x≤1x>1हमें वे पूर्णांक 𝑚m और 𝑛n खोजने हैं ताकि दोनों lim𝑥→0𝑓(𝑥)limx→0f(x) और lim𝑥→1𝑓(𝑥)limx→1f(x) अस्तित्व में हों।
lim𝑥→0𝑓(𝑥)limx→0f(x) के अस्तित्व के लिए:
जैसे ही 𝑥→0−x→0− और 𝑥→0+x→0+, बाएँ और दाएँ सीमा समान होनी चाहिए:
lim𝑥→0−𝑓(𝑥)=lim𝑥→0+𝑓(𝑥)limf(x)=limf(x)𝑥<0x<0 के लिए, 𝑓(𝑥)=𝑚𝑥2+𝑛f(x)=mx2+n। अतः:
lim𝑥→0−𝑓(𝑥)=𝑚(0)2+𝑛=𝑛limf(x)=m(0)2+n=n0≤𝑥≤10≤x≤1 के लिए, 𝑓(𝑥)=𝑛𝑥+𝑚f(x)=nx+m। अतः:
lim𝑥→0+𝑓(𝑥)=𝑛(0)+𝑚=𝑚limf(x)=n(0)+m=mसीमा के अस्तित्व के लिए 𝑥=0x=0 पर:
𝑛=𝑚n=mlim𝑥→1𝑓(𝑥)limx→1f(x) के अस्तित्व के लिए:
जैसे ही 𝑥→1−x→1− और 𝑥→1+x→1+, बाएँ और दाएँ सीमा समान होनी चाहिए:
lim𝑥→1−𝑓(𝑥)=lim𝑥→1+𝑓(𝑥)limf(x)=limf(x)0≤𝑥≤10≤x≤1 के लिए, 𝑓(𝑥)=𝑛𝑥+𝑚f(x)=nx+m। अतः:
lim𝑥→1−𝑓(𝑥)=𝑛(1)+𝑚=𝑛+𝑚limf(x)=n(1)+m=n+m𝑥>1x>1 के लिए, 𝑓(𝑥)=𝑛𝑥3+𝑚f(x)=nx3+m। अतः:
lim𝑥→1+𝑓(𝑥)=𝑛(1)3+𝑚=𝑛+𝑚limf(x)=n(1)3+m=n+mसीमा के अस्तित्व के लिए 𝑥=1x=1 पर:
𝑛+𝑚=𝑛+𝑚n+m=n+mइसलिए, 𝑛=𝑚n=m की स्थिति पर्याप्त है दोनों सीमाओं के अस्तित्व के लिए।
8.डेरिवेटिव्स: परिभाषाएँ और मुख्य अवधारणाएँ
1. अवकलज की परिभाषा
अवकलज किसी बिंदु पर किसी फलन के मान के परिवर्तन की दर को मापता है। यह किसी भी बिंदु पर फलन की ढलान या दर को दर्शाता है।
गणितीय रूप से, 𝑓(𝑥)f(x) का 𝑥=𝑎x=a पर अवकलज इस प्रकार परिभाषित किया जाता है: 𝑓′(𝑎)=limℎ→0𝑓(𝑎+ℎ)−𝑓(𝑎)ℎf′(a)=limh→0hf(a+h)−f(a)
2. ज्यामितीय व्याख्या
किसी बिंदु पर अवकलज उस बिंदु पर फलन की स्पर्शरेखा की ढलान होती है। यदि आप ग्राफ पर 𝑓(𝑥)f(x) को प्लॉट करते हैं, तो 𝑥=𝑎x=a पर अवकलज आपको उस रेखा की ढलान बताता है जो वक्र को उस बिंदु पर स्पर्श करती है।
3. संकेत
अवकलज के लिए कई संकेत होते हैं, जैसे:
- 𝑓′(𝑥)f′(x)
- 𝑑𝑓𝑑𝑥dxdf
- 𝐷𝑓(𝑥)Df(x)
- 𝑦′y′ यदि 𝑦=𝑓(𝑥)y=f(x)
4. अवकलज के मूल नियम
अवकलज निकालने के कुछ मौलिक नियम यहां दिए गए हैं:
a. स्थिरांक नियम
किसी स्थिरांक फलन का अवकलज शून्य होता है। 𝑑𝑑𝑥(𝑐)=0dxd(c)=0
b. घात नियम
किसी भी वास्तविक संख्या 𝑛n के लिए: 𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛)=𝑛𝑥𝑛−1dxd(xn)=nxn−1
c. योग/अंतर नियम
किसी योग/अंतर का अवकलज उनके अवकलजों का योग/अंतर होता है। 𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)±𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)±𝑔′(𝑥)dxd[f(x)±g(x)]=f′(x)±g′(x)
d. गुणन नियम
दो फलनों के गुणन का अवकलज इस प्रकार दिया जाता है: 𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)𝑔(𝑥)+𝑓(𝑥)𝑔′(𝑥)dxd[f(x)g(x)]=f′(x)g(x)+f(x)g′(x)
e. भागफल नियम
दो फलनों के भागफल का अवकलज इस प्रकार दिया जाता है: 𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)𝑔(𝑥)−𝑓(𝑥)𝑔′(𝑥)[𝑔(𝑥)]2dxd[g(x)f(x)]=[g(x)]2f′(x)g(x)−f(x)g′(x)
f. श्रृंखला नियम
समवाय फलन का अवकलज इस प्रकार दिया जाता है: 𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑔(𝑥))]=𝑓′(𝑔(𝑥))𝑔′(𝑥)dxd[f(g(x))]=f′(g(x))g′(x)
5. उच्च-क्रम अवकलज
द्वितीय अवकलज, जिसे 𝑓′′(𝑥)f′′(x) या 𝑑2𝑓𝑑𝑥2dx2d2f के रूप में लिखा जाता है, परिवर्तन की दर की दर को मापता है, अर्थात, फलन की वक्रता। इसी प्रकार, उच्च-क्रम अवकलज क्रमिक रूप से निकाले जा सकते हैं।
उदाहरण
एक बहुपद का अवकलज: 𝑓(𝑥)=3𝑥2+5𝑥−7f(x)=3x2+5x−7 के लिए: 𝑓′(𝑥)=6𝑥+5f′(x)=6x+5
गुणन नियम का उपयोग: 𝑓(𝑥)=𝑥2sin(𝑥)f(x)=x2sin(x) के लिए: 𝑓′(𝑥)=2𝑥sin(𝑥)+𝑥2cos(𝑥)f′(x)=2xsin(x)+x2cos(x)
श्रृंखला नियम का उपयोग: 𝑓(𝑥)=(3𝑥2+2)4f(x)=(3x2+2)4 के लिए: मान लें कि 𝑢=3𝑥2+2u=3x2+2, तो 𝑓(𝑥)=𝑢4f(x)=u4. 𝑑𝑑𝑥(𝑢4)=4𝑢3⋅𝑑𝑢𝑑𝑥=4(3𝑥2+2)3⋅6𝑥=24𝑥(3𝑥2+2)3dxd(u4)=4u3⋅dxdu=4(3x2+2)3⋅6x=24x(3x2+2)3
अवकलज के अनुप्रयोग
- स्पर्शरेखाएँ और लम्बरेखाएँ खोजना: अवकलज का उपयोग वक्रों पर स्पर्शरेखाओं और लम्बरेखाओं के समीकरण खोजने में किया जाता है।
- संकलन: अवकलज का उपयोग स्थानीय अधिकतम और न्यूनतम बिंदुओं को खोजने में किया जाता है, जो अनुकूलन समस्याओं में महत्वपूर्ण है।
- गति: भौतिकी में, अवकलज वस्तुओं की गति और त्वरण का वर्णन करते हैं।
- अर्थशास्त्र: अवकलज का उपयोग सीमांत लागत और सीमांत राजस्व कार्यों को खोजने में किया जाता है।
9.फंक्शन्स के डेरिवेटिव का बीजगणित : थियोरम
फंक्शन्स के डेरिवेटिव का बीजगणित उन नियमों को शामिल करता है जिनका उपयोग फंक्शन्स के बीजीय संयोजनों के डेरिवेटिव को खोजने के लिए किया जाता है। ये नियम सरल फंक्शन्स के डेरिवेटिव का उपयोग करके अधिक जटिल फंक्शन्स के डेरिवेटिव की गणना को आसान बनाते हैं। मुख्य नियमों में जोड़ नियम, घटाव नियम, गुणा नियम और भाग नियम शामिल हैं।
1. जोड़ नियम (Sum Rule)
विधान: यदि 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) दोनों ही अवकलनीय फंक्शन्स हैं, तो उनके जोड़ का डेरिवेटिव उनके डेरिवेटिव का जोड़ होता है।
सूत्र:
𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)+𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)+𝑔′(𝑥)dxd[f(x)+g(x)]=f′(x)+g′(x)उदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 और 𝑔(𝑥)=sin(𝑥)g(x)=sin(x), तो:
𝑑𝑑𝑥[𝑥2+sin(𝑥)]=𝑑𝑑𝑥[𝑥2]+𝑑𝑑𝑥[sin(𝑥)]=2𝑥+cos(𝑥)dxd[x2+sin(x)]=dxd[x2]+dxd[sin(x)]=2x+cos(x)2. घटाव नियम (Difference Rule)
विधान: यदि 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) दोनों ही अवकलनीय फंक्शन्स हैं, तो उनके घटाव का डेरिवेटिव उनके डेरिवेटिव का घटाव होता है।
सूत्र:
𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)−𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)−𝑔′(𝑥)dxd[f(x)−g(x)]=f′(x)−g′(x)उदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 और 𝑔(𝑥)=sin(𝑥)g(x)=sin(x), तो:
𝑑𝑑𝑥[𝑥2−sin(𝑥)]=𝑑𝑑𝑥[𝑥2]−𝑑𝑑𝑥[sin(𝑥)]=2𝑥−cos(𝑥)dxd[x2−sin(x)]=dxd[x2]−dxd[sin(x)]=2x−cos(x)3. गुणा नियम (Product Rule)
विधान: यदि 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) दोनों ही अवकलनीय फंक्शन्स हैं, तो उनके गुणा का डेरिवेटिव इस प्रकार दिया जाता है:
सूत्र:
𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)⋅𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)𝑔(𝑥)+𝑓(𝑥)𝑔′(𝑥)dxd[f(x)⋅g(x)]=f′(x)g(x)+f(x)g′(x)उदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 और 𝑔(𝑥)=sin(𝑥)g(x)=sin(x), तो:
𝑑𝑑𝑥[𝑥2sin(𝑥)]=𝑑𝑑𝑥[𝑥2]⋅sin(𝑥)+𝑥2⋅𝑑𝑑𝑥[sin(𝑥)]=2𝑥sin(𝑥)+𝑥2cos(𝑥)dxd[x2sin(x)]=dxd[x2]⋅sin(x)+x2⋅dxd[sin(x)]=2xsin(x)+x2cos(x)4. भाग नियम (Quotient Rule)
विधान: यदि 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) दोनों ही अवकलनीय फंक्शन्स हैं और 𝑔(𝑥)≠0g(x)=0, तो उनके भाग का डेरिवेटिव इस प्रकार दिया जाता है:
सूत्र:
𝑑𝑑𝑥[𝑓(𝑥)𝑔(𝑥)]=𝑓′(𝑥)𝑔(𝑥)−𝑓(𝑥)𝑔′(𝑥)[𝑔(𝑥)]2dxd[g(x)f(x)]=[g(x)]2f′(x)g(x)−f(x)g′(x)उदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=𝑥2f(x)=x2 और 𝑔(𝑥)=sin(𝑥)g(x)=sin(x), तो:
𝑑𝑑𝑥[𝑥2sin(𝑥)]=2𝑥sin(𝑥)−𝑥2cos(𝑥)[sin(𝑥)]2dxd[sin(x)x2]=[sin(x)]22xsin(x)−x2cos(x)5. श्रृंखला नियम (Chain Rule)
विधान: यदि 𝑓(𝑥)f(x) और 𝑔(𝑥)g(x) दोनों ही अवकलनीय फंक्शन्स हैं, और यदि 𝑦=𝑓(𝑔(𝑥))y=f(g(x)), तो 𝑦y का 𝑥x के सापेक्ष डेरिवेटिव 𝑓f का 𝑔g के सापेक्ष डेरिवेटिव और 𝑔g का 𝑥x के सापेक्ष डेरिवेटिव का गुणनफल होता है।
सूत्र:
𝑑𝑦𝑑𝑥=𝑑𝑓𝑑𝑔⋅𝑑𝑔𝑑𝑥dxdy=dgdf⋅dxdgउदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=sin(𝑥)f(x)=sin(x) और 𝑔(𝑥)=𝑥2g(x)=x2, तो:
𝑑𝑑𝑥[sin(𝑥2)]=cos(𝑥2)⋅𝑑𝑑𝑥[𝑥2]=cos(𝑥2)⋅2𝑥=2𝑥cos(𝑥2)dxd[sin(x2)]=cos(x2)⋅dxd[x2]=cos(x2)⋅2x=2xcos(x2)10.बहुपद और त्रिकोणमितीय फलनों के व्युत्पन्न - प्रमेय
1. बहुपदों के अवकलज
बहुपद फलनों के अवकलज निकालने की प्रक्रिया में प्रत्येक पद पर घात नियम लागू करना शामिल होता है।
प्रमेय: अवकलज के लिए घात नियम
यदि 𝑓(𝑥)=𝑥𝑛f(x)=xn है, जहां 𝑛n एक वास्तविक संख्या है, तो: 𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛)=𝑛𝑥𝑛−1dxd(xn)=nxn−1
एक सामान्य बहुपद का अवकलज
किसी सामान्य बहुपद फलन 𝑃(𝑥)=𝑎𝑛𝑥𝑛+𝑎𝑛−1𝑥𝑛−1+…+𝑎1𝑥+𝑎0P(x)=anxn+an−1xn−1+…+a1x+a0 के लिए, अवकलज इस प्रकार है: 𝑑𝑑𝑥𝑃(𝑥)=𝑎𝑛𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛)+𝑎𝑛−1𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛−1)+…+𝑎1𝑑𝑑𝑥(𝑥)+𝑑𝑑𝑥(𝑎0)dxdP(x)=andxd(xn)+an−1dxd(xn−1)+…+a1dxd(x)+dxd(a0) घात नियम का उपयोग करते हुए: 𝑃′(𝑥)=𝑎𝑛𝑛𝑥𝑛−1+𝑎𝑛−1(𝑛−1)𝑥𝑛−2+…+𝑎1⋅1P′(x)=annxn−1+an−1(n−1)xn−2+…+a1⋅1
उदाहरण: यदि 𝑓(𝑥)=3𝑥4−5𝑥3+2𝑥2−4𝑥+7f(x)=3x4−5x3+2x2−4x+7 हो: 𝑓′(𝑥)=3⋅4𝑥3−5⋅3𝑥2+2⋅2𝑥−4⋅1=12𝑥3−15𝑥2+4𝑥−4f′(x)=3⋅4x3−5⋅3x2+2⋅2x−4⋅1=12x3−15x2+4x−4
2. त्रिकोणमितीय फलनों के अवकलज
प्रमेय: मूलभूत त्रिकोणमितीय फलनों के अवकलज
- 𝑑𝑑𝑥(sin𝑥)=cos𝑥dxd(sinx)=cosx
- 𝑑𝑑𝑥(cos𝑥)=−sin𝑥dxd(cosx)=−sinx
- 𝑑𝑑𝑥(tan𝑥)=sec2𝑥dxd(tanx)=sec2x
- 𝑑𝑑𝑥(cot𝑥)=−csc2𝑥dxd(cotx)=−csc2x
- 𝑑𝑑𝑥(sec𝑥)=sec𝑥tan𝑥dxd(secx)=secxtanx
- 𝑑𝑑𝑥(csc𝑥)=−csc𝑥cot𝑥dxd(cscx)=−cscxcotx
मूलभूत त्रिकोणमितीय अवकलजों के प्रमाण:
sin𝑥sinx का अवकलज:
𝑑𝑑𝑥(sin𝑥)=limℎ→0sin(𝑥+ℎ)−sin𝑥ℎdxd(sinx)=limhsin(x+h)−sinxजोड़-घटाव पहचानियों का उपयोग करते हुए:
sin(𝑥+ℎ)=sin𝑥cosℎ+cos𝑥sinℎsin(x+h)=sinxcosh+cosxsinhप्रतिस्थापन:
sin(𝑥+ℎ)−sin𝑥ℎ=sin𝑥cosℎ+cos𝑥sinℎ−sin𝑥ℎhsin(x+h)−sinx=hsinxcosh+cosxsinh−sinx=sin𝑥(cosℎ−1ℎ)+cos𝑥(sinℎℎ)=sinx(hcosh−1)+cosx(hsinh)जैसे ही ℎ→0h→0, cosℎ−1ℎ→0hcosh−1→0 और sinℎℎ→1hsinh→1, तो:
𝑑𝑑𝑥(sin𝑥)=cos𝑥dxd(sinx)=cosxcos𝑥cosx का अवकलज:
𝑑𝑑𝑥(cos𝑥)=limℎ→0cos(𝑥+ℎ)−cos𝑥ℎdxd(cosx)=limhcos(x+h)−cosxजोड़-घटाव पहचानियों का उपयोग करते हुए:
cos(𝑥+ℎ)=cos𝑥cosℎ−sin𝑥sinℎcos(x+h)=cosxcosh−sinxsinhप्रतिस्थापन:
cos(𝑥+ℎ)−cos𝑥ℎ=cos𝑥cosℎ−sin𝑥sinℎ−cos𝑥ℎhcos(x+h)−cosx=hcosxcosh−sinxsinh−cosx=cos𝑥(cosℎ−1ℎ)−sin𝑥(sinℎℎ)=cosx(hcosh−1)−sinx(hsinh)जैसे ही ℎ→0h→0, cosℎ−1ℎ→0hcosh−1→0 और sinℎℎ→1hsinh→1, तो:
𝑑𝑑𝑥(cos𝑥)=−sin𝑥dxd(cosx)=−sinx
उदाहरण
sin(3𝑥)sin(3x) का अवकलज: श्रृंखला नियम का उपयोग करते हुए:
𝑑𝑑𝑥(sin(3𝑥))=cos(3𝑥)⋅𝑑𝑑𝑥(3𝑥)=3cos(3𝑥)dxd(sin(3x))=cos(3x)⋅dxd(3x)=3cos(3x)𝑥2sin𝑥x2sinx का अवकलज: गुणन नियम का उपयोग करते हुए:
𝑑𝑑𝑥(𝑥2sin𝑥)=𝑥2𝑑𝑑𝑥(sin𝑥)+sin𝑥𝑑𝑑𝑥(𝑥2)=𝑥2cos𝑥+2𝑥sin𝑥dxd(x2sinx)=x2dxd(sinx)+sinxdxd(x2)=x2cosx+2xsinx
11.व्यायाम प्रश्न
1. 𝑥2−2x2−2 का अवकलज 𝑥=10x=10 पर निकालें।
दी गई फंक्शन है 𝑓(𝑥)=𝑥2−2f(x)=x2−2।
अवकलज निकालने के लिए हम पावर नियम का उपयोग करते हैं: 𝑑𝑑𝑥𝑥𝑛=𝑛𝑥𝑛−1dxdxn=nxn−1।
𝑓′(𝑥)=𝑑𝑑𝑥(𝑥2)−𝑑𝑑𝑥(2)=2𝑥−0=2𝑥f′(x)=dxd(x2)−dxd(2)=2x−0=2x
अब, इस अवकलज को 𝑥=10x=10 पर निकालें:
𝑓′(10)=2(10)=20f′(10)=2(10)=20
तो, 𝑥2−2x2−2 का अवकलज 𝑥=10x=10 पर 2020 है।
2. 𝑥x का अवकलज 𝑥=1x=1 पर निकालें।
दी गई फंक्शन है 𝑓(𝑥)=𝑥f(x)=x।
𝑥x का अवकलज सरलता से 11 होता है, क्योंकि:
𝑑𝑑𝑥𝑥=1dxdx=1
तो, 𝑥x का अवकलज 𝑥=1x=1 पर 11 है।
3. 99𝑥99x का अवकलज 𝑥=100x=100 पर निकालें।
दी गई फंक्शन है 𝑓(𝑥)=99𝑥f(x)=99x।
99𝑥99x का अवकलज 9999 है, क्योंकि:
𝑑𝑑𝑥(99𝑥)=99dxd(99x)=99
तो, 99𝑥99x का अवकलज 𝑥=100x=100 पर 9999 है।
4. निम्नलिखित फंक्शन्स का अवकलज प्रथम सिद्धांत से निकालें।
(i) 𝑥3−27x3−27
प्रथम सिद्धांत का उपयोग करते हुए (अवकलज की परिभाषा):
𝑓′(𝑥)=limℎ→0𝑓(𝑥+ℎ)−𝑓(𝑥)ℎf′(x)=limh→0hf(x+h)−f(x)
𝑓(𝑥)=𝑥3−27f(x)=x3−27 के लिए:
𝑓′(𝑥)=limℎ→0(𝑥+ℎ)3−27−(𝑥3−27)ℎ=limℎ→0𝑥3+3𝑥2ℎ+3𝑥ℎ2+ℎ3−𝑥3ℎ=limℎ→03𝑥2ℎ+3𝑥ℎ2+ℎ3ℎ=limℎ→0(3𝑥2+3𝑥ℎ+ℎ2)=3𝑥2f′(x)=limh→0h(x+h)3−27−(x3−27)=limh→0hx3+3x2h+3xh2+h3−x3=limh→0h3x2h+3xh2+h3=limh→0(3x2+3xh+h2)=3x2
तो, 𝑥3−27x3−27 का अवकलज 3𝑥23x2 है।
(ii) (𝑥−1)(𝑥−2)(x−1)(x−2)
पहले फंक्शन को विस्तारित करें:
𝑓(𝑥)=(𝑥−1)(𝑥−2)=𝑥2−3𝑥+2f(x)=(x−1)(x−2)=x2−3x+2
अब, पावर नियम का उपयोग करते हुए:
𝑓′(𝑥)=𝑑𝑑𝑥(𝑥2−3𝑥+2)=2𝑥−3f′(x)=dxd(x2−3x+2)=2x−3
तो, (𝑥−1)(𝑥−2)(x−1)(x−2) का अवकलज 2𝑥−32x−3 है।
(iii) 1𝑥2x21
फंक्शन को इस रूप में पुनः लिखें: 𝑓(𝑥)=𝑥−2f(x)=x−2।
पावर नियम का उपयोग करते हुए:
𝑓′(𝑥)=𝑑𝑑𝑥(𝑥−2)=−2𝑥−3=−2𝑥3f′(x)=dxd(x−2)=−2x−3=−x32
तो, 1𝑥2x21 का अवकलज −2𝑥3−x32 है।
(iv) 𝑥+1𝑥−1x−1x+1
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए (𝑢𝑣)′=𝑢′𝑣−𝑢𝑣′𝑣2(vu)′=v2u′v−uv′, जहाँ 𝑢=𝑥+1u=x+1 और 𝑣=𝑥−1v=x−1:
𝑢=𝑥+1⇒𝑢′=1u=x+1⇒u′=1 𝑣=𝑥−1⇒𝑣′=1v=x−1⇒v′=1
𝑓′(𝑥)=(𝑥+1)′(𝑥−1)−(𝑥+1)(𝑥−1)′(𝑥−1)2=1(𝑥−1)−(𝑥+1)1(𝑥−1)2=𝑥−1−𝑥−1(𝑥−1)2=−2(𝑥−1)2f′(x)=(x−1)2(x+1)′(x−1)−(x+1)(x−1)′=(x−1)21(x−1)−(x+1)1=(x−1)2x−1−x−1=(x−1)2−2
तो, 𝑥+1𝑥−1x−1x+1 का अवकलज −2(𝑥−1)2−(x−1)22 है।
प्रश्न 6
𝑥𝑛+𝑎𝑥𝑛−1+𝑎2𝑥𝑛−2+…+𝑎𝑛−1𝑥+𝑎𝑛xn+axn−1+a2xn−2+…+an−1x+an का डेरिवेटिव निकालें।
प्रत्येक पद के लिए पावर नियम लागू करें।
समाधान:
𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛+𝑎𝑥𝑛−1+𝑎2𝑥𝑛−2+…+𝑎𝑛−1𝑥+𝑎𝑛)dxd(xn+axn−1+a2xn−2+…+an−1x+an)प्रत्येक पद का डेरिवेटिव निकालें:
=𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛)+𝑑𝑑𝑥(𝑎𝑥𝑛−1)+𝑑𝑑𝑥(𝑎2𝑥𝑛−2)+…+𝑑𝑑𝑥(𝑎𝑛−1𝑥)+𝑑𝑑𝑥(𝑎𝑛)=dxd(xn)+dxd(axn−1)+dxd(a2xn−2)+…+dxd(an−1x)+dxd(an)=𝑛𝑥𝑛−1+𝑎(𝑛−1)𝑥𝑛−2+𝑎2(𝑛−2)𝑥𝑛−3+…+𝑎𝑛−1=nxn−1+a(n−1)xn−2+a2(n−2)xn−3+…+an−1प्रश्न 7
प्रत्येक दिए गए फंक्शन का डेरिवेटिव निकालें।
(i) (𝑥−𝑎)(𝑥−𝑏)(x−a)(x−b)
प्रोडक्ट नियम का उपयोग करें:
𝑑𝑑𝑥[(𝑥−𝑎)(𝑥−𝑏)]=(𝑥−𝑎)𝑑𝑑𝑥(𝑥−𝑏)+(𝑥−𝑏)𝑑𝑑𝑥(𝑥−𝑎)dxd[(x−a)(x−b)]=(x−a)dxd(x−b)+(x−b)dxd(x−a)=(𝑥−𝑎)⋅1+(𝑥−𝑏)⋅1=(x−a)⋅1+(x−b)⋅1=𝑥−𝑎+𝑥−𝑏=x−a+x−b=2𝑥−(𝑎+𝑏)=2x−(a+b)(ii) (𝑥2+𝑏)2(x2+b)2
चेन नियम का उपयोग करें:
𝑑𝑑𝑥[(𝑥2+𝑏)2]=2(𝑥2+𝑏)⋅𝑑𝑑𝑥(𝑥2+𝑏)dxd[(x2+b)2]=2(x2+b)⋅dxd(x2+b)=2(𝑥2+𝑏)⋅2𝑥=2(x2+b)⋅2x=4𝑥(𝑥2+𝑏)=4x(x2+b)(iii) 𝑥−𝑎𝑥−𝑏x−bx−a
भाग नियम का उपयोग करें:
𝑑𝑑𝑥[𝑥−𝑎𝑥−𝑏]=(𝑥−𝑏)⋅𝑑𝑑𝑥(𝑥−𝑎)−(𝑥−𝑎)⋅𝑑𝑑𝑥(𝑥−𝑏)(𝑥−𝑏)2dxd[x−bx−a]=(x−b)2(x−b)⋅dxd(x−a)−(x−a)⋅dxd(x−b)=(𝑥−𝑏)⋅1−(𝑥−𝑎)⋅1(𝑥−𝑏)2=(x−b)2(x−b)⋅1−(x−a)⋅1= \frac{x-b - (x-a)}{(x-b)^2} = \frac{-b + a}{(x-b)^2} = \frac{a-b}{(x-b)^2}
प्रश्न 8
𝑥𝑛−𝑎𝑛𝑥−𝑎x−axn−an का डेरिवेटिव निकालें।
यह 𝑥=𝑎x=a पर डेरिवेटिव की सीमा परिभाषा है। हम L'Hôpital के नियम का उपयोग करते हैं क्योंकि यह 0000 रूप में परिणाम करता है।
L'Hôpital का नियम का उपयोग करें:
𝑑𝑑𝑥[𝑥𝑛−𝑎𝑛𝑥−𝑎]=lim𝑥→𝑎𝑑𝑑𝑥(𝑥𝑛−𝑎𝑛)𝑑𝑑𝑥(𝑥−𝑎)dxd[x−axn−an]=limdxd(x−a)dxd(xn−an)= \lim_{x \to a} \frac{nx^{n-1}}{1} = n a^{n-1}
प्रश्न 9
प्रत्येक दिए गए फंक्शन का डेरिवेटिव निकालें।
(i) 2𝑥−342x−43
समाधान: \frac{d}{dx}\left(2x - \frac{3}{4}\right) = 2
(ii) (5𝑥2+3𝑥−1)(𝑥−1)(5x2+3x−1)(x−1)
प्रोडक्ट नियम का उपयोग करें: frac{d}{dx}[(5x^2 + 3x - 1)(x - 1)] = (5x^2 + 3x - 1) \cdot \frac{d}{dx}(x - 1) + (x - 1) \cdot \frac{d}{dx}(5x^2 + 3x - 1) = (5x^2 + 3x - 1) \cdot 1 + (x - 1) \cdot (10x + 3) = 5x^2 + 3x - 1 + (x - 1)(10x + 3) = 5x^2 + 3x - 1 + 10x^2 + 3x - 10x - 3 = 15x^2 + 6x - 4
(iii) 𝑥−3(5+3𝑥)x−3(5+3x)
प्रोडक्ट नियम का उपयोग करें: \frac{d}{dx}\left[x^{-3}(5 + 3x)\right] = x^{-3} \cdot \frac{d}{dx}(5 + 3x) + (5 + 3x) \cdot \frac{d}{dx}(x^{-3}) = x^{-3} \cdot 3 + (5 + 3x) \cdot (-3x^{-4}) = 3x^{-3} - 15x^{-4} - 9x^{-3} = -6x^{-3} - 15x^{-4}
(iv) 𝑥5(3−6𝑥−9)x5(3−6x−9)
प्रोडक्ट नियम का उपयोग करें: \frac{d}{dx}\left[x^5(3 - 6x^{-9})\right] = x^5 \cdot \frac{d}{dx}(3 - 6x^{-9}) + (3 - 6x^{-9}) \cdot \frac{d}{dx}(x^5) = x^5 \cdot (-6) \cdot (-9x^{-10}) + (3 - 6x^{-9}) \cdot (5x^4) = 54x^{-5} + 15x^4 - 30x^{-5} = 15x^4 + 24x^{-5}
12.व्यायाम प्रश्न
1. (𝑥+𝑎)(x+a)
𝑓(𝑥)=𝑥+𝑎f(x)=x+a रेखीय फ़ंक्शन का अवकलज 𝑥x का गुणांक होता है: 𝑓′(𝑥)=1f′(x)=1
2. (𝑝𝑥+𝑞)(px+q)
𝑓(𝑥)=𝑝𝑥+𝑞f(x)=px+q रेखीय फ़ंक्शन का अवकलज 𝑥x का गुणांक होता है: 𝑓′(𝑥)=𝑝f′(x)=p
3. −𝑟+𝑠𝑥x−r+s
फ़ंक्शन को पुनर्लेखित करें: 𝑓(𝑥)=(−𝑟+𝑠)𝑥−1f(x)=(−r+s)x−1 पावर नियम का उपयोग करते हुए: 𝑓′(𝑥)=(−𝑟+𝑠)(−1)𝑥−2=−(𝑟−𝑠)𝑥2f′(x)=(−r+s)(−1)x−2=x2−(r−s)
4. (𝑎𝑥+𝑏)(𝑐𝑥+𝑑)2(cx+d)2(ax+b)
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए (𝑢𝑣)′=𝑢′𝑣−𝑢𝑣′𝑣2(vu)′=v2u′v−uv′: 𝑢=𝑎𝑥+𝑏⇒𝑢′=𝑎u=ax+b⇒u′=a 𝑣=(𝑐𝑥+𝑑)2⇒𝑣′=2(𝑐𝑥+𝑑)𝑐v=(cx+d)2⇒v′=2(cx+d)c
𝑓′(𝑥)=𝑎(𝑐𝑥+𝑑)2−(𝑎𝑥+𝑏)2𝑐(𝑐𝑥+𝑑)(𝑐𝑥+𝑑)4=𝑎(𝑐𝑥+𝑑)−2𝑐(𝑎𝑥+𝑏)(𝑐𝑥+𝑑)3f′(x)=(cx+d)4a(cx+d)2−(ax+b)2c(cx+d)=(cx+d)3a(cx+d)−2c(ax+b)
5. 𝑎𝑥+𝑏𝑐𝑥+𝑑cx+dax+b
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=𝑎𝑥+𝑏⇒𝑢′=𝑎u=ax+b⇒u′=a 𝑣=𝑐𝑥+𝑑⇒𝑣′=𝑐v=cx+d⇒v′=c
𝑓′(𝑥)=𝑎(𝑐𝑥+𝑑)−(𝑎𝑥+𝑏)𝑐(𝑐𝑥+𝑑)2=𝑎𝑐𝑥+𝑎𝑑−𝑎𝑐𝑥−𝑏𝑐(𝑐𝑥+𝑑)2=𝑎𝑑−𝑏𝑐(𝑐𝑥+𝑑)2f′(x)=(cx+d)2a(cx+d)−(ax+b)c=(cx+d)2acx+ad−acx−bc=(cx+d)2ad−bc
6. 1𝑥+11−1𝑥1−x1x1+1
फ़ंक्शन को पहले सरल बनाएं: 𝑓(𝑥)=1+𝑥𝑥−1f(x)=x−11+x
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=1+𝑥⇒𝑢′=1u=1+x⇒u′=1 𝑣=𝑥−1⇒𝑣′=1v=x−1⇒v′=1
𝑓′(𝑥)=(1)(𝑥−1)−(1+𝑥)(1)(𝑥−1)2=𝑥−1−1−𝑥(𝑥−1)2=−2(𝑥−1)2f′(x)=(x−1)2(1)(x−1)−(1+x)(1)=(x−1)2x−1−1−x=(x−1)2−2
7. 1𝑎𝑥2+𝑏𝑥+𝑐ax2+bx+c1
श्रृंखला नियम का उपयोग करते हुए 𝑑𝑑𝑥[𝑔(ℎ(𝑥))]=𝑔′(ℎ(𝑥))ℎ′(𝑥)dxd[g(h(x))]=g′(h(x))h′(x): 𝑓(𝑥)=(𝑎𝑥2+𝑏𝑥+𝑐)−1f(x)=(ax2+bx+c)−1 𝑔(ℎ)=ℎ−1⇒𝑔′(ℎ)=−ℎ−2g(h)=h−1⇒g′(h)=−h−2 ℎ(𝑥)=𝑎𝑥2+𝑏𝑥+𝑐⇒ℎ′(𝑥)=2𝑎𝑥+𝑏h(x)=ax2+bx+c⇒h′(x)=2ax+b
𝑓′(𝑥)=−(𝑎𝑥2+𝑏𝑥+𝑐)−2(2𝑎𝑥+𝑏)=−2𝑎𝑥+𝑏(𝑎𝑥2+𝑏𝑥+𝑐)2f′(x)=−(ax2+bx+c)−2(2ax+b)=−(ax2+bx+c)22ax+b
8. 𝑎𝑥+𝑏𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟px2+qx+rax+b
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=𝑎𝑥+𝑏⇒𝑢′=𝑎u=ax+b⇒u′=a 𝑣=𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟⇒𝑣′=2𝑝𝑥+𝑞v=px2+qx+r⇒v′=2px+q
𝑓′(𝑥)=𝑎(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)−(𝑎𝑥+𝑏)(2𝑝𝑥+𝑞)(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)2=𝑎𝑝𝑥2+𝑎𝑞𝑥+𝑎𝑟−2𝑎𝑝𝑥2−𝑎𝑞𝑥−2𝑏𝑝𝑥−𝑏𝑞(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)2f′(x)=(px2+qx+r)2a(px2+qx+r)−(ax+b)(2px+q)=(px2+qx+r)2apx2+aqx+ar−2apx2−aqx−2bpx−bq
𝑓′(𝑥)=𝑎𝑝𝑥2−2𝑎𝑝𝑥2+𝑎𝑞𝑥−𝑎𝑞𝑥+𝑎𝑟−2𝑏𝑝𝑥−𝑏𝑞(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)2=−𝑎𝑝𝑥2+𝑎𝑟−2𝑏𝑝𝑥−𝑏𝑞(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)2f′(x)=(px2+qx+r)2apx2−2apx2+aqx−aqx+ar−2bpx−bq=(px2+qx+r)2−apx2+ar−2bpx−bq
9. 𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟𝑎𝑥+𝑏ax+bpx2+qx+r
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟⇒𝑢′=2𝑝𝑥+𝑞u=px2+qx+r⇒u′=2px+q 𝑣=𝑎𝑥+𝑏⇒𝑣′=𝑎v=ax+b⇒v′=a
𝑓′(𝑥)=(2𝑝𝑥+𝑞)(𝑎𝑥+𝑏)−(𝑝𝑥2+𝑞𝑥+𝑟)𝑎(𝑎𝑥+𝑏)2f′(x)=(ax+b)2(2px+q)(ax+b)−(px2+qx+r)a
10. 𝑎𝑥4+𝑏𝑥2+cos𝑥x4a+x2b+cosx
फ़ंक्शन को पुनर्लेखित करें: 𝑓(𝑥)=𝑎𝑥−4+𝑏𝑥−2+cos𝑥f(x)=ax−4+bx−2+cosx पावर नियम और त्रिकोणमितीय अवकलज का उपयोग करते हुए: 𝑓′(𝑥)=−4𝑎𝑥−5−2𝑏𝑥−3−sin𝑥f′(x)=−4ax−5−2bx−3−sinx
11. 4𝑥2−24x2−2
श्रृंखला नियम का उपयोग करते हुए: 𝑓(𝑥)=4(𝑥2−2)1/2f(x)=4(x2−2)1/2 𝑔(ℎ)=ℎ1/2⇒𝑔′(ℎ)=12ℎ−1/2g(h)=h1/2⇒g′(h)=21h−1/2 ℎ(𝑥)=𝑥2−2⇒ℎ′(𝑥)=2𝑥h(x)=x2−2⇒h′(x)=2x
𝑓′(𝑥)=4⋅12(𝑥2−2)−1/2⋅2𝑥=4𝑥𝑥2−2f′(x)=4⋅21(x2−2)−1/2⋅2x=x2−24x
12. (𝑎𝑥+𝑏)𝑛(ax+b)n
श्रृंखला नियम का उपयोग करते हुए: 𝑓(𝑥)=(𝑎𝑥+𝑏)𝑛f(x)=(ax+b)n 𝑔(ℎ)=ℎ𝑛⇒𝑔′(ℎ)=𝑛ℎ𝑛−1g(h)=hn⇒g′(h)=nhn−1 ℎ(𝑥)=𝑎𝑥+𝑏⇒ℎ′(𝑥)=𝑎h(x)=ax+b⇒h′(x)=a
𝑓′(𝑥)=𝑛(𝑎𝑥+𝑏)𝑛−1⋅𝑎=𝑛𝑎(𝑎𝑥+𝑏)𝑛−1f′(x)=n(ax+b)n−1⋅a=na(ax+b)n−1
13. (𝑎𝑥+𝑏)𝑛(𝑐𝑥+𝑑)𝑚(ax+b)n(cx+d)m
गुणन नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=(𝑎𝑥+𝑏)𝑛⇒𝑢′=𝑛𝑎(𝑎𝑥+𝑏)𝑛−1u=(ax+b)n⇒u′=na(ax+b)n−1 𝑣=(𝑐𝑥+𝑑)𝑚⇒𝑣′=𝑚𝑐(𝑐𝑥+𝑑)𝑚−1v=(cx+d)m⇒v′=mc(cx+d)m−1
𝑓′(𝑥)=(𝑎𝑥+𝑏)𝑛⋅𝑚𝑐(𝑐𝑥+𝑑)𝑚−1+(𝑐𝑥+𝑑)𝑚⋅𝑛𝑎(𝑎𝑥+𝑏)𝑛−1f′(x)=(ax+b)n⋅mc(cx+d)m−1+(cx+d)m⋅na(ax+b)n−1
14. sin(𝑥+𝑎)sin(x+a)
श्रृंखला नियम का उपयोग करते हुए: 𝑓(𝑥)=sin(𝑥+𝑎)f(x)=sin(x+a) 𝑔(ℎ)=sinℎ⇒𝑔′(ℎ)=cosℎg(h)=sinh⇒g′(h)=cosh ℎ(𝑥)=𝑥+𝑎⇒ℎ′(𝑥)=1h(x)=x+a⇒h′(x)=1
𝑓′(𝑥)=cos(𝑥+𝑎)f′(x)=cos(x+a)
15. csc𝑥cot𝑥cscxcotx
गुणन नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=csc𝑥⇒𝑢′=−csc𝑥cot𝑥u=cscx⇒u′=−cscxcotx 𝑣=cot𝑥⇒𝑣′=−csc2𝑥v=cotx⇒v′=−csc2x
𝑓′(𝑥)=csc𝑥⋅(−csc2𝑥)+cot𝑥⋅(−csc𝑥cot𝑥)=−csc3𝑥−csc𝑥cot2𝑥f′(x)=cscx⋅(−csc2x)+cotx⋅(−cscxcotx)=−csc3x−cscxcot2x
16. cos𝑥1+sin𝑥1+sinxcosx
भाग फल नियम का उपयोग करते हुए: 𝑢=cos𝑥⇒𝑢′=−sin𝑥u=cosx⇒u′=−sinx 𝑣=1+sin𝑥⇒𝑣′=cos𝑥v=1+sinx⇒v′=cosx
𝑓′(𝑥)=(−sin𝑥)(1+sin𝑥)−(cos𝑥)(cos𝑥)(1+sin𝑥)2=−sin𝑥−sin2𝑥−cos2𝑥(1+sin𝑥)2=−sin𝑥−1(1+sin𝑥)2=−1−sin𝑥(1+sin𝑥)2f′(x)=(1+sinx)2(−sinx)(1+sinx)−(cosx)(cosx)=(1+sinx)2−sinx−sin2x−cos2x=(1+sinx)2−sinx−1=(1+sinx)2−1−sin